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टेरर फंडिंग: कई राज खोलने के बाद सिराजुद्दीन और फहीम फिर पहुंचे जेल
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लखीमपुर खीरी। टेरर फंडिंग के मामले में गिरफ्तार सिराजुद्दीन और फहीम का कस्टडी रिमांड शनिवार को पूरा हो गया। इसके बाद एटीएस ने दोनों आरोपियों को जेल में दाखिल कर दिया।
निघासन थाना पुलिस और यूपीएटीएस ने 11 अक्तूबर को टेरर फंडिंग का खुलासा करते हुए इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी के उम्मेद अली और सलीम सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के संजय अग्रवाल और तिकुनियां के गांव बदालपुरवा निवासी एराज अली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बरेली के परतापुर चौधरी के ही फहीम और सिराजुद्दीन को एटीएस ने 17 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों के साथ ही कुल चार लोगों के नाम पुलिस ने वांछित के रूप में खोले, दो अन्य मुमताज और सदाकत भी इस वक्त जेल में हैं।
फहीम और सिराजुद्दीन का 19 अक्तूबर को एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह राठौर ने 10 दिन का कस्टडी रिमांड मांगा था। सीजेएम ने सात दिन का रिमांड मंजूर किया था। शनिवार को रिमांड की अवधि समाप्त हो गई। जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि एटीएस ने फहीम और सिराजुद्दीन को शनिवार को वापस लाकर जेल में दाखिल कर दिया है। इससे पहले दोनों का डॉक्टरी परीक्षण भी कराया गया।
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रिमांड के दौरान फहीम और सिराजुद्दीन से पूछताछ में नाईजीरिया के चिनवेउबा एमेका माइकल व पीटर हरमन अस्सेंगा के अलावा मुंबई के अर्जुन अशोक खराडे के नाम सामने आए। फिर तीनों को पिछले दिनों गिरफ्तार कर लिया गया। नाइजीरियाई पीटर हरमन अस्सेंगा ने नेपाल के बैंक की वेबसाइट को हैक कर रकम निकालता था। जबकि नेपाल से भारतीय मुद्रा में बदली गई रकम फहीम और सिराजुद्दीन जिनेउबा एमेका माइकल को पहुंचाते थे।
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निघासन थाना पुलिस और यूपीएटीएस ने 11 अक्तूबर को टेरर फंडिंग का खुलासा करते हुए इज्जतनगर (बरेली) के गांव परतापुर चौधरी के उम्मेद अली और सलीम सलमानी, तिकुनियां (लखीमपुर खीरी) के संजय अग्रवाल और तिकुनियां के गांव बदालपुरवा निवासी एराज अली को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बरेली के परतापुर चौधरी के ही फहीम और सिराजुद्दीन को एटीएस ने 17 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया था। इन दोनों के साथ ही कुल चार लोगों के नाम पुलिस ने वांछित के रूप में खोले, दो अन्य मुमताज और सदाकत भी इस वक्त जेल में हैं।
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फहीम और सिराजुद्दीन का 19 अक्तूबर को एटीएस के डीएसपी शैलेंद्र कुमार सिंह राठौर ने 10 दिन का कस्टडी रिमांड मांगा था। सीजेएम ने सात दिन का रिमांड मंजूर किया था। शनिवार को रिमांड की अवधि समाप्त हो गई। जेल अधीक्षक आरबी पटेल ने बताया कि एटीएस ने फहीम और सिराजुद्दीन को शनिवार को वापस लाकर जेल में दाखिल कर दिया है। इससे पहले दोनों का डॉक्टरी परीक्षण भी कराया गया।
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रिमांड के दौरान फहीम और सिराजुद्दीन से पूछताछ में नाईजीरिया के चिनवेउबा एमेका माइकल व पीटर हरमन अस्सेंगा के अलावा मुंबई के अर्जुन अशोक खराडे के नाम सामने आए। फिर तीनों को पिछले दिनों गिरफ्तार कर लिया गया। नाइजीरियाई पीटर हरमन अस्सेंगा ने नेपाल के बैंक की वेबसाइट को हैक कर रकम निकालता था। जबकि नेपाल से भारतीय मुद्रा में बदली गई रकम फहीम और सिराजुद्दीन जिनेउबा एमेका माइकल को पहुंचाते थे।