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एक सिरफिरे ने अपने मंसूबे पूरे
Updated Thu, 01 Feb 2018 10:00 AM IST
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31 एलकेएच 19 और 20
ननिहाल से मासूम का
अपहरण, बरामदगी
सिरफिरे युवक ने किया था अगवा, पुलिस ने दिखाई तत्परता
एकतरफा प्रेम में विफल होने पर उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
ईसानगर।
एक सिरफिरे ने अपने मंसूबे पूरे न होने पर प्रेमिका के दस वर्षीय पुत्र का ननिहाल से अपहरण कर लिया। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की तो अपह्त लड़के को मैगलगंज बस अड्डे से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को भी धर दबोचा।
थाना क्षेत्र ईसानगर के मझगईं निवासी प्रमोद कुमार बाजपेयी की पुत्री अंशू की शादी मैगलगंज थाना के गांव ढाका निवासी रमेश पांडेय के साथ हुई थी। ढाका गांव के पड़ोसी गांव भगवतीपुर थाना मैगलगंज निवासी वीरेंद्र की रमेश पांडेय से दोस्ती थी, जिसके चलते दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना था। घर आने जाने में वीरेंद्र, रमेश की पत्नी अंशू से एकतरफा प्रेम करने लगा। पति का मित्र होने के कारण शुरुआत में अंशू की वीरेंद्र से फोन पर भी बात हुआ करती थी। करीब छह महीने पहले अंशू को वीरेंद्र की नीयत पर शक हुआ तो उसने वीरेंद्र से बात करना बंद कर दिया था। इससे नाराज वीरेंद्र ने कई बार अंशू को डराया, धमकाया। साथ ही उसने धमकी दी कि अगर वह उसका कहना नहीं मानती है तो उसका अंजाम बुरा होगा। यह बात अंशू ने अपने पति को भी बताई, जिससे वीरेंद्र का उसके घर आना जाना बंद हो गया।
इधर, दो सप्ताह पहले अंशु अपने दस वर्षीय पुत्र सूरज के साथ थाना ईसानगर के गांव मझगईं मायके आई थी। 30 जनवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे वीरेंद्र बाइक से मझगईं आया और बहाने से सूरज को गुरदीनपुरवा गन्ना सेंटर पर बुलाकर जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर फरार हो गया। उधर, देर शाम तक जब सूरज घर नहीं पहुंचा तो उसके नाना प्रमोद ने सूरज का पता लगाना शुरू किया।
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गन्ना सेंटर के पास से कुछ लड़कों ने बाइक पर सूरज को जबरदस्ती बैठा ले जाने की बात बताई। इस पर पहले उन्होंने यूपी 100 पुलिस को सूचना की। यूपी 100 पुलिस की सलाह पर सूरज के नाना प्रमोद ने एसओ ईसानगर को तहरीर देकर सूरज के अपहरण की बात बताई। साथ ही वीरेंद्र पर शक जताया। इस पर एसओ ईसानगर प्रमोद कुमार मिश्र ने मैगलगंज सूचना भेजी। उधर, मामले में अपहरण की भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गी।
मैगलगंज पुलिस ने कई गांवों में दबिश देकर रिश्तेदारों को कब्जे में कर लिया और आरोपी से बात कराने को कहा। आरोपी ने अपनी लोकेशन भी बता दी, जिस पर उसे मैगलगंज बस अड्डे के पास से दबोच लिया गया। वह बच्चे को जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर अपने गांव की ओर ही ले जा रहा था।
बच्चे को बरामद
करने में जुटी टीम
एसओ प्रमोद मिश्र, एसआई इरशाद, कांस्टेबल ब्रजवीर सिंह, योगेश ने मैगलगंज बस स्टॉप से अपहर्ता के चंगुल से सूरज को सकुशल बरामद कर लिया।
वीरेंद्र एक तरफा प्यार करता था। सिरफिरेपन के कारण वह बच्चे की मां को सबक सिखाने की मंशा से मासूम को उठा ले गया था। पूरे मामले पर तत्परता से कार्रवाई की गई, जिससे वह बच्चे को किसी ठिकाने तक पहुंचा पाता इससे पहले ही आरोपी को दबोच लिया गया। बच्चा उसके पास से ही मिल गया। बच्चे को सकुशल उसके नाना प्रमोद के सुपुर्द कर दिया गया है।
- प्रमोद कुमार मिश्र, एसओ-ईशानगर
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31 एलकेएच 19 और 20
ननिहाल से मासूम का
अपहरण, बरामदगी
सिरफिरे युवक ने किया था अगवा, पुलिस ने दिखाई तत्परता
एकतरफा प्रेम में विफल होने पर उठाया कदम
अमर उजाला ब्यूरो
ईसानगर।
एक सिरफिरे ने अपने मंसूबे पूरे न होने पर प्रेमिका के दस वर्षीय पुत्र का ननिहाल से अपहरण कर लिया। महिला के पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तलाश शुरू की तो अपह्त लड़के को मैगलगंज बस अड्डे से सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने आरोपी को भी धर दबोचा।
थाना क्षेत्र ईसानगर के मझगईं निवासी प्रमोद कुमार बाजपेयी की पुत्री अंशू की शादी मैगलगंज थाना के गांव ढाका निवासी रमेश पांडेय के साथ हुई थी। ढाका गांव के पड़ोसी गांव भगवतीपुर थाना मैगलगंज निवासी वीरेंद्र की रमेश पांडेय से दोस्ती थी, जिसके चलते दोनों का एक दूसरे के घर आना जाना था। घर आने जाने में वीरेंद्र, रमेश की पत्नी अंशू से एकतरफा प्रेम करने लगा। पति का मित्र होने के कारण शुरुआत में अंशू की वीरेंद्र से फोन पर भी बात हुआ करती थी। करीब छह महीने पहले अंशू को वीरेंद्र की नीयत पर शक हुआ तो उसने वीरेंद्र से बात करना बंद कर दिया था। इससे नाराज वीरेंद्र ने कई बार अंशू को डराया, धमकाया। साथ ही उसने धमकी दी कि अगर वह उसका कहना नहीं मानती है तो उसका अंजाम बुरा होगा। यह बात अंशू ने अपने पति को भी बताई, जिससे वीरेंद्र का उसके घर आना जाना बंद हो गया।
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इधर, दो सप्ताह पहले अंशु अपने दस वर्षीय पुत्र सूरज के साथ थाना ईसानगर के गांव मझगईं मायके आई थी। 30 जनवरी की शाम करीब साढ़े चार बजे वीरेंद्र बाइक से मझगईं आया और बहाने से सूरज को गुरदीनपुरवा गन्ना सेंटर पर बुलाकर जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर फरार हो गया। उधर, देर शाम तक जब सूरज घर नहीं पहुंचा तो उसके नाना प्रमोद ने सूरज का पता लगाना शुरू किया।
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गन्ना सेंटर के पास से कुछ लड़कों ने बाइक पर सूरज को जबरदस्ती बैठा ले जाने की बात बताई। इस पर पहले उन्होंने यूपी 100 पुलिस को सूचना की। यूपी 100 पुलिस की सलाह पर सूरज के नाना प्रमोद ने एसओ ईसानगर को तहरीर देकर सूरज के अपहरण की बात बताई। साथ ही वीरेंद्र पर शक जताया। इस पर एसओ ईसानगर प्रमोद कुमार मिश्र ने मैगलगंज सूचना भेजी। उधर, मामले में अपहरण की भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गी।
मैगलगंज पुलिस ने कई गांवों में दबिश देकर रिश्तेदारों को कब्जे में कर लिया और आरोपी से बात कराने को कहा। आरोपी ने अपनी लोकेशन भी बता दी, जिस पर उसे मैगलगंज बस अड्डे के पास से दबोच लिया गया। वह बच्चे को जबरदस्ती बाइक पर बिठाकर अपने गांव की ओर ही ले जा रहा था।
बच्चे को बरामद
करने में जुटी टीम
एसओ प्रमोद मिश्र, एसआई इरशाद, कांस्टेबल ब्रजवीर सिंह, योगेश ने मैगलगंज बस स्टॉप से अपहर्ता के चंगुल से सूरज को सकुशल बरामद कर लिया।
वीरेंद्र एक तरफा प्यार करता था। सिरफिरेपन के कारण वह बच्चे की मां को सबक सिखाने की मंशा से मासूम को उठा ले गया था। पूरे मामले पर तत्परता से कार्रवाई की गई, जिससे वह बच्चे को किसी ठिकाने तक पहुंचा पाता इससे पहले ही आरोपी को दबोच लिया गया। बच्चा उसके पास से ही मिल गया। बच्चे को सकुशल उसके नाना प्रमोद के सुपुर्द कर दिया गया है।
- प्रमोद कुमार मिश्र, एसओ-ईशानगर