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नर्सरी संचालक के बैंक खाते से 40 हजार उड़ा

Mon, 13 May 2019 01:41 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 13 May 2019 01:41 AM IST
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नर्सरी संचालक के बैंक खाते से 40 हजार उड़ाए
लखीमपुर खीरी। साइबर ठगी का एक और नया मामला सामने आया है, जिसमें नर्सरी संचालक को फोन कर ठग ने गूगल पे के प्रथम पेज का स्क्रीन शॉट अपने व्हाट्सएप एकाउंट पर मंगा लिया। इसके बाद कुछ मिनटों में ठग ने नर्सरी संचालक के बैंक खाते से तीन बार में 40 हजार रुपये पार कर दिए। जब नर्सरी संचालक दविंदर पाल सिंह को ठगे जाने का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत बैंक जाकर अपना खाता बंद कराया। तब जाकर 17 हजार रुपये बचा पाए, नहीं तो ठग उसे भी पार कर देता।
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शहर के मोहल्ला पंजाबी कॉलोनी निवासी दविंदर पाल सिंह विलोबी मेमोरियल परिसर में लवली नर्सरी चलाते हैं। वह पौधों की बिक्री ऑनलाइन भी करते हैं। शुक्रवार को दविंदर के मोबाइल पर फोन कर ठग ने बुलंदशहर से बोलने की बात कहते हुए अशोक के 500 पौधे खरीदने की बात की। इस बातचीत में 10 हजार रुपये में पौधों का सौदा तय हो गया, जिसका आनलाइन भुगतान करने के लिए ठग ने दविंदर से गूगल पे का स्क्रीन शॉट अपने व्हाट्सएप पर मंगवा लिया, जिसके बाद दविंदर के एकाउंट से पैसे निकलने शुरू हो गए। पहले 10-10 हजार, फिर 20 हजार रुपये निकाल लिए। थोड़ी देर में 40 हजार रुपये एकाउंट से उड़ाए जाने पर दविंदर को ठगे जाने का अहसास हो गया। वह भागकर बैंक गए, जहां उन्होंने एकाउंट बंद कराया। तब जाकर 17 हजार रुपये बच सके। दविंदर ने बताया कि एकाउंट में पहले से 17 हजार रुपये थे, जिसमें शुक्रवार को 40 हजार रुपये जमा किए थे। वह इस पैसे से सोमवार को किसी को भुगतान करना चाहते थे, लेकिन उससे पहले ठग की नजर लग गई।
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ई-मेल आईडी से एकाउंट हैक
गूगल पे के प्रथम पेज पर वैसे तो ज्यादा कुछ जानकारी नहीं रहती, लेकिन ई-मेल एड्रेस रहता है। ठग ने इसी ई-मेल के जरिए एकाउंट को हैक कर लिया, जिसके बाद 40 हजार रुपये पार कर दिए।
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40 हजार से अमेजान पर की शॉपिंग
दविंदर पाल सिंह ने मामले की जांच कराई, तो ठग की लोकेशन अलवर राजस्थान में मिली। यह भी पता चला कि ठग ने 40 हजार रुपये अपने खाते में ट्रांसफर नहीं किए, बल्कि उससे अमेजान पर शॉपिंग कर डाली।

बगैर ओटीपी कैसे निकल गए रुपये
पीड़ित दविंदर पाल सिंह ने बैंक और गूगल पे की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि रुपये काटने से पहले ओटीपी नहीं भेजा गया और न ही हमारे खाते से रुपये निकालने के लिए अनुमति ली गई।


साइबर ठगी के मामले बढ़ गए हैं, जिससे लोगों को सावधान रहना चाहिए। कई बार हमारी गलतियों का फायदा उठाते हैं। इस मामले में जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- फतेह सिंह, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली
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