{"_id":"5cf6c167bdec22075c11854f","slug":"155967523416-lakhimpur-news18","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोते रहे जंगल वाले, चोर काट ले गए दो सागौन के पेड़","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
सोते रहे जंगल वाले, चोर काट ले गए दो सागौन के पेड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोला गोकर्णनाथ। दक्षिण खीरी वन प्रभाग की गोला रेंज के वन कर्मी सोते ही रह गए और दो जून की रात दो सागौन के पेड़ चोरी से काट लिए गए। पेड़ों की लकड़ी तक बरामद न हो सकी है। इधर, आनन फानन में सक्रियता दिखाते हुए रेंजर ने तीन लकड़कट्टों को चोरी गए पेड़ों की मुड्ढी नष्ट करते पकड़ने का दावा किया। साथ ही उनका चालान भेज दिया है।
वन रेंज अधिकारी बनारसी दास शाक्य का कहना है कि तीन जून की सुबह उन्हें सूचना मिली कि पूर्वी वीट से दो सागौन के पेड़ चोरी से काट लिए गए हैं। इस पर उन्होंने तत्काल केस काटकर लकड़ी चोरों की तलाश शुरू कर दी। रेंजर ने अपने वनकर्मियों के साथ गश्त के दौरान चोरी से काटे गए दोनों पेड़ की मुड्ढी नष्ट करते कुछ लोगों को देखा, जिनकी घेराबंदी कर राधेश्याम और कल्लू निवासी भुड़वारा, मुन्ने निवासी पुनर्भूग्रंट को पकड़ लिया। रेंजर का दावा है कि पकड़े गए लोग मजदूरी पर मुड्ढी नष्ट करने आए थे। उन्होंने लकड़ी माफिया का नाम भी बताया। उन्होंने तीनों का चालान भेज दिया है। साथ ही चोरी से सागौन काटने वाले माफिया की तलाश शुरू कर दी है। रेंजर का यह दावा है कि पकड़े गए आरोपी पूर्वी बीट से कटे पेड़ों की मुड्ढी गायब कर रहे थे, लेकिन वह यह नहीं बता पा रहे हैं कि यदि यह सही आरोपी हैं तो फिर लकड़ी की बरामदगी क्यों नहीं हो सकी।
रायपुर बीट से अप्रैल में काटे गए थे चार पेड़
गोला रेंज की रायपुर बीट से अप्रैल महीने में भी सागौन के चार पेड़ चोरी से कट लिए गए थे, जिसकी भी बरामदगी नहीं हो सकी है। वन कर्मियों ने मामले में गलत सूचना देकर दो ही पेड़ गायब होना दर्शाया था, जिसकी सच्चाई बाद में खुली तो अधिकारियों ने जांच बैठा दी है। इससे इस मामले में दो पेड़ चोरी होने का ही केस काटकर वन अफसर लीपापोती में जुटे हैं।
विज्ञापन
गोला रेंज में दो दिन पहले सागौन के दो पेड़ चोरी से काट लिए गए थे, जिसकी मुड्ढी नष्ट करते तीन को पकड़कर चालान भेजा गया है। इससे पहले रायपुर बीट से पेड़ चोरी जाने के मामले की भी जांच चल रही है। फिलहाल इन दो घटनाओं से यहां लकड़ी चोरों की सक्रियता लग रही है, जिस पर धरपकड़ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है।
समीर कुमार, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग
विज्ञापन
वन रेंज अधिकारी बनारसी दास शाक्य का कहना है कि तीन जून की सुबह उन्हें सूचना मिली कि पूर्वी वीट से दो सागौन के पेड़ चोरी से काट लिए गए हैं। इस पर उन्होंने तत्काल केस काटकर लकड़ी चोरों की तलाश शुरू कर दी। रेंजर ने अपने वनकर्मियों के साथ गश्त के दौरान चोरी से काटे गए दोनों पेड़ की मुड्ढी नष्ट करते कुछ लोगों को देखा, जिनकी घेराबंदी कर राधेश्याम और कल्लू निवासी भुड़वारा, मुन्ने निवासी पुनर्भूग्रंट को पकड़ लिया। रेंजर का दावा है कि पकड़े गए लोग मजदूरी पर मुड्ढी नष्ट करने आए थे। उन्होंने लकड़ी माफिया का नाम भी बताया। उन्होंने तीनों का चालान भेज दिया है। साथ ही चोरी से सागौन काटने वाले माफिया की तलाश शुरू कर दी है। रेंजर का यह दावा है कि पकड़े गए आरोपी पूर्वी बीट से कटे पेड़ों की मुड्ढी गायब कर रहे थे, लेकिन वह यह नहीं बता पा रहे हैं कि यदि यह सही आरोपी हैं तो फिर लकड़ी की बरामदगी क्यों नहीं हो सकी।
विज्ञापन
रायपुर बीट से अप्रैल में काटे गए थे चार पेड़
गोला रेंज की रायपुर बीट से अप्रैल महीने में भी सागौन के चार पेड़ चोरी से कट लिए गए थे, जिसकी भी बरामदगी नहीं हो सकी है। वन कर्मियों ने मामले में गलत सूचना देकर दो ही पेड़ गायब होना दर्शाया था, जिसकी सच्चाई बाद में खुली तो अधिकारियों ने जांच बैठा दी है। इससे इस मामले में दो पेड़ चोरी होने का ही केस काटकर वन अफसर लीपापोती में जुटे हैं।
विज्ञापन
गोला रेंज में दो दिन पहले सागौन के दो पेड़ चोरी से काट लिए गए थे, जिसकी मुड्ढी नष्ट करते तीन को पकड़कर चालान भेजा गया है। इससे पहले रायपुर बीट से पेड़ चोरी जाने के मामले की भी जांच चल रही है। फिलहाल इन दो घटनाओं से यहां लकड़ी चोरों की सक्रियता लग रही है, जिस पर धरपकड़ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए है।
समीर कुमार, डीएफओ, दक्षिण खीरी वन प्रभाग