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धोखाधड़ी कर नौकरी पाने वाले अनुदेशकों की गिरफ्तारी शुरू
Updated Sat, 18 Nov 2017 06:18 PM IST
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लखीमपुर खीरी।
फर्जी कागजातों पर नौकरी हथियाने वाले अनुदेशकों पर पुलिस ने शिकंजा कसते हुए आरोपी अनुदेशकों की धड़पकड़ तेज कर दी है। शनिवार को सदर कोतवाली पुलिस की टीम ने थाना फरधान क्षेत्र में कई स्थानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया।
वर्ष 2013 में सर्व शिक्षा अभियान के तहत 100 से अधिक छात्र संख्या वाले जिले के 423 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अनुदेशकों की संविदा पर नियुक्ति की गई थी। 100 से छात्र संख्या अधिक होने पर विद्यालय में अधिकतम तीन अनुदेशकों की नियुक्ति करने के निर्देश दिए गए थे, जिसके अनुसार 1269 चयन होना था, लेकिन एक हजार अनुदेशक चयनित किए गए थे। चयनित अनुदेशकों को विद्यालयों में नियुक्ति भी मिल गई। वर्ष 2015 में अनुदेशकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच हुई तो बड़ी गड़बड़ी खुलकर सामने आई थी। जांच के दौरान 60 अनुदेशकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। इस पर तत्कालीन बीएसए ओपी राय ने अनुदेशक कमलेश समेत 60 लोगों के खिलाफ 28 अप्रैल 2015 को धोखाधड़ी सहित कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई। शुक्रवार को सदर कोतवाली पुलिस की टीम ने थाना फरधान क्षेत्र में कई स्थानों पर छापेमारी की। सूत्रों की मानें तो पुलिस ने तीन आरोपी अनुदेशकों को दबोचा है। एसएसआई काली प्रसाद गौड़ ने छापेमारी करने की तो पुष्टि की है, लेकिन गिरफ्तारी के संबंध में उन्होंने अभी कुछ बताने से इंकार कर दिया।
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