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एमपी: छिंदवाड़ा-बालाघाट में ईओडब्ल्यू का छापा, पीडब्ल्यूडी इंजीनियर की संपत्ति और बैंक खातों की जांच जारी
Thu, 03 Sep 2026 11:08 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा/बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा/बालाघाट
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:08 AM IST
सार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में ईओडब्ल्यू जबलपुर ने PWD के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के छिंदवाड़ा और बालाघाट स्थित आवासों पर गुरुवार सुबह करीब 5:45 बजे एक साथ छापा मारा।
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लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
आय से अधिक संपत्ति के मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) जबलपुर ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईओडब्ल्यू की टीम ने गुरुवार सुबह करीब 5:45 बजे छिंदवाड़ा और बालाघाट स्थित उनके आवासों पर एक साथ छापा मारा।
कार्रवाई डीएसपी मनजीत सिंह धामी के नेतृत्व में की जा रही है। दोनों स्थानों पर पहुंची टीमों ने तलाशी शुरू कर दी। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में घर में रखे दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
आय और संपत्ति का मिलान कर रही टीम
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अधिकारी की आय के ज्ञात स्रोतों और उनके नाम अथवा उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच संभावित अंतर की जांच करना है। टीम बैंक खातों, जमीन-मकान के दस्तावेज, निवेश, वाहन और अन्य आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
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दो जिलों में एक साथ कार्रवाई से बढ़ी हलचल
छिंदवाड़ा और बालाघाट में एक साथ की गई कार्रवाई के बाद लोक निर्माण विभाग में भी हलचल है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि अधिकारी की सेवा अवधि में उनकी आय और संपत्ति में कितना अंतर है। परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्ति या किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, अभी तक ईओडब्ल्यू की ओर से तलाशी में मिली किसी संपत्ति, नकदी या अन्य सामग्री का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
ईओडब्ल्यू की टीम दोनों स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल जांच जारी है।
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन की शिकायत पर एक्शन
इस बड़ी कार्रवाई के पीछे 'सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन मध्य प्रदेश' की अहम भूमिका रही है। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी युनुस खान (पप्पा भाई) ने इस मामले में पुख्ता सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता युनुस खान द्वारा कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया और इस बड़ी रेड को अंजाम दिया। समाचार लिखे जाने तक जांच टीम मौके पर जमी हुई है और कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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कार्रवाई डीएसपी मनजीत सिंह धामी के नेतृत्व में की जा रही है। दोनों स्थानों पर पहुंची टीमों ने तलाशी शुरू कर दी। अधिकारियों और कर्मचारियों की मौजूदगी में घर में रखे दस्तावेजों, संपत्ति से जुड़े कागजात और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।
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आय और संपत्ति का मिलान कर रही टीम
ईओडब्ल्यू की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अधिकारी की आय के ज्ञात स्रोतों और उनके नाम अथवा उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच संभावित अंतर की जांच करना है। टीम बैंक खातों, जमीन-मकान के दस्तावेज, निवेश, वाहन और अन्य आर्थिक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच कर सकती है।
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दो जिलों में एक साथ कार्रवाई से बढ़ी हलचल
छिंदवाड़ा और बालाघाट में एक साथ की गई कार्रवाई के बाद लोक निर्माण विभाग में भी हलचल है। जांच के दौरान सामने आने वाले दस्तावेजों से यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि अधिकारी की सेवा अवधि में उनकी आय और संपत्ति में कितना अंतर है। परिजनों के नाम पर खरीदी गई संपत्ति या किए गए निवेश से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बन सकते हैं। हालांकि, अभी तक ईओडब्ल्यू की ओर से तलाशी में मिली किसी संपत्ति, नकदी या अन्य सामग्री का आधिकारिक विवरण जारी नहीं किया गया है।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी स्थिति
ईओडब्ल्यू की टीम दोनों स्थानों पर दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच में जुटी है। तलाशी पूरी होने के बाद बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक जानकारी सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल जांच जारी है।
सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन की शिकायत पर एक्शन
इस बड़ी कार्रवाई के पीछे 'सिविल कांट्रेक्टर एसोसिएशन मध्य प्रदेश' की अहम भूमिका रही है। एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी युनुस खान (पप्पा भाई) ने इस मामले में पुख्ता सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता युनुस खान द्वारा कार्यपालन यंत्री के.के. सिंगारे के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध वसूली से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके बाद ईओडब्ल्यू ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कोर्ट से सर्च वारंट हासिल किया और इस बड़ी रेड को अंजाम दिया। समाचार लिखे जाने तक जांच टीम मौके पर जमी हुई है और कई चौंकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है।
