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बाबा साहब की मूर्ति घसीटने का आरोपी गिरफ्तार, चालान भेजा
Updated Sun, 09 Dec 2018 12:43 AM IST
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बाबा साहब की मूर्ति घसीटने का आरोपी गिरफ्तार, चालान भेजा
सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था वीडियो
परिवार वालों ने बताया कि मनारोगी है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के बिजौरिया गांव में भाई के घर रखी डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को रस्सी में बांधकर बैलों से खिंचवाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव वालों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान भेज दिया है। परिवार वालों के अनुसार आरोपी मनोरोगी है।
बिजौरिया गांव के अमरीश, नोखेलाल, प्रधान के पति फूलचंद आदि ने बताया कि गांव के ही लाखन उर्फ रामलखन ने वर्ष 1995 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की सात फुट ऊंची मूर्ति पार्क में स्थापित कराने के लिए अपने घर पर बनवाई थी। बताया कि जब मूर्ति स्थापित करने की बात हुई तो उस समय के प्रधान नेतराम वर्मा ने पार्क के लिए भूमि देने से मना कर दिया, जिस पर रामलखन ने मूर्ति को उठाकर अपने भाई फूलचंद के घर में रखवा दिया था। फूलचंद के अनुसार रामलखन मनोरोगी हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। उन्होंने उससे मूर्ति को अपने घर पर उठा ले जाने को कह दिया जिस पर रामलखन ने पहले तो मूर्ति को उठाने का प्रयास किया, लेकिन भार अधिक होने के कारण मूर्ति को रस्सी से बांधकर ले जा रहा था। विरोधी पक्ष के लोगों ने उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। गांव वालों की सूचना और अधिकारियों के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने रामलखन को हिरासत में लेकर चौकीदार शिवराम की तहरीर पर धारा 153 क 352, 500, 504, 506 के तहत अभियोग दर्ज कर चालान भेज दिया है। इंस्पेक्टर राजवीर सिंह का कहना है कि रामलखन का आंबेडकर का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन लोगों की शिकायतों को ध्यान देते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश कराया गया, जहां से वह जेल चला गया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था वीडियो
परिवार वालों ने बताया कि मनारोगी है आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
ममरी। हैदराबाद थाना क्षेत्र के बिजौरिया गांव में भाई के घर रखी डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की मूर्ति को रस्सी में बांधकर बैलों से खिंचवाने का मामला सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गांव वालों की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसका चालान भेज दिया है। परिवार वालों के अनुसार आरोपी मनोरोगी है।
बिजौरिया गांव के अमरीश, नोखेलाल, प्रधान के पति फूलचंद आदि ने बताया कि गांव के ही लाखन उर्फ रामलखन ने वर्ष 1995 में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की सात फुट ऊंची मूर्ति पार्क में स्थापित कराने के लिए अपने घर पर बनवाई थी। बताया कि जब मूर्ति स्थापित करने की बात हुई तो उस समय के प्रधान नेतराम वर्मा ने पार्क के लिए भूमि देने से मना कर दिया, जिस पर रामलखन ने मूर्ति को उठाकर अपने भाई फूलचंद के घर में रखवा दिया था। फूलचंद के अनुसार रामलखन मनोरोगी हो गया, जिसका इलाज चल रहा है। उन्होंने उससे मूर्ति को अपने घर पर उठा ले जाने को कह दिया जिस पर रामलखन ने पहले तो मूर्ति को उठाने का प्रयास किया, लेकिन भार अधिक होने के कारण मूर्ति को रस्सी से बांधकर ले जा रहा था। विरोधी पक्ष के लोगों ने उसका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। गांव वालों की सूचना और अधिकारियों के निर्देश पर पहुंची पुलिस ने रामलखन को हिरासत में लेकर चौकीदार शिवराम की तहरीर पर धारा 153 क 352, 500, 504, 506 के तहत अभियोग दर्ज कर चालान भेज दिया है। इंस्पेक्टर राजवीर सिंह का कहना है कि रामलखन का आंबेडकर का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, लेकिन लोगों की शिकायतों को ध्यान देते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया और कोर्ट में पेश कराया गया, जहां से वह जेल चला गया है।
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