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तीन छेडछाड और एक दुराचार में नामजद था मृतक विनोद

Sat, 05 Aug 2017 05:20 PM IST
Updated Sat, 05 Aug 2017 05:20 PM IST
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तीन छेडछाड और एक दुराचार में नामजद था मृतक विनोद

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निघासन (लखीमपुर खीरी)। गांव जमुनहा में मृतक विनोद के खिलाफ निघासन थाने में छेड़छाड़ और दुराचार का प्रयास और दुराचार के अभियोग थाने में पंजीकृत थे। करीब एक साल पहलेे वह जेल से छूटकर घर आया था और उसने नौ साल की बच्ची को अपनी हवश का शिकार बना डाला।
मृतक विनोद सात भाइयों में दूसरे नंबर पर था। उसके बड़े भाई संतोष के अलावा अन्य छह भाइयों की शादी नहीं हुई थी। छह जून 2013 में पड़ोस के गांव की 12 वर्षीय किशोरी के साथ छेड़छाड़ की थी। इस मामले में पुलिस ने छेड़छाड़ और पास्को एक्ट के तहत कार्रवाई कर आरोपी विनोद को जेल भेजा था। उसके बाद वर्ष 2014 में 18 माह की बच्ची के साथ दुराचार का प्रयास किया और पुलिस ने विनोद और उसके भाई संतोष व रंजीत के खिलाफ दुराचार के प्रयास और पास्को एक्ट की कार्रवाई करते हुए विनोद का चालान भेजा था। वह एक साल पहले जेल से छूटकर आया था। जेल से छूटने के बाद ग्रामीणों के मुताबिक इसी बीच उसने अपने गांव सहित अन्य दो गांवों में भी दुराचार का प्रयास किशोरियों के साथ किया था। एक गांव में दुराचार का प्रयास करने पर उसकी जमकर पिटाई भी की थी। बताते हैं कि जब महिलाएं उसे खेत आदि में देखकर भाग जाती थी। शुक्रवार को उसने नौ साल की बच्ची को हवश का शिकार बनाया था। पुलिस ने इस मामले में दुराचार की रिपोर्ट दर्ज की थी। विनोद की हत्या में नामजद आरोपी दुराचार की पीड़िता किशोरी व बच्ची के परिवार के लोग हैं।
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आरोपियों ने रात में घेरा था विनोद का घर
मृतक विनोद की मां फूलमती ने बताया कि गांव में पुलिस होने के बावजूद हत्या आरोपियों ने उसके घर का घेराव कर उपद्रव करने की कोशिश की थी। घर में विनोद के ना मिलने पर उसे जान से मारने की धमकी देते हुए चले गए थे। दुराचार का मामला दो समुदाय के बीच में होने के कारण एसओ अजय यादव ने पीड़िता के गांव में सिपाही नीरज चतुर्वेदी, दुष्यंत को लगाया था। इसके अलावा सिपाही जेपी यादव और मृत्युंजय पांडे से दोनों गांवों में गश्त करने का आदेश दिया था।
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क्या कहते हैं मनोवैज्ञानिक
ऐसे लोग मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं। उनके अंदर गंदी भावना पनपती चली जाती है। उनके अंदर सोचने और समझने की क्षमता समाप्त हो जाती है। वह उम्र का लिहाज किए बिना कुछ भी कर गुजरने को तैयार रहते हैं। उसके सैक्सुअल माइंड होने का एक कारण समय से शादी न होना भी होता है।
डॉ. एसआर वर्मा, मनोवैज्ञानिक
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