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पराली जलाने के मामले में प्रधान समेत चार पर रिपोर्ट दर्ज
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निघासन। खेतों में धान की पराली जलाने को लेकर कृषि रक्षा अधिकारी ने खैरटिया ग्राम प्रधान सहित चार किसानों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करायी है। कृषि विभाग के इस कार्रवाई से किसानों में खलबली मची है।
कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेश कुमार ने बताया कि वह अपनी टीम एडीओ पंचायत रामकिशुन शर्मा और टीम के अन्य सदस्यों के साथ शुक्रवार को क्षेत्र भ्रमण पर थे। वह बॉर्डर पर स्थित कई गांवों का औचक निरीक्षण कर रहे थे। खैरटिया ग्राम प्रधान प्रगट सिंह, इसी गांव के सज्जन सिंह, कश्यप नगर निवासी निर्मल सिंह, रकेहटी के पास स्थित हंजरा फार्म निवासी मेजर आदि के खेत में पराली जली हुई मिली। किसानों ने कंपाइन आदि से खेत धान की फसल काट ली थी। उसके बाद खेतों में पराली पड़ा हुआ था। किसानों ने अपने खेत में पराली को जला दिया था। निरीक्षण के दौरान खेत में पराली जलाने की राख मिली। इंद्रेश कुमार ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन ने सेटेलाइट के जरिये पराली जलाने की जानकारी दी थी, जिसके चलते कार्रवाई की गई है। अब तक जिले में 30 से अधिक किसानों ने खेत में पराली जलाई है। उन पर भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि खेत में गन्नें की पत्ती, धान की पराली, भूसा समेत कुछ भी जलाना प्रतिबंधित है। यदि यह सब जलाया गया तो मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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कृषि रक्षा अधिकारी डॉ. इंद्रेश कुमार ने बताया कि वह अपनी टीम एडीओ पंचायत रामकिशुन शर्मा और टीम के अन्य सदस्यों के साथ शुक्रवार को क्षेत्र भ्रमण पर थे। वह बॉर्डर पर स्थित कई गांवों का औचक निरीक्षण कर रहे थे। खैरटिया ग्राम प्रधान प्रगट सिंह, इसी गांव के सज्जन सिंह, कश्यप नगर निवासी निर्मल सिंह, रकेहटी के पास स्थित हंजरा फार्म निवासी मेजर आदि के खेत में पराली जली हुई मिली। किसानों ने कंपाइन आदि से खेत धान की फसल काट ली थी। उसके बाद खेतों में पराली पड़ा हुआ था। किसानों ने अपने खेत में पराली को जला दिया था। निरीक्षण के दौरान खेत में पराली जलाने की राख मिली। इंद्रेश कुमार ने चारों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करायी है। कृषि रक्षा अधिकारी ने बताया कि शासन ने सेटेलाइट के जरिये पराली जलाने की जानकारी दी थी, जिसके चलते कार्रवाई की गई है। अब तक जिले में 30 से अधिक किसानों ने खेत में पराली जलाई है। उन पर भी कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि खेत में गन्नें की पत्ती, धान की पराली, भूसा समेत कुछ भी जलाना प्रतिबंधित है। यदि यह सब जलाया गया तो मामले में रिपोर्ट दर्ज की जाएगी।
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