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अवैध खाद बरामदगी मामले में कार्रवाई से बचने को बनाई फर्जी रसीदें
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लखीमपुर खीरी। शारदानगर चौकी क्षेत्र के गांव बड़ागांव में पांच जनवरी 2020 को एक प्राइवेट दुकान पर 76 बोरी इफको ब्रांड खाद बरामदगी मामले में दुकानदार के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए पेशबंदी शुरू हो गई है। इस मामले में कार्रवाई से बचने के लिए दुकानदार ने दूसरे व्यक्ति के माध्यम से डीएम को प्रार्थना पत्र दिलवाया है, जिसमें गन्ना समिति से खाद खरीदे जाने की फर्जी रसीद लगाई हैं। इन रसीदों पर न तो किसी समिति का नाम-पता है और न ही विक्रेता के हस्ताक्षर हैं।
बड़ागांव निवासी अब्दुल मोईद की ओर से जनसुनवाई में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि प्रार्थी का मकान बड़ागांव चौराहे पर स्थित है। इसमें कुछ किसान ऋण पर खाद लेकर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर उसका प्रयोग अपने खेतों में करते हैं। किसी झूठी शिकायत पर पांच जनवरी 2020 को जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने इफको ब्रांड यूरिया की 76 बोरी सीज कर दी थी, जो मुन्नालाल, रफीक अन्य की थी। शिकायतकर्ता ने बताया है कि दुकानदार यूनुस की खाद नहीं है और न ही खाद से उसका संबंध है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रार्थना पत्र की जांच पीपीओ को सौंप दी है। साथ में संलग्नक के तौर पर दो कैशमेमो भी लगाई गई हैं, जिन पर रफीक और मुन्नूलाल के नाम है। मुन्नूलाल के नाम वाली रसीद में 15 बोरी यूरिया, 25 बोरी एनपीके और रफीक वाली रसीद में 30 बोरी यूरिया बेचे जाने का जिक्र है। जबकि कार्रवाई के दौरान निशा फर्टिलाइजर के मालिक यूनुस ने पप्पू जायसवाल नाम के किसान की खाद होने की बात बताई थी। जांच में पता चला है कि प्रार्थना पत्र देने वाले अब्दुल मोईद के कथित मकान की चौहद्दी निशा फर्टिलाइजर के लाइसेंस में दर्ज है।
इस शिकायत की जांच मिली है। संलग्न खाद की कैशमेमो प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होती हैं, क्योंकि उन पर किसी समिति का नाम नहीं है और न ही किसी के हस्ताक्षर हैं। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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-डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी
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बड़ागांव निवासी अब्दुल मोईद की ओर से जनसुनवाई में दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि प्रार्थी का मकान बड़ागांव चौराहे पर स्थित है। इसमें कुछ किसान ऋण पर खाद लेकर रखते हैं और जरूरत पड़ने पर उसका प्रयोग अपने खेतों में करते हैं। किसी झूठी शिकायत पर पांच जनवरी 2020 को जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने इफको ब्रांड यूरिया की 76 बोरी सीज कर दी थी, जो मुन्नालाल, रफीक अन्य की थी। शिकायतकर्ता ने बताया है कि दुकानदार यूनुस की खाद नहीं है और न ही खाद से उसका संबंध है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने प्रार्थना पत्र की जांच पीपीओ को सौंप दी है। साथ में संलग्नक के तौर पर दो कैशमेमो भी लगाई गई हैं, जिन पर रफीक और मुन्नूलाल के नाम है। मुन्नूलाल के नाम वाली रसीद में 15 बोरी यूरिया, 25 बोरी एनपीके और रफीक वाली रसीद में 30 बोरी यूरिया बेचे जाने का जिक्र है। जबकि कार्रवाई के दौरान निशा फर्टिलाइजर के मालिक यूनुस ने पप्पू जायसवाल नाम के किसान की खाद होने की बात बताई थी। जांच में पता चला है कि प्रार्थना पत्र देने वाले अब्दुल मोईद के कथित मकान की चौहद्दी निशा फर्टिलाइजर के लाइसेंस में दर्ज है।
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इस शिकायत की जांच मिली है। संलग्न खाद की कैशमेमो प्रथम दृष्टया फर्जी प्रतीत होती हैं, क्योंकि उन पर किसी समिति का नाम नहीं है और न ही किसी के हस्ताक्षर हैं। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट डीएम को सौंपी जाएगी।
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-डॉ इंद्रेषु कुमार गौतम, जिला कृषि रक्षा अधिकारी