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कोरोना संक्रमण: सर्दी के मौसम में बच्चों का रखें ख्याल

Tue, 01 Feb 2022 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 01 Feb 2022 12:31 AM IST
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Corona infection: Take care of children in winter season
अस्पताल के बाल रोग वार्ड में बच्चों को दिखाने के लिए खड़े तीमारदार - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। सर्दी के साथ कोरोना के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में बच्चों की सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि पिछले एक माह से जिले में प्रतिदिन दो-ढाई सौ लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं। इसमें बच्चों से लेकर किशोर तक शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि तीसरी लहर में संक्रमितों में कोरोना के खास लक्षण तक नहीं दिख रहे है। इसलिए बच्चों को लेकर विशेष सावधानी रहने की जरूरत है। सर्दी, जुकाम, बुखार आदि के लक्षण होने पर बिना लापरवाही किए अस्पताल आकर दिखाएं।
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बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजनी मिश्रा बताते हैं कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद कमजोर होती है। इस कारण आसानी से वह बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। ठंड के मौसम में अक्सर बच्चे सर्दी, जुकाम, बुखार की चपेट में आ जाते हैं। मगर, कोरोना संक्रमितों में भी इसी तरह के लक्षण देखने को मिले हैं। ऐसे में ये लक्षण ठंड की वजह से हैं या फिर कोरोना के कारण। इसलिए इस तरह के लक्षण लगने पर बच्चे को बिना देर किए अस्पताल में डॉक्टर को दिखए, जिससे समय रहते बीमारी की पहचान कर इलाज शुरू हो सके।
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डॉ. अंजनी मिश्रा बताते हैं कि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना बहुत जरूरी है, क्योंकि बच्चे अक्सर बैक्टीरिया ,वायरस, कवक और परजीवी जैसे जीवाणुओं के संपर्क में आते हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होने से बच्चों को बीमारियों को बचाया जा सकता है।
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कब कितने संक्रमित
तारीख बच्चे, किशोर
26 जनवरी सात 46
27 जनवरी- चार 26
28 जनवरी- नौ 55
29 जनवरी-आठ 27
30 जनवरी- छह 25
इस तरह बढ़ाएं बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता
मां का दूध: जन्म के बाद शिशु को मां का पीला गाढ़ा दूध अवश्य पिलाएं। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, जिससे शिशु बीमारियों से सुरक्षित रहता है।
प्रोटीन युक्त आहार: छह माह बाद बच्चे को प्रोटीनयुक्त आहार का सेवन कराएं। इससे एंटीबॉडीज बनती है जो शरीर की इम्युनिटी सिस्टम की कार्यप्रणाली के लिए आवश्यक है।
विटामिन डी युक्त आहार: विटामिन डी युक्त आहार बच्चों के लिए बेहद जरूरी है। इससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ने के साथ हड्डियां मजबूत होती है।
फल व सब्जियां: फल एवं सब्जियां जिसमें शकरकंद, सेब, गाजर, सेम की फली, कीवी, खरबूजा, नारंगी, स्ट्रौबरी आदि बच्चों के आहार में शामिल करें। बच्चों को कच्चे फल व सब्जियां एवं जूस पिलाएं। खट्टे फल जैसे संतरा, मौसमी, नींबू, आंवला खिलाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
साबुत अनाज: साबुत अंकुरित अनाज में विटामिन ए, बी-2, बी-6 और विटामिन-सी, जिंक, सेलेनियम व फैटी एसिड भरपूर मात्रा में होते हैं। बच्चों के स्वास्थ्य के लिए यह बेहद जरूरी है।

मेवे: बच्चों को ड्राई फ्रूट्स भी खिलाएं। बादाम रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ दिमाग को शक्ति देता है। इससे शरीर में बी-टाइप कोशिकाएं बढ़ती हैं जो एंटीबॉडीज का निर्माण कर शरीर को क्षति पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को नष्ट कर बीमारियों से रक्षा करती हैं।
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