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त्योहारों को लेकर शासन की गाइड लाइन का स्वागत: ‘नवरात्र में घरों में ही सजेगा मां का दरबार, होगी पूजा-अर्चना’
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Corona-Gide Line
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लखीमपुर खीरी। कोरोना काल में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर शासन ने गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक नवरात्र या फिर उसके बाद सड़कों पर न तो पूजा पंडाल सज सकेें गे और न ही किसी प्रकार के धार्मिक आयोजन होंगे। ऐसे में कोरोना महामारी के बीच होने वाले धार्मिक आयोजनों एवं त्योहारों को लेकर सरकार ने जो दिशा निर्देश जारी किए हैं उनका सभी लोगों ने स्वागत किया है। लोगों ने कहा-ईश्वर तो हर जगह है घर या धार्मिक स्थल में ही पूजा होनी चाहिए।
शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, बारवफात, दिवाली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और क्रिसमस के दौरान जगह-जगह सड़कों एवं चौराहों पर सजाए जाने वाले पूजा पंडालों, धार्मिक आयोजन, मेला, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विसर्जन आदि कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि इस तरह के आयोजनों में जन समूह होता है। मगर, इस बार कोरोना काल में भीड़ का इकट्ठा होने का मतलब कोरोना संक्रमण को दावत देने जैसा होगा। वहीं ऐसे आयोजनों में न तो सामाजिक दूरी का पालन हो पाएगा और न ही लोग मास्क आदि लगाएंगे। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ही शासन ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। महामारी को देखते हुए लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
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उत्सव एवं त्योहार के माहौल में सभी की आस्था एवं कोरोना काल को देखते हुए सरकार का निर्णय बेहद सराहनीय है। लोग भी धार्मिक आयोजन में सामाजिक दूरी का ध्यान रख अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन को भी निगरानी के लिए सतर्क रहना होगा।
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-डॉ. जेएन सिंह प्रोफेसर वाईडी कॉलेज
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हर साल जयदेव संगीत विद्यालय में दूर्गा पूजा समारोह होता थी। मगर, इस बार तहसील प्रशासन से अनुमति मांगी है। फिलहाल कोरोना महामारी को देखते हुए मां की मूर्ति करीब तीन फुट छोटी करा दी है। अनुमति न मिलने पर नौरंगाबाद मंदिर परिसर में मूर्ति स्थापना होगी।
-देवाशीष मुखर्जी, सदस्य दूर्गा पूजा आयोजन समिति
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शासन ने धार्मिक आयोजन को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किए हैं। वह कोरोना काल को देखते हुए बिल्कुल सही हैं, क्योंकि महामारी में दो गज की दूरी बहुत ही जरूरी है। सभी लोग शासन के निर्देश का पालन करें।
-डॉ. सुुुुभाष चंद्रा एसोसिएट प्रोफेसर वाईडी कॉलेज
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आगामी महीनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है, सभी लोग उसका पालन करें। सड़क व चौराहों पर मूर्ति स्थापना, जागरण आदि न करें। पूजा के दौरान सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखें।
-पंकज कृष्ण शास्त्री, मुड़िया महंत
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शासन का निर्णय सही है। महामारी को देखते हुए भीड़ भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों से लोगों को बचना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन कर मंदिर में मां का पूजन कर कोरोना से निजात दिलाने के लिए विनती करें।
-सुमन सिंह निवासी गोटैयाबाग
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भगवान हर जगह है। बस जरूरत है मन में आस्था की। कोरोना महामारी को देखते हुए लोग जागरूक होकर सड़क व चौराहों पर धार्मिक आयोजन न करें। मंदिर जाकर मां की आराधना कर देश को कोरोना से निजात दिलाने के लिए मन्नत मांगे।
-किरन शुक्ला स्टाफ नर्स जिला अस्पताल
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शासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार नवरात्र, दुर्गा पूजा, दशहरा, बारवफात, दिवाली, छठ पूजा, कार्तिक पूर्णिमा और क्रिसमस के दौरान जगह-जगह सड़कों एवं चौराहों पर सजाए जाने वाले पूजा पंडालों, धार्मिक आयोजन, मेला, जागरण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, विसर्जन आदि कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। बता दें कि इस तरह के आयोजनों में जन समूह होता है। मगर, इस बार कोरोना काल में भीड़ का इकट्ठा होने का मतलब कोरोना संक्रमण को दावत देने जैसा होगा। वहीं ऐसे आयोजनों में न तो सामाजिक दूरी का पालन हो पाएगा और न ही लोग मास्क आदि लगाएंगे। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए ही शासन ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। महामारी को देखते हुए लोगों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है।
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उत्सव एवं त्योहार के माहौल में सभी की आस्था एवं कोरोना काल को देखते हुए सरकार का निर्णय बेहद सराहनीय है। लोग भी धार्मिक आयोजन में सामाजिक दूरी का ध्यान रख अपने दायित्वों का निर्वहन करें। प्रशासन को भी निगरानी के लिए सतर्क रहना होगा।
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-डॉ. जेएन सिंह प्रोफेसर वाईडी कॉलेज
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हर साल जयदेव संगीत विद्यालय में दूर्गा पूजा समारोह होता थी। मगर, इस बार तहसील प्रशासन से अनुमति मांगी है। फिलहाल कोरोना महामारी को देखते हुए मां की मूर्ति करीब तीन फुट छोटी करा दी है। अनुमति न मिलने पर नौरंगाबाद मंदिर परिसर में मूर्ति स्थापना होगी।
-देवाशीष मुखर्जी, सदस्य दूर्गा पूजा आयोजन समिति
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शासन ने धार्मिक आयोजन को लेकर जो दिशा निर्देश जारी किए हैं। वह कोरोना काल को देखते हुए बिल्कुल सही हैं, क्योंकि महामारी में दो गज की दूरी बहुत ही जरूरी है। सभी लोग शासन के निर्देश का पालन करें।
-डॉ. सुुुुभाष चंद्रा एसोसिएट प्रोफेसर वाईडी कॉलेज
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आगामी महीनों में होने वाले धार्मिक आयोजनों को लेकर शासन ने जो गाइड लाइन जारी की है, सभी लोग उसका पालन करें। सड़क व चौराहों पर मूर्ति स्थापना, जागरण आदि न करें। पूजा के दौरान सामाजिक दूरी का भी ख्याल रखें।
-पंकज कृष्ण शास्त्री, मुड़िया महंत
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शासन का निर्णय सही है। महामारी को देखते हुए भीड़ भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों से लोगों को बचना चाहिए। सामाजिक दूरी का पालन कर मंदिर में मां का पूजन कर कोरोना से निजात दिलाने के लिए विनती करें।
-सुमन सिंह निवासी गोटैयाबाग
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भगवान हर जगह है। बस जरूरत है मन में आस्था की। कोरोना महामारी को देखते हुए लोग जागरूक होकर सड़क व चौराहों पर धार्मिक आयोजन न करें। मंदिर जाकर मां की आराधना कर देश को कोरोना से निजात दिलाने के लिए मन्नत मांगे।
-किरन शुक्ला स्टाफ नर्स जिला अस्पताल