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संदिग्ध परिस्थितियों में युवक की मौत
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निघासन। क्षेत्र के गांव मुर्गहा में युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। किसी ने कोरोना संदिग्ध होने की जानकारी कंट्रोल रूम को दी। इस पर रमियाबेहड़ से पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मृतक का ब्लड सैंपल लिया। परिवार वालों के मुताबिक उसे तीन दिनों से खांसी, जुकाम और पेट दर्द से परेशान था।
सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने बताया कि गांव मुर्गहा निवासी 40 वर्षीय विजय चौहान नौ मई को रोहतक (हरियाणा) से आया था। वह रविवार को सिंगाही थाना क्षेत्र के गांव खैरीगढ़ निवासी अपने साले शिवपूजन से मिलने गया था। वहां पर उसको बुखार, खांसी के अलावा सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसके बाद उसके पेट में दर्द भी चालू हो गया। सोमवार सुबह गांव स्थित एक झोलाछाप को दिखाया। झोलाछाप ने दवा दी, लेकिन उसको फायदा नहीं हुआ। सोमवार को उसको लेकर उसके गांव मुर्गहा आ गए। रात में उसकी तबियत एक बार फिर बिगड़ी। जिस पर घर वाले पलिया सीएचसी ले गए। वहां पर डॉक्टर के न मिलने पर फार्मसिस्ट ने दवा दी। मंगलवार सुबह फिर बुलाया, परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने खांसी, जुकाम और बुखार होने के कारण कोरोना आदि समझने पर इसी सूचना कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम के आदेश पर सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने शव का अंतिम संस्कार कराने से मना कर दिया। रमियाबेहड़ स्वास्थ्य विभाग टीम को ब्लड सैंपल लेने के आदेश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लड सैंपल लेने के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
सीएचसी में एलटी की तैनाती न होने के कारण रमियाबेहड़ की टीम भेजी गई है। उसके पेट में दर्ज होने के साथ बुखार आदि की शिकायत बताई गई है। सैंपल लेने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार से कहा गया है। इस मामले में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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- लालजी पासी, सीएचसी प्रभारी निघासन
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सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने बताया कि गांव मुर्गहा निवासी 40 वर्षीय विजय चौहान नौ मई को रोहतक (हरियाणा) से आया था। वह रविवार को सिंगाही थाना क्षेत्र के गांव खैरीगढ़ निवासी अपने साले शिवपूजन से मिलने गया था। वहां पर उसको बुखार, खांसी के अलावा सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसके बाद उसके पेट में दर्द भी चालू हो गया। सोमवार सुबह गांव स्थित एक झोलाछाप को दिखाया। झोलाछाप ने दवा दी, लेकिन उसको फायदा नहीं हुआ। सोमवार को उसको लेकर उसके गांव मुर्गहा आ गए। रात में उसकी तबियत एक बार फिर बिगड़ी। जिस पर घर वाले पलिया सीएचसी ले गए। वहां पर डॉक्टर के न मिलने पर फार्मसिस्ट ने दवा दी। मंगलवार सुबह फिर बुलाया, परिवार के लोग उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे। इसी बीच उसकी मौत हो गई। गांव के लोगों ने खांसी, जुकाम और बुखार होने के कारण कोरोना आदि समझने पर इसी सूचना कंट्रोल रूम को दी। कंट्रोल रूम के आदेश पर सीएचसी प्रभारी लालजी पासी ने शव का अंतिम संस्कार कराने से मना कर दिया। रमियाबेहड़ स्वास्थ्य विभाग टीम को ब्लड सैंपल लेने के आदेश दिए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ब्लड सैंपल लेने के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया।
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सीएचसी में एलटी की तैनाती न होने के कारण रमियाबेहड़ की टीम भेजी गई है। उसके पेट में दर्ज होने के साथ बुखार आदि की शिकायत बताई गई है। सैंपल लेने के बाद शव का अंतिम संस्कार कराने के लिए परिवार से कहा गया है। इस मामले में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
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- लालजी पासी, सीएचसी प्रभारी निघासन