फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   बच्ची के साथ दरिंदगी से लोगों में गुस्सा, बोले, आरोपी को फांसी दो

बच्ची के साथ दरिंदगी से लोगों में गुस्सा, बोले, आरोपी को फांसी दो

Tue, 14 May 2019 01:00 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 14 May 2019 01:00 AM IST
विज्ञापन
बच्ची के साथ दरिंदगी से लोगों में गुस्सा, बोले, आरोपी को फांसी दो
महेवागंज (लखीमपुर खीरी)। सात वर्षीय बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या से गांव के लोगों में गुस्सा है। जिसने भी इस घटना को सुना, उसी का खून खौल उठा। मौका मुआयना करने पहुंची एसपी पूनम से भी लोगों ने कहा कि हत्यारे को फांसी दी। एसपी ने परिवार वालों को ढाढस बंधाने के साथ ही गांव वालों से कहा कि यह जघन्य अपराध है। हत्यारे को कतई माफ नहीं किया जा सकता। विवेचना के आधार पर पूरी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी पर रासुका के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

जिला मुख्यालय से उत्तर दिशा में सात किलोमीटर दूर स्थित गांव में सोमवार की सुबह सात साल की बच्ची की लाश मिली तो दरिंदगी देख लोगों की मुट्ठियां भिंच गई, लेकिन हत्यारोपी मुश्किल से तीस मीटर दूर तख्त पर सोता रहा। भीड़ लग गई तो बच्ची के परिजनों ने उसे जागकर पूछना चाहिए तो मुंह से गांजे और कच्ची की भभक से उसके नशे में होने का अंदाजा सभी को लग गया। नशे में इतना कि सुबह भी वह कुछ नहीं बोल पा रहा था। इसी बीच कोतवाली सदर के प्रभारी निरीक्षक फतेह सिंह मौके पर आ गए। उन्होंने आरोपी की हालत देख उसे पुलिस कस्टडी में ले लिया। मौके पर पहुंची एसपी पूनम और सीओ सिटी विजय आनंद ने भी आरोपी से बात करने की कोशिश की, लेकिन वह कुछ भी नहीं बता पाया। पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य संग्रहीत किए। सीओ विजय आनंद ने बताया कि आरोपी के कपड़ों को भी साक्ष्य के तौर पर लिया गया है, जिससे जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
विज्ञापन


अंग्रेजी शराब की शीशी में कच्ची लेकर आया था आरोपी
बच्ची के साथ दरिंदगी के बाद हत्या करने वाला आरोपी रूदल पड़ोसी गांव डीहपुर का रहने वाला है। परिवार में पत्नी के अलावा जवान बेटा और बेटी है। करीब 48 वर्षीय रूदल मजदूरी करता है। बच्ची की जिस स्थान पर लाश मिली वहां आरोपी ने पशुवाड़ा बना रखा है। रोज शाम को वह यहां आ जाता है। साथ ही गांजा और शराब पीने का आदी लोगों का जमावड़ा लगाए रहता है। हालांकि इससे पहले कभी उसके चरित्र को लेकर किसी को संदेह नहीं हुआ। रूदल सभी से मिलजुलकर रहता था। मृतक बच्ची के परिवार वाले भी हैरान है कि उसे इस घटना को अंजाम क्यों दे डाला? पुलिस हिरासत में आरोपी ने बताया कि अंग्रेजी शराब की शीशी में वह वह पड़ोसी गांव से कच्ची दारू लेकर आया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


शादी के धूम धड़ाके में दब गई मासूम की चीखें
पानी लेने के बहाने बच्ची को बुलाया पास
महेवागंज। किसी को शायद इस बात का भान तक न था कि जिस व्यक्ति को वह काका कहकर पुकारती है, वहीं उसकी मासूमियत का कत्ल कर देगा। रविवार की रात पूरा गांव बारात और डीजे के धूम धड़ाके में मग्न था। रात 11 बजे तक दावत का दौर चला। इस बीच गांव की मासूम भी अपने परिवार के साथ उसी रौनक का हिस्सा बनने गई थी। पर शायद उसको भान नहीं था कि आज की रात उसकी खुशी की आखिरी रात होने वाली है। पुलिस की कहानी पर गौर करे तो रात ग्यारह बजे लड़की कुछ दूरी पर चल रहे समारोह से अकेले अपने घर जा रही थी। इसी बीच घर के पास में पहुंचने पर आरोपी पड़ोसी रुद्दल ने पानी मंगाने के बहाने उसको पास बुलाया। फिर उसको कोठरी में ले गया। मुंह दाबकर सूट और लैगिंग पहने बच्ची के कपड़े उतारे और उससे दुष्कर्म किया। शादी के शोर में बच्ची की चीखें किसी को सुनाई नहीं दी। बच्ची की हालत बिगड़ती देख आरोपी ने वहीं उसका गला घोंट दिया। साथ ही घटना को छुपाने के लिए शव को कोठरी के बाहर अहाते के कोने में गन्ने की पत्तियों के पीछे छुपा दिया। आरोपी पूरी रात वहीं नशा करता रहा। गली में गांव के लोग होकर निकले पर किसी को इसकी कानोकान खबर नहीं लगी। लोगो को आशंका है कि समय न मिल पाने से वह लाश को कहीं ठिकाने नहीं लगा पाया। हड़बड़ाहट में लाश यहां डाल दी।

गरीब है पीड़ित का परिवार
दरिंदगी के बाद मासूम की हत्या ने लोगों को झकझोर दिया है। रक्षाबंधन के दिन बच्ची की मां की मौत ही गई थी। तब से बाबा और दादी के साथ पिता बच्चो की देखभाल करते हैं। गांव और घर वाले लड़की की मासूमियत और उसके भोले पन के कायल थे। परिवार मजदूर पेशा है।

मनोवैज्ञानिक की बात

दिमागी तौर पर बीमार होते हैं लोग
किशोरावस्था में अक्सर कुछ लोगों को सोचने समझने की क्षमता बेहद कम होती है। ऐसे लोग दिमागी तौर पर बीमार होते हैं। उनकी काउंसिलिंग होनी चाहिए, जिसके आधार पर ऐसे लोगों की मनोदशा बदली जा सकती है।

- डॉ. दिनेश दुआ, वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ

मानसिक विकृति से होती हैं घटनाएं
छोटी बच्चियों के साथ हो रहीं घटनाएं एक तरह की मानसिक विकृति है। सोशल मीडिया पर बहुत सी ऐसी सामग्री आ रही है, जो बच्चों को कम उम्र में ही मानसिक रूप से जवान बना रही है।
- डॉ. अन्नपूर्णा गुप्ता, मनोविज्ञान विशेषज्ञ
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed