{"_id":"5e8f37bd8ebc3e7738598b98","slug":"corona-ppe-kit-lakhimpur-news-bly40218124","type":"story","status":"publish","title_hn":"शासन को भायी महिला समूहों की बनाई पीपीई किट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शासन को भायी महिला समूहों की बनाई पीपीई किट
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) द्वारा बनाई जा रही पीपीई किट को शासन स्तर पर परीक्षण के बाद मंजूरी मिल गई है। इससे जिले को कोरोना से जारी लड़ाई में नई पहचान मिलेगी। साथ ही पीपीई किट की आपूर्ति करने में सरकार के सामने आ रही दिक्कत भी कम हो जाएंगी। सीडीओ अरविंद सिंह की प्रेरणा से इस काम में जुटी महिला समूहों की आमदनी का नया स्रोत भी बनेगा। महिला समूहों द्वारा तैयार किए गए पीपीई किट की तारीफ करते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने भी 500 किट खरीदने का आर्डर दिया है।
पांच ब्लॉकों ईसानगर, निघासन, लखीमपुर, पलिया, कुंभी के 27 महिला समूह पीपीई किट बनाने के काम में जुट गए हैं। पीपीई किट बनाने में उपयोग होने वाले मैटेरियल पालीप्रापलिन (लैमिनेटेड) की आपूर्ति लखनऊ से कराई जा रही है, जो सबसे अच्छी गुणवत्ता का माना जाता है। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि समूहों द्वारा पहले भी यूनिफार्म, सोलर लाइट असेंबल आदि कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं, जिससे इनकी दक्षता साबित हुई है। कोरोना महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा है, जिससे आमजन को बचाने में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, एंबुलेंस ड्राइवरों, फ्रंटलाइन में लगे पुलिसकर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही पीपीई किट की डिमांड बढ़ती जा रही है। लिहाजा पीपीई किट की कमी को पूरा करने के लिए जनपद में ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा पीपीई किट तैयार कराने की अनोखी पहल सीडीओ ने की, जिसमें कामयाबी भी मिली।
किट के भौतिक परीक्षण में संशोधन भी बताए
निदेशक संचारी रोग ने कमेटी के द्वारा पीपीई किट का भौतिक परीक्षण कराया गया, जिसमें फैब्रिक संतोषजनक मिला। बस डिजाइन में कुछ मामूली संशोधन जैसे बॉडी कवर गाउन के अंदर की तरफ भी बंधन लगाने, हेड कवर में आंख, मुंह, नाक के एरिया के लिए खुलने वाले स्थान की डिजाइन में सुधार की सलाह दी गई। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर को महिला समूहों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
सामाजिक दूरी और सुरक्षा हो रहा पालन
पीपीई किट निर्माण करने वाली समूहों को सुरक्षित स्थान वाले भवन मुहैया कराए गए हैं। ईसानगर ब्लॉक के खमरिया स्थित चंद्रप्रभा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में समूह की महिलाएं पीपीई किट बनाने के काम में लगी हैं। ऐसे ही लखीमपुर में भी छाउछ स्थित सरकारी भवन में किट तैयार कराए जा रहे हैं।
80 हजार मास्क बनाने का समूहों को मिला आर्डर
महिला स्वयं सहायता समूह कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अब तक 25 हजार मास्क तैयार करके वितरित कराए जा चुके हैं। अब 80 हजार मास्क तैयार करने का आर्डर दिया गया है, जिसके लिए 10 हजार मीटर कपड़ा खादी ग्रामोद्योग से लिया गया है। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि इन मास्क का वितरण सफाईकर्मियों, लेखपालों, प्रधानों समेत आमजन में किया जाएगा।
कोरोना महामारी से जंग में पीपीई किट की भारी डिमांड को देखते हुए महिला समूहों को यह काम दिया गया, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है। इनके द्वारा तैयार की गई पीपीई किट को शासन स्तर से सप्लाई की मंजूरी मिल गई है। कुछ संशोधन बताए गए थे, जिनका पालन कराते हुए किट तैयार किए जा रहे हैं।
-अरविंद सिंह, सीडीओ
विज्ञापन
पांच ब्लॉकों ईसानगर, निघासन, लखीमपुर, पलिया, कुंभी के 27 महिला समूह पीपीई किट बनाने के काम में जुट गए हैं। पीपीई किट बनाने में उपयोग होने वाले मैटेरियल पालीप्रापलिन (लैमिनेटेड) की आपूर्ति लखनऊ से कराई जा रही है, जो सबसे अच्छी गुणवत्ता का माना जाता है। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि समूहों द्वारा पहले भी यूनिफार्म, सोलर लाइट असेंबल आदि कार्य सफलतापूर्वक किए गए हैं, जिससे इनकी दक्षता साबित हुई है। कोरोना महामारी से पूरा विश्व जूझ रहा है, जिससे आमजन को बचाने में ड्यूटी कर रहे डॉक्टरों, नर्सों, स्वास्थ्य कर्मियों, एंबुलेंस ड्राइवरों, फ्रंटलाइन में लगे पुलिसकर्मियों को पीपीई किट उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है। संक्रमितों की संख्या बढ़ने के साथ ही पीपीई किट की डिमांड बढ़ती जा रही है। लिहाजा पीपीई किट की कमी को पूरा करने के लिए जनपद में ही स्वयं सहायता समूहों द्वारा पीपीई किट तैयार कराने की अनोखी पहल सीडीओ ने की, जिसमें कामयाबी भी मिली।
विज्ञापन
किट के भौतिक परीक्षण में संशोधन भी बताए
निदेशक संचारी रोग ने कमेटी के द्वारा पीपीई किट का भौतिक परीक्षण कराया गया, जिसमें फैब्रिक संतोषजनक मिला। बस डिजाइन में कुछ मामूली संशोधन जैसे बॉडी कवर गाउन के अंदर की तरफ भी बंधन लगाने, हेड कवर में आंख, मुंह, नाक के एरिया के लिए खुलने वाले स्थान की डिजाइन में सुधार की सलाह दी गई। इसके लिए विशेषज्ञ डॉक्टर को महिला समूहों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
सामाजिक दूरी और सुरक्षा हो रहा पालन
पीपीई किट निर्माण करने वाली समूहों को सुरक्षित स्थान वाले भवन मुहैया कराए गए हैं। ईसानगर ब्लॉक के खमरिया स्थित चंद्रप्रभा सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में समूह की महिलाएं पीपीई किट बनाने के काम में लगी हैं। ऐसे ही लखीमपुर में भी छाउछ स्थित सरकारी भवन में किट तैयार कराए जा रहे हैं।
80 हजार मास्क बनाने का समूहों को मिला आर्डर
महिला स्वयं सहायता समूह कोरोना महामारी के खिलाफ जंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। अब तक 25 हजार मास्क तैयार करके वितरित कराए जा चुके हैं। अब 80 हजार मास्क तैयार करने का आर्डर दिया गया है, जिसके लिए 10 हजार मीटर कपड़ा खादी ग्रामोद्योग से लिया गया है। सीडीओ अरविंद सिंह ने बताया कि इन मास्क का वितरण सफाईकर्मियों, लेखपालों, प्रधानों समेत आमजन में किया जाएगा।
कोरोना महामारी से जंग में पीपीई किट की भारी डिमांड को देखते हुए महिला समूहों को यह काम दिया गया, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया है। इनके द्वारा तैयार की गई पीपीई किट को शासन स्तर से सप्लाई की मंजूरी मिल गई है। कुछ संशोधन बताए गए थे, जिनका पालन कराते हुए किट तैयार किए जा रहे हैं।
-अरविंद सिंह, सीडीओ