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सिपाहियों का उस्ताद बना हिस्ट्रीशीटर, पैसा कमाने का सिखाया तरीका
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लखीमपुर खीरी। शहर के एक व्यापारी को दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी देकर जिन दो सिपाहियों ने एक लाख रुपये वसूलने के मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। वसूली का यह मामला अमर उजाला में छपने के बाद पुलिस महकमे के लोगों के बीच यह बात चर्चा में आई है कि इन दोनों सिपाहियों को पैरोल पर छूटे एक हिस्ट्रीशीटर ने ही रकम कमाने के तरीके सिखाए। उसी ने व्यापारी के नाम सिपाहियों को बताया था।
सदर कोतवाली में तैनात दोनों आरोपी सिपाही स्पेशल टीम के सिपाही है। करीब 17 दिन पहले दोनों सिपाही मोहल्ला रामनगर निवासी व्यापारी को कोतवाली उठा लाए थे। सिपाहियों ने उस पर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, जबकि उस नाम की महिला ने कोई शिकायत ही नहीं की थी। इसके बाद मुखबिर/हिस्ट्रीशीटर ने सिपाहियों का काम आसान करने का जिम्मा खुद ही संभाला। लॉकअप में बंद व्यापारी को कार्रवाई से बचाने का झांसा देते हुए पांच लाख रुपये की डिमांड की, जिस पर दोनों बीच बात नहीं बनी। फिर मामला ढाई लाख रुपये पर आया। बाद में सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ। व्यापारी के पिता ने बैंक खाते से रुपये निकालकर एक लाख पांच हजार रुपये हिस्ट्रीशीटर औैर दोनों सिपाहियों को दिए थे। 95 हजार रुपये बाकी रह गए थे।
लालच बनी बुरी बला....
दोनों सिपाहियों और हिस्ट्रीशीटर ने मिलकर व्यापारी से एक लाख पांच हजार रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद व्यापारी भी नियति मानकर चुपचाप बैठ गया था। कहते हैैं कि लालच बुरी बला है। ठीक ऐसा ही इस मामले में हुआ। पांच दिन पहले दोनों सिपाही और हिस्ट्रीशीटर बाकी 95 हजार रुपये वसूलने के लिए व्यापारी के घर जा धमके। उसे डराया धमकाया। पीड़ित व्यापारी ने इस बातचीत का ऑडियो टेप कर लिया। लालची सिपाहियों से पीछा छुड़ाने के लिए शुक्रवार को व्यापारी एक भाजपा नेता के साथ एसपी पूनम से मिला और पूरा घटनाक्रम बताया। एसपी ने सीओ सिटी को जांच दे दी, मगर विभाग की छवि धूमिल होते देख अफसर भी प्रकरण को दबाने के प्रयास में जुट गए। अमर उजाला ने 14 सितंबर के अंक में ‘फंसे सिपाही: महिला से दुष्कर्म के आरोप में एक लाख वसूले व्यापारी से’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से छापी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एएसपी शैलेंद्र लाल ने शनिवार को दोनों सिपाहियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। फटकार भी लगाई।
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कोतवाली वाले अब भी जुटे हैं मामला दबाने में
कार्रवाई की तलवार लटकते देख दोनों सिपाहियों ने पीड़ित व्यापारी और उसके परिचितों के पास दौड़ लगानी शुरू कर दी है। सिपाही और उनके चहेते शिकायतकर्ता की मान मनौव्वल में जुट गए हैं। जांच अधिकारी ने तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं की है। सूत्रों की माने तो सिपाहियों ने इंस्पेक्टर की भी किरकिरी करा दी है। इससे दोनों सिपाहियों को लेकर इंस्पेक्टर सदर विधायक के पास भी पहुंचे और मामले को मैनेज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रकरण की जांच की जा रही है। अभी वीडीओ की आत्महत्या मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगा हूं। इसलिए अभी आरोपी सिपाहियों के बयान नहीं हो पाए हैं। -विजय आंनद, सीओ सिटी
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सदर कोतवाली में तैनात दोनों आरोपी सिपाही स्पेशल टीम के सिपाही है। करीब 17 दिन पहले दोनों सिपाही मोहल्ला रामनगर निवासी व्यापारी को कोतवाली उठा लाए थे। सिपाहियों ने उस पर एक महिला से दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था, जबकि उस नाम की महिला ने कोई शिकायत ही नहीं की थी। इसके बाद मुखबिर/हिस्ट्रीशीटर ने सिपाहियों का काम आसान करने का जिम्मा खुद ही संभाला। लॉकअप में बंद व्यापारी को कार्रवाई से बचाने का झांसा देते हुए पांच लाख रुपये की डिमांड की, जिस पर दोनों बीच बात नहीं बनी। फिर मामला ढाई लाख रुपये पर आया। बाद में सौदा दो लाख रुपये में तय हुआ। व्यापारी के पिता ने बैंक खाते से रुपये निकालकर एक लाख पांच हजार रुपये हिस्ट्रीशीटर औैर दोनों सिपाहियों को दिए थे। 95 हजार रुपये बाकी रह गए थे।
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लालच बनी बुरी बला....
दोनों सिपाहियों और हिस्ट्रीशीटर ने मिलकर व्यापारी से एक लाख पांच हजार रुपये वसूल लिए थे। इसके बाद व्यापारी भी नियति मानकर चुपचाप बैठ गया था। कहते हैैं कि लालच बुरी बला है। ठीक ऐसा ही इस मामले में हुआ। पांच दिन पहले दोनों सिपाही और हिस्ट्रीशीटर बाकी 95 हजार रुपये वसूलने के लिए व्यापारी के घर जा धमके। उसे डराया धमकाया। पीड़ित व्यापारी ने इस बातचीत का ऑडियो टेप कर लिया। लालची सिपाहियों से पीछा छुड़ाने के लिए शुक्रवार को व्यापारी एक भाजपा नेता के साथ एसपी पूनम से मिला और पूरा घटनाक्रम बताया। एसपी ने सीओ सिटी को जांच दे दी, मगर विभाग की छवि धूमिल होते देख अफसर भी प्रकरण को दबाने के प्रयास में जुट गए। अमर उजाला ने 14 सितंबर के अंक में ‘फंसे सिपाही: महिला से दुष्कर्म के आरोप में एक लाख वसूले व्यापारी से’ शीर्षक से खबर प्रमुखता से छापी तो पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एएसपी शैलेंद्र लाल ने शनिवार को दोनों सिपाहियों को बुलाकर पूरे मामले की जानकारी ली। फटकार भी लगाई।
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कोतवाली वाले अब भी जुटे हैं मामला दबाने में
कार्रवाई की तलवार लटकते देख दोनों सिपाहियों ने पीड़ित व्यापारी और उसके परिचितों के पास दौड़ लगानी शुरू कर दी है। सिपाही और उनके चहेते शिकायतकर्ता की मान मनौव्वल में जुट गए हैं। जांच अधिकारी ने तीन दिन बाद भी जांच शुरू नहीं की है। सूत्रों की माने तो सिपाहियों ने इंस्पेक्टर की भी किरकिरी करा दी है। इससे दोनों सिपाहियों को लेकर इंस्पेक्टर सदर विधायक के पास भी पहुंचे और मामले को मैनेज कराने का प्रयास कर रहे हैं।
प्रकरण की जांच की जा रही है। अभी वीडीओ की आत्महत्या मामले में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में लगा हूं। इसलिए अभी आरोपी सिपाहियों के बयान नहीं हो पाए हैं। -विजय आंनद, सीओ सिटी