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प्रधानपति समेत नौ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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निघासन। बौधिया कलां के लेखपाल ने बम्हनपुर की प्रधान के पति समेत नौ लोगों के खिलाफ लिखाई है। उन पर ग्राम सभा की जमीन पर अवैध कब्जा करने का आरोप है। उधर, प्रधान पति ने आरोपों को निराधार बताते हुए लेखपाल की शह पर दूसरे लोगों के अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया है। इसका विरोध करने पर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी गई।
बौधियां कलां के लेखपाल शिवराज ने बताया कि कस्बा बम्हनपुर में ग्राम सभा की भूमि पर एएनएम सेंटर बना हुआ है। उसके पड़ोस में वहीं वनविभाग की चौकी है। आरोप है कि 24 सितंबर को वह अपने साथी लेखपाल के साथ ग्राम सभा की भूमि की पैमाइश करने के लिए गए थे। जहां प्रधान के पति संतोष शुक्ला समेत कई लोग पहुंच गए और ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। आरोप है कि इस बीच एक समुदाय के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और संतोष शुक्ला के साथ मिलकर लात-घूसों से मारपीट करने लगे। हमलावरों ने सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए। जाति सूचक शब्दों से गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। लेखपाल ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर प्रधान के आरोपी पति संतोष शुक्ला, यूसुफ, असलम, अलाउद्दीन, शरीफ, रसीद समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
उधर, ग्राम प्रधान के पति संतोष शुक्ला ने बताया कि तीन अगस्त को विवादित जगह पर वनचौकी बन गई थी। एसडीएम ने 20 अक्तूबर को लेखपाल का स्थानांतरण कर दिया था। उन्हें राजनीति के तहत फंसाया जा रहा है।
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बौधियां कलां के लेखपाल शिवराज ने बताया कि कस्बा बम्हनपुर में ग्राम सभा की भूमि पर एएनएम सेंटर बना हुआ है। उसके पड़ोस में वहीं वनविभाग की चौकी है। आरोप है कि 24 सितंबर को वह अपने साथी लेखपाल के साथ ग्राम सभा की भूमि की पैमाइश करने के लिए गए थे। जहां प्रधान के पति संतोष शुक्ला समेत कई लोग पहुंच गए और ग्राम सभा की भूमि पर कब्जा करने की कोशिश करने लगे। आरोप है कि इस बीच एक समुदाय के कुछ लोग मौके पर पहुंच गए और संतोष शुक्ला के साथ मिलकर लात-घूसों से मारपीट करने लगे। हमलावरों ने सरकारी दस्तावेज भी फाड़ दिए। जाति सूचक शब्दों से गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी। लेखपाल ने किसी तरह मौके से भागकर अपनी जान बचाई। पुलिस ने लेखपाल की तहरीर पर प्रधान के आरोपी पति संतोष शुक्ला, यूसुफ, असलम, अलाउद्दीन, शरीफ, रसीद समेत सात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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उधर, ग्राम प्रधान के पति संतोष शुक्ला ने बताया कि तीन अगस्त को विवादित जगह पर वनचौकी बन गई थी। एसडीएम ने 20 अक्तूबर को लेखपाल का स्थानांतरण कर दिया था। उन्हें राजनीति के तहत फंसाया जा रहा है।
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