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योगी जी.. यहां तो दम तोड़ गई एंटी रोमियो टीम
Updated Tue, 08 May 2018 12:48 AM IST
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07 एलकेएच 5
योगी जी... यहां तो कहीं दिखती ही नहीं एंटी रोमियो टीम
देहात में नहीं दिखती एंटी रोमियों टीम की गतिविधियां
स्कूल आते-जाते छात्राओं में दिखता है शोहदों का डर
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
छेड़छाड़ की बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हर जिले में एंटी रोमियो टीमें गठित की गई थी। यह टीमें थाना स्तर पर भी बनाई गई थीं। शहर में तो टीम स्कूलों और कॉलेजों के पास दिखती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में एंटी रोमियो टीमों की गतिविधियां थम गई हैं। अब यह टीमें थाना से बाहर नहीं निकलती हैं। इससे स्कूल आती-जाती छात्राओं में शोहदों का डर बना रहता है। अभिभावक भी इन घटनाओं के प्रति हर समय सशंकित रहते हैं।
खासतौर पर स्कूली छात्राओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो टीम का गठन हुआ था। शोहदों पर शिकंजा कसने के लिए थाना स्तर पर टीमें गठित ती गईं थीं। थानों पर गठित टीमों की कमान थानेदारों को सौंपी गई थी, जबकि शहर में महिला थाना प्रभारी को टीम का प्रभारी बनाया गया था। शुरुआती दौर में मनचलों पर लगाम कसने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी टीमें करीब एक माह तक दौड़ीं। टीमों ने स्कूल-कॉलेजों के बाहर खड़े होने वाले युवाओं को पकड़ा भी, लेकिन उन पर कार्रवाई न करने की बजाय चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया। शहर में एंटी रोमियो टीम तो अब भी सक्रिय है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह टीमें शुरुआत के करीब एक महीने तो दिखीं, लेकिन इसके बाद उनकी गतिविधियां ठप हो गईं। निघासन, पलिया, धौरहरा, तिकुनियां, मोहम्मदी, गोला जैसे स्थानों पर एंटी रोमियो की गतिविधियां नहीं दिख रही हैं। शहर में सोमवार को भी महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हंसमती ने कई स्कूल और कॉलेजों के पास छापामारी की। इस दौरान बेवजह खड़े युवाओं को जमकर फटकार लगाई और उन्हें चेतावनी भी दी।
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सीएम के आदेशों के पालन में फेल दिख रहे अफसर
जिले में बेदम हुई एंटी रोमियो टीम को लेकर जिले के अफसर भी सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं और न ही मातहत। इससे अफसर मुख्यमंत्री के आदेश का पालन कराने में असफल साबित हो रहे हैं। नतीजतन सड़कों पर महिलाओं, छात्राओं पर फब्तियां कसने, छेड़छाड़ करने की हरकतें शोहदों की जारी हैं।
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महिला सिपाहियों पर भी फब्तियां कस चुके शोहदे
जिले में जब एंटी रोमियो की टीम गठित हुई तो कुछ महिला सिपाही सिविल ड्रेसों के पास स्कूल और कॉलेजों के निकट घूमने लगीं। मिश्राना पुलिस चौकी के पास शोहदों ने सिविल ड्रेस में घूम रही एक महिला सिपाही को भी नहीं बक्शा और उन पर भी फब्तियां कसीं थीं। हालांकि सिपाही ने हिम्मत जुटाई और शोहदों को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की थी। हालांकि बाद में उसके माफी मांगे जाने पर पुलिस ने छोड़ दिया था।
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छात्राओं में शोहदों का डर बरकरार
स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं में शोहदों का डर अब भी बरकरार है। सबसे खराब हालत ग्रामीण इलाकों की है। दूर-दूर के गांवों से छात्राएं साइकिलों से स्कूल आती-जाती हैं। एंटी रोमियों टीम के स्कूल-कॉलेजों में न आने से सुबह और छुट्टी होने के समय शोहदों का जमाववाड़ा लगा रहता है। शोहदे छात्राओं से अश्लील फब्तियां ही नहीं कसते, बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ भी करते हैं।
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महीनों गुजर गए निघासन में नहीं दिखी टीम
निघासन। राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य निधि सिंह बताती हैं। शुरुआत में जब टीमें गठित हुई थी तब से लेकर अब तक दो-तीन बार ही टीम आई होगी। टीम के आने से छात्राएं अपने को काफी सुरक्षित महसूस करती थीं। उधर, जिला पंचायत इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जगदीश त्रिपाठी की माने तो आज तक टीम उनके कॉलेज महज दो बार आई है। स्कूल गेट से लेकर चौराहा तक खुराफाती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं को काफी दिक्कत होती है।
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कहते हैं लोग
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स्कूल और कॉलेज के पास तो असर पड़ा है, लेकिन सड़कों पर हालात में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। जिससे व्यवस्था को संतोष जनक बताया जा सके। - छाया पांडेय, छात्रा
2.
07 एलकेएच 7
युवकों पर सख्ती का कोई असर नहीं दिख रहा है। स्कूल-कॉलेजों के पास बेवजह खड़े मिलने वालों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। - पूनम मिश्रा, गृहणी
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मुझे अभी तीन दिन ज्वाइन किए हुए हुआ है। मैं स्वयं इसे देखती हूं। सभी टीमों को एक्टिव किया जाएगा। इसका रिजल्ट भी अच्छा होगा। - श्रेष्ठा ठाकुर, सीओ धौरहरा/प्रभारी एंटी रोमियो स्क्वाड
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कागजों तक ही सीमित है टीम
पलियाकलां। थानास्तर पर गठित एंटी रोमियो स्कवायड किसी भी स्कूल में नहीं पहुंच रहा है। इसका पता तब लगा जब स्कूलों व कॉलेजों में जाकर इसकी पड़ताल की गई। कई-कई स्कूलों में तो एंटी रोमियो टीम ने दर्शन तक नहीं दिए हैं। जिससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एंटी रोमियो टीम असलियत में चल रही है या फिर कागजों तक ही सीमित है। बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डोरीलाल भार्गव ने बताया कि कॉलेज में तथा कालेज के बाहर कई महीनों से रोमियो टीम नहीं आई है। हालांकि कॉलेज के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा है जिसके कारण यहां शोहदे नहीं आते हैं।
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फोटोलाइन 07एलकेएच 302
कहीं नहीं दिखाई देते एंटी रोमियो दल के सदस्य
मोहम्मदी। भाजपा सरकार ने शपथ लेते ही एंटी रोमियो दल का गठन कर स्कूल कालेजों, मेन चौराहे पर इसके तैनाती की घोषणा की थी लेकिन साल भर बाद भी किसी कालेज के बाहर एंटी रोमियो दल दिखाई नहीं दिया। वहीं प्रधानाचार्य जेपी कालेज मनोज खरे, पीडी कॉलेज एसएन वर्मा, युग निर्माण कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य किरन शुक्ला ने बताया कभी कोई एंटी रोमियो दल के सदस्य यहां नहीं आए।
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योगी जी... यहां तो कहीं दिखती ही नहीं एंटी रोमियो टीम
देहात में नहीं दिखती एंटी रोमियों टीम की गतिविधियां
स्कूल आते-जाते छात्राओं में दिखता है शोहदों का डर
अमर उजाला ब्यूरो
लखीमपुर खीरी।
छेड़छाड़ की बढ़ रही घटनाओं पर रोक लगाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर हर जिले में एंटी रोमियो टीमें गठित की गई थी। यह टीमें थाना स्तर पर भी बनाई गई थीं। शहर में तो टीम स्कूलों और कॉलेजों के पास दिखती है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में एंटी रोमियो टीमों की गतिविधियां थम गई हैं। अब यह टीमें थाना से बाहर नहीं निकलती हैं। इससे स्कूल आती-जाती छात्राओं में शोहदों का डर बना रहता है। अभिभावक भी इन घटनाओं के प्रति हर समय सशंकित रहते हैं।
खासतौर पर स्कूली छात्राओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो टीम का गठन हुआ था। शोहदों पर शिकंजा कसने के लिए थाना स्तर पर टीमें गठित ती गईं थीं। थानों पर गठित टीमों की कमान थानेदारों को सौंपी गई थी, जबकि शहर में महिला थाना प्रभारी को टीम का प्रभारी बनाया गया था। शुरुआती दौर में मनचलों पर लगाम कसने के लिए शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी टीमें करीब एक माह तक दौड़ीं। टीमों ने स्कूल-कॉलेजों के बाहर खड़े होने वाले युवाओं को पकड़ा भी, लेकिन उन पर कार्रवाई न करने की बजाय चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया। शहर में एंटी रोमियो टीम तो अब भी सक्रिय है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह टीमें शुरुआत के करीब एक महीने तो दिखीं, लेकिन इसके बाद उनकी गतिविधियां ठप हो गईं। निघासन, पलिया, धौरहरा, तिकुनियां, मोहम्मदी, गोला जैसे स्थानों पर एंटी रोमियो की गतिविधियां नहीं दिख रही हैं। शहर में सोमवार को भी महिला थाना प्रभारी इंस्पेक्टर हंसमती ने कई स्कूल और कॉलेजों के पास छापामारी की। इस दौरान बेवजह खड़े युवाओं को जमकर फटकार लगाई और उन्हें चेतावनी भी दी।
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सीएम के आदेशों के पालन में फेल दिख रहे अफसर
जिले में बेदम हुई एंटी रोमियो टीम को लेकर जिले के अफसर भी सक्रिय नहीं दिखाई दे रहे हैं और न ही मातहत। इससे अफसर मुख्यमंत्री के आदेश का पालन कराने में असफल साबित हो रहे हैं। नतीजतन सड़कों पर महिलाओं, छात्राओं पर फब्तियां कसने, छेड़छाड़ करने की हरकतें शोहदों की जारी हैं।
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महिला सिपाहियों पर भी फब्तियां कस चुके शोहदे
जिले में जब एंटी रोमियो की टीम गठित हुई तो कुछ महिला सिपाही सिविल ड्रेसों के पास स्कूल और कॉलेजों के निकट घूमने लगीं। मिश्राना पुलिस चौकी के पास शोहदों ने सिविल ड्रेस में घूम रही एक महिला सिपाही को भी नहीं बक्शा और उन पर भी फब्तियां कसीं थीं। हालांकि सिपाही ने हिम्मत जुटाई और शोहदों को पकड़कर उसकी जमकर पिटाई की थी। हालांकि बाद में उसके माफी मांगे जाने पर पुलिस ने छोड़ दिया था।
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छात्राओं में शोहदों का डर बरकरार
स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं में शोहदों का डर अब भी बरकरार है। सबसे खराब हालत ग्रामीण इलाकों की है। दूर-दूर के गांवों से छात्राएं साइकिलों से स्कूल आती-जाती हैं। एंटी रोमियों टीम के स्कूल-कॉलेजों में न आने से सुबह और छुट्टी होने के समय शोहदों का जमाववाड़ा लगा रहता है। शोहदे छात्राओं से अश्लील फब्तियां ही नहीं कसते, बल्कि उनके साथ छेड़छाड़ भी करते हैं।
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महीनों गुजर गए निघासन में नहीं दिखी टीम
निघासन। राजकीय इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य निधि सिंह बताती हैं। शुरुआत में जब टीमें गठित हुई थी तब से लेकर अब तक दो-तीन बार ही टीम आई होगी। टीम के आने से छात्राएं अपने को काफी सुरक्षित महसूस करती थीं। उधर, जिला पंचायत इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य जगदीश त्रिपाठी की माने तो आज तक टीम उनके कॉलेज महज दो बार आई है। स्कूल गेट से लेकर चौराहा तक खुराफाती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे कॉलेज आने-जाने वाली छात्राओं को काफी दिक्कत होती है।
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कहते हैं लोग
07 एलकेएच 6
स्कूल और कॉलेज के पास तो असर पड़ा है, लेकिन सड़कों पर हालात में कोई बदलाव नहीं दिख रहा है। जिससे व्यवस्था को संतोष जनक बताया जा सके। - छाया पांडेय, छात्रा
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युवकों पर सख्ती का कोई असर नहीं दिख रहा है। स्कूल-कॉलेजों के पास बेवजह खड़े मिलने वालों पर पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। - पूनम मिश्रा, गृहणी
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मुझे अभी तीन दिन ज्वाइन किए हुए हुआ है। मैं स्वयं इसे देखती हूं। सभी टीमों को एक्टिव किया जाएगा। इसका रिजल्ट भी अच्छा होगा। - श्रेष्ठा ठाकुर, सीओ धौरहरा/प्रभारी एंटी रोमियो स्क्वाड
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कागजों तक ही सीमित है टीम
पलियाकलां। थानास्तर पर गठित एंटी रोमियो स्कवायड किसी भी स्कूल में नहीं पहुंच रहा है। इसका पता तब लगा जब स्कूलों व कॉलेजों में जाकर इसकी पड़ताल की गई। कई-कई स्कूलों में तो एंटी रोमियो टीम ने दर्शन तक नहीं दिए हैं। जिससे खुद ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि एंटी रोमियो टीम असलियत में चल रही है या फिर कागजों तक ही सीमित है। बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डोरीलाल भार्गव ने बताया कि कॉलेज में तथा कालेज के बाहर कई महीनों से रोमियो टीम नहीं आई है। हालांकि कॉलेज के बाहर सीसीटीवी कैमरा लगा है जिसके कारण यहां शोहदे नहीं आते हैं।
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फोटोलाइन 07एलकेएच 302
कहीं नहीं दिखाई देते एंटी रोमियो दल के सदस्य
मोहम्मदी। भाजपा सरकार ने शपथ लेते ही एंटी रोमियो दल का गठन कर स्कूल कालेजों, मेन चौराहे पर इसके तैनाती की घोषणा की थी लेकिन साल भर बाद भी किसी कालेज के बाहर एंटी रोमियो दल दिखाई नहीं दिया। वहीं प्रधानाचार्य जेपी कालेज मनोज खरे, पीडी कॉलेज एसएन वर्मा, युग निर्माण कन्या इंटर कालेज की प्रधानाचार्य किरन शुक्ला ने बताया कभी कोई एंटी रोमियो दल के सदस्य यहां नहीं आए।