फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   तीन महीने पहले टेडुई मोड़ पर मिला था शव

तीन महीने पहले टेडुई मोड़ पर मिला था शव

Fri, 01 Mar 2019 12:20 AM IST
pawan chandra पवन चंद्रा
Updated Fri, 01 Mar 2019 12:20 AM IST
विज्ञापन
तीन महीने पहले टेडुई मोड़ पर मिला था शव
लखीमपुर खीरी। डीएम के आदेश पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार महीने पहले दफनाए गए शहर के मोहल्ला बेगमबाग निवासी मेराज का शव कब्र से निकलवाकर पोस्टमार्टम कराया है। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने तथ्यात्मक रिपोर्ट के लिए कंकाल को विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेज दिया है। पुलिस उसकी मौत को हादसा बताकर कार्रवाई कर रही है, जबकि परिवार के लोग हत्या का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस की कार्रवाई से नाराज परिवार वालों ने दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग डीएम से की थी।
विज्ञापन

मोहल्ला बेगमबाग निवासी शब्बन उर्फ शब्बे के पुत्र मेराज (22) का शव 20 अक्तूबर की शाम लखीमपुर-शारदानगर मार्ग पर टेडुई के पास बरामद हुआ था। पुलिस सड़क दुर्घटना में उसकी मौत होने की बात कह रही थी, जबकि घर वाले हत्या कर शव फेंके जाने का आरोप लगा रहे थे। पुलिस की कार्रवाई से नाराज घर वाले एसपी से लेकर अन्य पुलिस अफसरों से शिकायत की और मोहल्ले के ही कुछ लोगों को नामजद कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। मृतक के पिता शब्बन उर्फ शब्बे कई लोगों के साथ डीएम से मिले थे और दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की थी। डीएम के आदेश पर एसडीएम सदर डॉ. अरुण कुमार सिंह, एएसपी/सीओ सिटी आरके वर्मा ने मौके पर पहुंचकर शव कब्र से बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। तीन डॉक्टरों के पैनल ने यह निष्कर्ष निकाला कि तथ्यात्मक रिपोर्ट के लिए कंकाल की जांच विधि विज्ञान प्रयोगशाला ही सक्षम है, इसलिए इसकी जांच वहीं से कराई जाए। साथ ही कंकाल पुलिस को लौटा दिया है।
विज्ञापन


था पूरा मामलायह
मोहल्ला बेगमबाग निवासी मेराज चालक था और मोहल्ले के ही बबलू की पिकअप चलाता था। घर वालों का कहना था कि घटना की शाम को पिकअप मालिक ने पतरासी से बुकिंग लेकर कानपूर जाने के लिए कहा था। वह तैयार होकर घर से निकल रहा था। इसी बीच मोहल्ले के ही दो युवक आ गए और उसके भाई को साथ लेकर चले गए। रात करीब 11.30 बजे पिकअप मालिक उसके घर आए और बताया कि पतरासी से पाटी फोन कर रही है। मेराज गाड़ी लेकर नहीं पहुंचा है। पार्टी ने 9.55 पर मेराज के मोबाइल पर कॉल की। किसी ने कॉल रिसीव की, लेकिन बिना कुछ बोले तुरंत काट दी। इसके बाद से मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। रविवार की तड़के 3.15 बजे अस्पताल से किसी ने फोन कर सूचना दी कि मेराज जिला अस्पताल में भर्ती है। जब वह लोग अस्पताल पहुंचे तो देखा भाई मृत अवस्था में पड़ा था। उसके गले और शरीर पर चोटों के निशान थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर वाले हत्या का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव से मौत होना दर्शाया गया था, जिससे प्रतीत हो रहा था कि सड़क हादसे में मौत हुई है।
- आरके वर्मा, एएसपी-सीओ सिटी
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed