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पार्क कर्मियों और थारू ग्रामीणों में हाथापाई

Sun, 02 Aug 2020 10:55 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 02 Aug 2020 10:55 PM IST
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा नेशनल पार्क की गौरीफंटा रेंज में पार्क कर्मियों और थारू ग्रामीणों में हाथापाई हो गई। मामला तब बढ़ा, जब पार्क कर्मी गश्त के दौरान दो बकरियों और एक पुरुष को पकड़कर अपने साथ ले गए, लेकिन वापस सेड़ा-बेड़ा गांव की ओर आने के पर वहां काफी संख्या में लोगों ने वन विभाग की टीम का रास्ता बांस-बल्ली लगाकर रोक लिया। दोनों पक्षों में काफी देर झड़प होती रही। मामला हाथापाई तक पहुंच गया। चर्चा यह भी थी कि डीडी से भी हाथापाई हुई है, लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया। डीडी का कहना है कि स्टाफ के साथ ही झड़प हुई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
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सोशल मीडिया पर दुधवा नेशनल पार्क की गौरीफंटा रेंज में पार्क कर्मियों को ग्रामीणों द्वारा घेर कर पीटे जाने का मामला वायरल हो रहा था। इसमें काफी संख्या में भीड़ की एक वीडियो भी पड़ी थी। चर्चा यह भी थी कि पार्क के डीडी से भी हाथापाई हुई। मामले में पड़ताल करने पर पता चला कि दो बकरियों व एक ग्रामीण को गश्त के दौरान पार्क कर्मी पकड़कर कीरतपुर बीट में चले गए साथ में डीडी मनोज सोनकर भी थे। इधर गुस्साए ग्रामीणों ने सेड़ा-बेड़ा में रास्ते पर बांस-बल्लियां लगाकर रास्ता बंद कर दिया। वनकर्मियों की टीम जब लौटी तो पार्ककर्मियों और ग्रामीणों के बीच गरमागरमी और हाथापाई होने लगी। सोशल मीडिया पर चर्चा यह रही कि डीडी भी इस हाथापाई का शिकार हुए। हालांकि खुद से हाथापाई की बात से डीडी ने इनकार किया। सूचना पर प्रभारी निरीक्षक रमेश चंद्र यादव मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को समझाने बुझाया। सहमति इस बात पर बनी कि पकड़े गए ग्रामीण व बकरियां को छोड़ा जाएगा। पार्क कर्मियों ने ग्रामीण व बकरियों को छोड़ दिया जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।
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क्या कहते हैं पार्क के डिप्टी डायरेक्टर
डीडी मनोज सोनकर ने बताया कि मानसून पेट्रोलिंग के दौरान जंगल के कोर एरिया में पुरुष व महिलाएं आग जलाकर बैठीं थीं और मवेशी चर रहे थे। संवेदनशील इलाका होने के कारण उन्होंने महिलाओं को भेज दिया और पुरुष व दो बकरों को साक्ष्य के रूप में ले लिया। उधर कीरतपुर बीट से लौटते समय सेड़ा-बेड़ा में कुछ लोगों ने रास्ते पर बल्ली डालकर रोक लिया और उन्हीं में कुछ लोग हाथापाई का प्रयास करने लगे। किसी तरह की कोई हाथापाई नहीं हुई है और न ही किसी पार्क कर्मी को चोट आईं है। किसी ग्रामीण के खिलाफ तहरीर भी नहीं दी गई है।
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देर रात तक मची रही अफरातफरी, पुलिस के छूटे पसीने
मामले के बाद सेड़ा-बेड़ा गांव में घटनास्थल के बाद देर रात तक अफरातफरी का माहौल बना रहा। गौरीफंटा कोतवाली पुलिस को भी देर रात तक मामले में ग्रामीणों को समझाने में पसीने छूट गए। ग्रामीणों के शांत होने के बाद सभी को वहां से रवाना किया गया।

एक माह पूर्व भी हो चुका है वन विभाग से ग्रामीणों का विवाद
बीती एक जुलाई को भी भारत-नेपाल सीमा पर मोहाना नदी घाट की जमीन को जोतने को लेकर दुधवा नेशनल पार्क की बनकटी वन विभाग की टीम और कजरिया गांव की वन समिति के लोगों के बीच झड़प हो गई। जो मारपीट में बदल गई। वनकर्मियों ने कई हवाई फायर किए जिसके बाद समिति के लोगों की भीड़ कम हुई। मामले में दोनों पक्षों की तरफ से रिपोर्ट भी गौरीफंटा कोतवाली पुलिस में दर्ज कराई गई थी।
इस स्तर के अधिकारी द्वारा जैसा चर्चा में आ रहा है वैसा कार्य शोभा नहीं देता है। बात पड़ी तो मैं गरीब जनता का साथ दूंगा।
- रोमी साहनी, विधायक पलिया विधानसभा
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