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वतन जाने की उम्मीद लिए काफी संख्या में नेपाल के लोग पहुंचे
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पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर से दो दिन के लिए भारत और नेपाल के नागरिकों के हुए आदान-प्रदान की सूचना मिलने के बाद देश के कई शहरों से नेपालियों के आने का सिलसिला जारी है। 24 घंटे में एक हजार से ऊपर नेपाली यहां आ चुका है। जिनको ठहराने और उनके भोजन की व्यवस्था करने में तहसील प्रशासन के हाथ पांव फूल गए हैं। लेखपालों की टीम लगातार लगी हुईं हैं। नेपाल के लोगों को यहां क्वारंटीन केंद्रों पर भेजने की व्यवस्था की जा रही है। फिलहाल नेपाल से हरी झंडी मिलने का इंतजार किया जा रहा है जिससे नेपाल के लोगों को उनके वतन भेजा जा सके।
तीन दिन पहले भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर से दो दिन के लिए दोनों देशों के नागरिकों का आदान-प्रदान किया गया था। जिसके बाद से भारत के विभिन्न शहरों में काम करने वाले सैकड़ों की संख्या में नेपाली यहां बॉर्डर पर पहुंचने लगे, जिनको वहां से लौटा दिया गया। इसके बाद सूचना पर तहसीलदार आशीष कुमार सिंह पलिया पहुंचे ज्यादातर लोगों की स्क्रीनिंग कराई और उन्हें बाद में क्वारंटीन केंद्रों पर ठहराने के साथ भोजन आदि की व्यवस्था की। इधर, नेपाल बॉर्डर से वापस भारत में भेज दिए गए नेपालियों में वहां की सरकार के उन्हें नेपाल में प्रवेश न देने से आक्रोश दिखाई दिया।
स्कूलों और मैरिज हालों को बनाया गया है क्वारंटीन केंद्र
काफी संख्या में नेपालियों के पलिया में आने पर तहसील प्रशासन उन्हें स्कूलों और मैरिज हालों में बनाए गए क्वारंटीन केंद्रों पर रुकवा रहा है। इसमें बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज, पलिया मांटेसरी स्कूल, हरशंकर लॉन, सुंदरम पैलेस, गोल्डन पैलेस, प्रेसिडेंट पार्क, सिंह पैलेस समेत अन्य स्थान हैं।
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बसें और अन्य वाहने किराये पर करके पहुंच रहे हैं पलिया
देश के विभिन्न शहरों से नेपाल के लोग हजारों रुपये खर्च करते बसें अन्य वाहन किराये पर लेकर महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं लेकिन उनको सीमा से नेपाल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जिससे वह खासे परेशान हैं।
नेपालियों के आने का क्रम लगातार जारी है। सोमवार को सुबह से मंगलवार की दोपहर तक एक हजार से ऊपर नेपाली नागरिक यहां पहुंच चुके हैं इसके बाद भी लगातार इन लोगों के आने का सिलसिला जारी है। सभी को क्वारंटीन केंद्रों में रखकर उनके भोजन की व्यवस्था तहसील प्रशासन कर रहा है।
-आशीष कुमार सिंह, तहसीलदार पलिया
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तीन दिन पहले भारत-नेपाल सीमा के गौरीफंटा बॉर्डर से दो दिन के लिए दोनों देशों के नागरिकों का आदान-प्रदान किया गया था। जिसके बाद से भारत के विभिन्न शहरों में काम करने वाले सैकड़ों की संख्या में नेपाली यहां बॉर्डर पर पहुंचने लगे, जिनको वहां से लौटा दिया गया। इसके बाद सूचना पर तहसीलदार आशीष कुमार सिंह पलिया पहुंचे ज्यादातर लोगों की स्क्रीनिंग कराई और उन्हें बाद में क्वारंटीन केंद्रों पर ठहराने के साथ भोजन आदि की व्यवस्था की। इधर, नेपाल बॉर्डर से वापस भारत में भेज दिए गए नेपालियों में वहां की सरकार के उन्हें नेपाल में प्रवेश न देने से आक्रोश दिखाई दिया।
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स्कूलों और मैरिज हालों को बनाया गया है क्वारंटीन केंद्र
काफी संख्या में नेपालियों के पलिया में आने पर तहसील प्रशासन उन्हें स्कूलों और मैरिज हालों में बनाए गए क्वारंटीन केंद्रों पर रुकवा रहा है। इसमें बलदेव वैदिक इंटर कॉलेज, जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, गौतम बुद्ध इंटर कॉलेज, पलिया मांटेसरी स्कूल, हरशंकर लॉन, सुंदरम पैलेस, गोल्डन पैलेस, प्रेसिडेंट पार्क, सिंह पैलेस समेत अन्य स्थान हैं।
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बसें और अन्य वाहने किराये पर करके पहुंच रहे हैं पलिया
देश के विभिन्न शहरों से नेपाल के लोग हजारों रुपये खर्च करते बसें अन्य वाहन किराये पर लेकर महिलाओं और बच्चों के साथ पहुंच रहे हैं लेकिन उनको सीमा से नेपाल में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जिससे वह खासे परेशान हैं।
नेपालियों के आने का क्रम लगातार जारी है। सोमवार को सुबह से मंगलवार की दोपहर तक एक हजार से ऊपर नेपाली नागरिक यहां पहुंच चुके हैं इसके बाद भी लगातार इन लोगों के आने का सिलसिला जारी है। सभी को क्वारंटीन केंद्रों में रखकर उनके भोजन की व्यवस्था तहसील प्रशासन कर रहा है।
-आशीष कुमार सिंह, तहसीलदार पलिया