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युवकों की धमकी से परेशान युवती ने जहर खा दी जान

Mon, 15 Apr 2019 01:39 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:39 AM IST
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युवकों की धमकी से परेशान युवती ने जहर खा दी जान
पलिया कलां। शादी तय होने के बाद से मिल रहीं धमकियों से परेशान थाना भीरा क्षेत्र के गांव दौलतापुर निवासी ग्राम प्रधान मोहर सिंह की पुत्री कविता सिंह (22) ने 11 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत गंभीर होने पर उसे लखनऊ ले जाया गया, जहां शनिवार दोपहर उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने गांव के ही दो लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की रिपोर्ट दर्ज की है।
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भीरा थाना क्षेत्र के गांव दौलतापुर निवासी ग्राम प्रधान मोहर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी पुत्री कविता सिंह की शादी ऊधमसिंहनगर (उत्तराखंड) के दिनेशपुर थाना क्षेत्र के जयनगर निवासी एक युवक से तय की थी, 17 अप्रैल को बेटी की बरात आनी थी, जिसकी तैयारियां चल रही थीं। उन्होंने बताया कि 22 फरवरी को किसी ने कविता की होने वाली ससुराल में मोबाइल पर कॉल की और कहा कि रिश्ता तोड़ दो। बरात लेकर आए तो खूनखराबा होगा। इसकी जानकारी जब होने वाले समधी ने उन्हें दी तो वह लोग थाना भीरा पहुंचे। पुलिस को अज्ञात के खिलाफ लिखित तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। 10 अप्रैल को कविता के मोबाइल पर फिर कॉल आई। कॉलकर्ता ने उसे धमकी दी कि मैंने कहा था कि रिश्ता तोड़ दो, तुम नहीं मानीं। अब खून खराबा होगा। साथ ही पिता और भाई को मारने की भी धमकी दी। इससे कविता दहशत में आ गई और उसने 11 अप्रैल को जहरीला पदार्थ खा लिया। इससे उसकी हालत बिगड़ गई। घर वाले उसे पहले जिला अस्पताल ले गए, फिर लखनऊ में भर्ती कराया, जहां उसकी शनिवार की दोपहर मौत हो गई। मृतका के मामा सोहन सिंह ने बताया कि कविता ने मरने से पहले अपने पिता मोहर सिंह को बताया था कि गांव के सलमान और सुल्तान उसे धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने मृत युवती के मामा की तहरीर पर गांव के ही सुल्तान और सलमान के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
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23 फरवरी को एक प्रार्थना पत्र मिला था। उत्तराखंड के नंबर से उत्तराखंड में ही धमकी दी गई थी, इसलिए कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। दोनों आरोपी दौलतापुर के ही रहने वाले हैं, जो वर्तमान में उत्तराखंड में ही रहते हैं। मृत कविता के मामा की ओर से रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
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- अनिल कुमार यादव, एसओ थाना भीरा

पुलिस करती कार्रवाई तो बच सकती थी युवती की जान
लखीमपुर खीरी। युवती के जहर खाकर आत्महत्या करने के मामले में थाना भीरा पुलिस की लापरवाही सामने आई है। दो महीने से परिवार के लोग एसपी से लेकर थाना तक दौड़ लगा रहे थे, लेकिन पुलिस ने धमकी को गंभीरता से नहीं लिया। माना जा रहा है कि यदि पुलिस मामले को लेकर गंभीर हो जाती और कार्रवाई करती तो शायद आरोपी युवती को दूसरी बार धमकी न देते और युवती की जान बच सकती थी।
गांव दौलतापुर निवासी मोहर सिंह की मानें तो 22 फरवरी को कविता की होने वाली ससुराल में उत्तराखंड के नंबर से फोन कर धमकी दी गई थी। इसकी जानकारी होने पर वह अगले दिन थाना भीरा गए। पुलिस को पूरी बात बताई। जिस नंबर से धमकी दी गई उसका भी उल्लेख किया और अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने उस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर वह लोग 24 फरवरी को एसपी से मिले। एसपी को भी पूरे मामले से अवगत कराया। एसपी ने घर वालों के सामने ही एसओ भीरा को फोन किया और नंबर को सर्विलांस की मदद से पता कर कार्रवाई के निर्देश दिए, लेकिन एसपी के आदेश का भी भीरा पुलिस पर कोई असर नहीं पड़ा। यहां तक पुलिस ने रिपोर्ट भी नहीं लिखी। इधर शादी की तारीख नजदीक आ रही थी। इससे परिवार के लोगों की और अधिक चिंता बढ़ रही थी। एक महीने बाद 23 मार्च को परिवार के लोग फिर एसपी से मिले और पुलिस द्वारा अब तक कोई कार्रवाई न करने की शिकायत की। हालांकि एसपी पूनम ने प्रकरण को गंभीरता से लिया और एसओ को हड़काते हुए तत्काल रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए थे। एसपी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई फिर नहीं की। पुलिस कार्रवाई न होने से धमकी देने वाले युवकों के हौंसले बुलंद हो गए और 11 अप्रैल को कविता के मोबाइल पर पिता और भाई की हत्या करने की धमकी दी, जिसे कविता बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस यदि नंबर को ट्रेस कर कार्रवाई करती तो शायद आरोपी पकड़े जाते और कविता की जान बच सकती थी।


तीन साल से उत्तराखंड में रहते हैं दोनों आरोपी
कविता की मौत मामले में नामजद गांव दौलतपुर निवासी सलमान और सुल्तान दोनों सगे भाई हैं। करीब तीन साल से दोनों उत्तराखंड में रहते हैं। हालांकि परिवार वाले इस बात के बाबत साफतौर पर कुछ नहीं बता पा रहे हैं कि दोनों युवक आखिर क्यों धमकी दे रहे थे।
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