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एसएसओ समेत तीन बिजली कर्मियों को पुलिस वालों ने पीटा
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निघासन/ढखेरवा (लखीमपुर खीरी)। बिजली कर्मी की बाइक का ढखेरवा पुलिस कर्मियों ने पास दिखाने के बाद भी चालान काट दिया। इससे नाराज लाइनमैन ने मामले की शिकायत जेई से की, जिसपर उनके आदेश पर बिजली कर्मियों ने बिना कनेक्शन पुलिस चौकी में जलाई जा रही बिजली काट दी। इससे नाराज सिपाहियों ने बिजली विभाग के एसएसओ समेत तीन कर्मियों को चौकी में बंद कर पीट दिया। जिससे नाराज बिजली कर्मचारियों ने पूरे क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी और धरना देकर विरोध जताया, बाद में उपभोक्ताओं के कहने पर दो घंटे बाद सप्लाई चालू की। बिजली कर्मचारियों ने दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ढखेरवा बिजली उपकेंद्र से जुड़े कर्मचारी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि वह गुरुवार शाम जटपुरवा फीडर की लाइन चेक करने गया था। लाइन चेक करने के बाद बाइक से उपकेंद्र के लिए रवाना हुआ। आरोप है कि चौराहे पर चेकिंग कर रहे चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर ने सिपाहियों से बाइक रोकने को कहा। प्रशांत ने बाइक रोकते हुए पास दिखाया। आरोप है कि सिपाही और चौकी इंचार्ज ने एक नहीं सुनीं और चालान काट दिया। प्रशांत ने सूचना एसएसओ विनोद मौर्य को दी। बाद में विनोद मौर्य जानकारी देने पर जेई विकास सिंह के आदेश पर लाइनमैन विनोद गौतम और सुस्मेश ने बिना कनेक्शन चल रही चौकी की बिजली काट दी। आरोप है कि इसी बीच चौकी के सिपाही रामबली यादव और संदीप पहुंचे। उन्होंने दोनों लाइनमैनों की चौकी में ले जाकर कमरे में बंद कर पिटाई कर दी। यही नहीं बाद में पहुंचे एसएसओ विनोद मौर्य की भी पिटाई की। बाद में जब इन लोगों ने दोबारा लाइन जोड़ी तभी उनको छोड़ा। पिटाई से नाराज संविदा कर्मचारियों ने क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी और धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद क्षेत्र के उपभोक्ता उपकेंद्र पर पहुंचे और लाइन चालू करने का आग्रह किया। उसके बाद कर्मचारियों ने लाइन चालू की और धरना भी खत्म किया।
पुलिस से पंगा न लेने की बात पर फिर भड़के कर्मचारी
बिजली कर्मचारियों के धरने पर बैठने की सूचना पर चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर उपकेंद्र पर पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने चालान चिट वापस करने की बात कही और घटना पर खेद व्यक्त करते हुए जाने लगे। आरोप है कि चलते समय सिपाही रामबली यादव ने पुलिस से पंगा न लेने और अन्य कुछ कड़वी बातें कीं। इस पर वहां मौजूद उपभोक्ता और संविदा कर्मचारी भड़क गए। जिस पर चौकी इंचार्ज ने एक बार फिर हस्तक्षेप किया और सभी को समझा बुझाकर शांत कराया।
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20 साल से बिना कनेक्शन चौकी में जल रही है बिजली
पुलिस चौकी ढखेरवा में कनेक्शन न होने के बाद भी 20 सालों से कटिया डालकर बिजली जलाई जा रही है। करीब सात साल पहले भी कनेक्शन काटने को लेकर चौकी में तैनात सिपाहियों ने एक लाइनमैन को जेल भेजने की धमकी दी थी।
चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग
संविदा कर्मचारियों ने दो दिन में चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर, सिपाही रामबली और संदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको सस्पेंड न किए जाने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मौके पर गया था। बिजली कर्मचारियों के बयान लिए है। मामले की जानकारी एसपी को दी गई है। प्रथम दृष्टया सिपाही और चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-भानु प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना निघासन
ढखेरवा चौकी पुलिस ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की है, जो काफी शर्मनाक है। प्रभारी निरीक्षक निघासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि दो दिन में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विकास सिंह, जेई, ढखेरवा बिजली उपकेंद्र
जब कर्मचारियों ने चौकी की बिजली काटी थी तो उन लोगों को चौकी बुलाकर लेकर गया था। वहां पर वह लोग अभद्रता करने लगे। उन्होंने उन लोगों को दोबारा लाइन जोड़ने के लिए चौकी में रोका था, पिटाई की बात गलत है।
-रामबली और संदीप (आरोपी सिपाही )
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ढखेरवा बिजली उपकेंद्र से जुड़े कर्मचारी प्रशांत श्रीवास्तव ने बताया कि वह गुरुवार शाम जटपुरवा फीडर की लाइन चेक करने गया था। लाइन चेक करने के बाद बाइक से उपकेंद्र के लिए रवाना हुआ। आरोप है कि चौराहे पर चेकिंग कर रहे चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर ने सिपाहियों से बाइक रोकने को कहा। प्रशांत ने बाइक रोकते हुए पास दिखाया। आरोप है कि सिपाही और चौकी इंचार्ज ने एक नहीं सुनीं और चालान काट दिया। प्रशांत ने सूचना एसएसओ विनोद मौर्य को दी। बाद में विनोद मौर्य जानकारी देने पर जेई विकास सिंह के आदेश पर लाइनमैन विनोद गौतम और सुस्मेश ने बिना कनेक्शन चल रही चौकी की बिजली काट दी। आरोप है कि इसी बीच चौकी के सिपाही रामबली यादव और संदीप पहुंचे। उन्होंने दोनों लाइनमैनों की चौकी में ले जाकर कमरे में बंद कर पिटाई कर दी। यही नहीं बाद में पहुंचे एसएसओ विनोद मौर्य की भी पिटाई की। बाद में जब इन लोगों ने दोबारा लाइन जोड़ी तभी उनको छोड़ा। पिटाई से नाराज संविदा कर्मचारियों ने क्षेत्र की सप्लाई बंद कर दी और धरने पर बैठ गए। करीब दो घंटे बाद क्षेत्र के उपभोक्ता उपकेंद्र पर पहुंचे और लाइन चालू करने का आग्रह किया। उसके बाद कर्मचारियों ने लाइन चालू की और धरना भी खत्म किया।
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पुलिस से पंगा न लेने की बात पर फिर भड़के कर्मचारी
बिजली कर्मचारियों के धरने पर बैठने की सूचना पर चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर उपकेंद्र पर पहुंचे। चौकी इंचार्ज ने चालान चिट वापस करने की बात कही और घटना पर खेद व्यक्त करते हुए जाने लगे। आरोप है कि चलते समय सिपाही रामबली यादव ने पुलिस से पंगा न लेने और अन्य कुछ कड़वी बातें कीं। इस पर वहां मौजूद उपभोक्ता और संविदा कर्मचारी भड़क गए। जिस पर चौकी इंचार्ज ने एक बार फिर हस्तक्षेप किया और सभी को समझा बुझाकर शांत कराया।
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20 साल से बिना कनेक्शन चौकी में जल रही है बिजली
पुलिस चौकी ढखेरवा में कनेक्शन न होने के बाद भी 20 सालों से कटिया डालकर बिजली जलाई जा रही है। करीब सात साल पहले भी कनेक्शन काटने को लेकर चौकी में तैनात सिपाहियों ने एक लाइनमैन को जेल भेजने की धमकी दी थी।
चौकी इंचार्ज और दो सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग
संविदा कर्मचारियों ने दो दिन में चौकी इंचार्ज कमलेश राजभर, सिपाही रामबली और संदीप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उनको सस्पेंड न किए जाने पर धरना प्रदर्शन की चेतावनी दी है।
मौके पर गया था। बिजली कर्मचारियों के बयान लिए है। मामले की जानकारी एसपी को दी गई है। प्रथम दृष्टया सिपाही और चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आई है। मामले की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
-भानु प्रताप सिंह, प्रभारी निरीक्षक, थाना निघासन
ढखेरवा चौकी पुलिस ने कर्मचारियों के साथ मारपीट की है, जो काफी शर्मनाक है। प्रभारी निरीक्षक निघासन ने कार्रवाई का आश्वासन दिया है। यदि दो दिन में दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो उच्चाधिकारियों को अवगत कराकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-विकास सिंह, जेई, ढखेरवा बिजली उपकेंद्र
जब कर्मचारियों ने चौकी की बिजली काटी थी तो उन लोगों को चौकी बुलाकर लेकर गया था। वहां पर वह लोग अभद्रता करने लगे। उन्होंने उन लोगों को दोबारा लाइन जोड़ने के लिए चौकी में रोका था, पिटाई की बात गलत है।
-रामबली और संदीप (आरोपी सिपाही )