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अवैध खनन से बने तालाब ने ले ली किशोरी की जान
Updated Sun, 10 Sep 2017 12:04 AM IST
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अवैध खनन से बने तालाब ने ले ली किशोरी की जान
- फोटो : लखीमपुर खीरी, अमर उजाला
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तिकुनिया खीरी (लखीमपुर खीरी)।
गांव रायपुर के दक्षिण स्थित अवैध खनन से बने तालाब में शुक्रवार को 15 वर्षीय किशोरी की मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीण हादसे के लिए खनन करने वालों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उधर, पुलिस ने शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया।
बता दें कि आदर्श ग्राम पंचायत रायपुर के दक्षिण में करीब 300 मीटर की दूरी पर एक तालाब है। गांव के लोगों का कहना है कि आदर्श तालाब के पास ग्राम पंचायत की काफी जमीन खाली पड़ी थी, जिसमें से कई साल से गांव के कुछ लोग खनन कर रहे थे। मिट्टी निकलने से उस जगह पर करीब 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जिसमें बारिश का पानी भरने से वह और गहरा गया था।
गांव निवासी शंकर की 12 वर्षीय पुत्री पुष्पा, नंदराम की 15 वर्षीय बेटी शिवानी और गांव की मोहिनी शुक्रवार को गुजरी के फूल तोड़ने इसी तालाब में घुस गई थी। बच्चियों को इसकी गहराई का आभास नहीं था। गहरे पानी में जाने से तीनों डूबने लगीं। आसपास खेल रहे बच्चों के शोर मचाने पर पुष्पा के पिता शंकर तालाब में कूद गए। उन्होंने तीनों को तालाब से बाहर निकाला। इसमें शिवानी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुष्पा और मोहिनी को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पुष्पा और मोहिनी की हालत अब ठीक बताई गई है। नंदराम ने बताया कि शिवानी की मां की मौत तीन साल पहले पहले हो चुकी है।
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शनिवार दोपहर कोतवाल अजय कुमार सिंह ने घटना स्थल की जांच की। हादसे की सूचना कोतवाली में न देने पर चौकीदार नंदकिशोर को फटकार लगाई और कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी।
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गांव रायपुर के दक्षिण स्थित अवैध खनन से बने तालाब में शुक्रवार को 15 वर्षीय किशोरी की मौत से गांव के लोग स्तब्ध हैं। ग्रामीण हादसे के लिए खनन करने वालों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। उधर, पुलिस ने शनिवार को घटना स्थल का निरीक्षण किया।
बता दें कि आदर्श ग्राम पंचायत रायपुर के दक्षिण में करीब 300 मीटर की दूरी पर एक तालाब है। गांव के लोगों का कहना है कि आदर्श तालाब के पास ग्राम पंचायत की काफी जमीन खाली पड़ी थी, जिसमें से कई साल से गांव के कुछ लोग खनन कर रहे थे। मिट्टी निकलने से उस जगह पर करीब 15 फीट गहरा गड्ढा हो गया, जिसमें बारिश का पानी भरने से वह और गहरा गया था।
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गांव निवासी शंकर की 12 वर्षीय पुत्री पुष्पा, नंदराम की 15 वर्षीय बेटी शिवानी और गांव की मोहिनी शुक्रवार को गुजरी के फूल तोड़ने इसी तालाब में घुस गई थी। बच्चियों को इसकी गहराई का आभास नहीं था। गहरे पानी में जाने से तीनों डूबने लगीं। आसपास खेल रहे बच्चों के शोर मचाने पर पुष्पा के पिता शंकर तालाब में कूद गए। उन्होंने तीनों को तालाब से बाहर निकाला। इसमें शिवानी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पुष्पा और मोहिनी को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पुष्पा और मोहिनी की हालत अब ठीक बताई गई है। नंदराम ने बताया कि शिवानी की मां की मौत तीन साल पहले पहले हो चुकी है।
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शनिवार दोपहर कोतवाल अजय कुमार सिंह ने घटना स्थल की जांच की। हादसे की सूचना कोतवाली में न देने पर चौकीदार नंदकिशोर को फटकार लगाई और कार्यशैली में सुधार लाने की हिदायत दी।