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ट्रॉली खाली कराने गए किसान की गोली मारकर हत्या
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Apr 2018 08:21 PM IST
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फायरिंग
- फोटो : SELF
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किसान की गोली मारकर हत्या करने का आरोपी प्रधानपति काफी दबंग किस्म का है। पूरा गांव उससे डरता है। शुक्रवार की सुबह प्रधानपति की फायरिंग की गूंज और किसान की हत्या से इलाके भर में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों की मानें तो इससे पहले भी वह कई लोगों को मारपीट चुका है। इसकी तहरीरें भी पुलिस को दी गईं, लेकिन सत्तापक्ष से जुड़े होने और प्रधानपति होने के कारण पुलिस का भी उसे संरक्षण प्राप्त था। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पूर्व में हुई घटना को पुलिस गंभीरता से लेती तो शायद प्रधानपति यह दुस्साहस नहीं जुटा पाता।
गांव देवरिया निवासी जयप्रकाश वर्मा किसान थे। वह काफी मृदुल स्वभाव के थे। ग्रामीणों की मानें तो जयप्रकाश की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उनकी पत्नी और पुत्र खेतीबाड़ी के काम में लगे रहते हैं। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की मानें तो ग्राम प्रधानपति छोटी-छोटी बातों पर अक्सर लोगों से झगड़ा करते थे और मारपीट करने से भी नहीं चूकते थे। सत्ता पक्ष से जुड़ा होने और ग्राम प्रधानपति होने के कारण पुलिस का उसे कतई डर नहीं था। पुलिस भी उसे संरक्षण देती थी। ग्रामीणों की मानें तो प्रधानपति के पास भी ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य सामान है, लेकिन वह दबंगई के बल पर अक्सर लोगों से बेगार कराता था।
प्रधानपति की दबंगई से परेशान व्यक्ति यदि थाने जाता तो पुलिस उल्टे ही उसके साथ अभद्रता करती थी और उसे थाना से भगा देती थी। इससे लोग प्रधानपति के जुल्म सहते रहते थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि पहले हुई घटनाओं को गंभीरता से लेती और प्रधानपति को बुलाकर ही डांट-डपट देती तो शायद वह जयप्रकाश की जान नहीं लेता।
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‘मेरे बेटे को भी मरवा दिया था प्रदीप ने’
पति की मौत से पत्नी ज्ञाना देवी और पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों के सामने पिता की मौत से उसका पुत्र नीलू बदहवाश है। होश आने पर वह अपनी बेबसी को कोस रहा था। मृतक की पत्नी ने बिलखते हुए बताया कि उसका पुत्र विनोद लाइन मैन का काम करता था। वर्ष 2016 में प्रधानपति ने मामूली बात पर उसे मरवा दिया था। इस मामले में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन संरक्षण होने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और करंट लगने से मौत की बात कहकर मामले को रफादफा कर दिया था।
किसान की हत्या से ग्रामीणों में रोष
किसान जयप्रकाश की गोली मारकर हत्या होने के बाद से ग्रामीणों में ग्रामप्रधान पति प्रदीप वर्मा के खिलाफ काफी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानपति ने बेकसूर और सीधे-साधे जयप्रकाश की हत्या की है। घटना के बाद से उपजे ग्रामीणों के रोष को लेकर पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सीओ सिटी आरके वर्मा ने बताया कि एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। हल्का दरोगा और सिपाहियों को गांव में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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गांव देवरिया निवासी जयप्रकाश वर्मा किसान थे। वह काफी मृदुल स्वभाव के थे। ग्रामीणों की मानें तो जयप्रकाश की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। उनकी पत्नी और पुत्र खेतीबाड़ी के काम में लगे रहते हैं। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार की मानें तो ग्राम प्रधानपति छोटी-छोटी बातों पर अक्सर लोगों से झगड़ा करते थे और मारपीट करने से भी नहीं चूकते थे। सत्ता पक्ष से जुड़ा होने और ग्राम प्रधानपति होने के कारण पुलिस का उसे कतई डर नहीं था। पुलिस भी उसे संरक्षण देती थी। ग्रामीणों की मानें तो प्रधानपति के पास भी ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य सामान है, लेकिन वह दबंगई के बल पर अक्सर लोगों से बेगार कराता था।
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प्रधानपति की दबंगई से परेशान व्यक्ति यदि थाने जाता तो पुलिस उल्टे ही उसके साथ अभद्रता करती थी और उसे थाना से भगा देती थी। इससे लोग प्रधानपति के जुल्म सहते रहते थे। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस यदि पहले हुई घटनाओं को गंभीरता से लेती और प्रधानपति को बुलाकर ही डांट-डपट देती तो शायद वह जयप्रकाश की जान नहीं लेता।
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‘मेरे बेटे को भी मरवा दिया था प्रदीप ने’
पति की मौत से पत्नी ज्ञाना देवी और पुत्रों का रो-रोकर बुरा हाल है। आंखों के सामने पिता की मौत से उसका पुत्र नीलू बदहवाश है। होश आने पर वह अपनी बेबसी को कोस रहा था। मृतक की पत्नी ने बिलखते हुए बताया कि उसका पुत्र विनोद लाइन मैन का काम करता था। वर्ष 2016 में प्रधानपति ने मामूली बात पर उसे मरवा दिया था। इस मामले में तहरीर भी दी गई थी, लेकिन संरक्षण होने के कारण पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और करंट लगने से मौत की बात कहकर मामले को रफादफा कर दिया था।
किसान की हत्या से ग्रामीणों में रोष
किसान जयप्रकाश की गोली मारकर हत्या होने के बाद से ग्रामीणों में ग्रामप्रधान पति प्रदीप वर्मा के खिलाफ काफी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानपति ने बेकसूर और सीधे-साधे जयप्रकाश की हत्या की है। घटना के बाद से उपजे ग्रामीणों के रोष को लेकर पुलिस भी अलर्ट हो गई है। सीओ सिटी आरके वर्मा ने बताया कि एहतियातन गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है। हल्का दरोगा और सिपाहियों को गांव में पैनी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।