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Lakhimpur Kheri News: खून की जांच की सुविधा न होने से निजी केंद्रों पर जाना मजबूरी
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संपूर्णानगर पीएचसी में मरीज को देखते चिकित्सक। संवाद
लखीमपुर खीरी। जनपद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेला का आयोजन किया गया। अधिकांश प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर खून जांच की सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों को प्राइवेट से जांच कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। रविवार को आयोजन जन आरोग्य मेला में सर्दी, जुकाम, बुखार, खांसी, चर्म रोग आदि अन्य कई प्रकार के मरीज दवा लेने पहुंचे।
मौसम में हुए बदलाव से बीमारियां बढ़ गई है। अब लोग बुखार के साथ ही जुकाम, सिर दर्द, बदन दर्द, जोड़ों का दर्द, चर्म रोग, खांसी आदि प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं। खांसी को ठीक होने में 15 से 20 दिन लग रहे है। लगातार खांसी गले में सूजन की समस्या बढ़ रही है। वहीं बदले मौसम में बदली बीमारियों के बीच खून की जांच न हो पाना मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या आ रही है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगाबाद में डॉक्टर के आभाव में फार्मासिस्ट वीरपाल ने 43 मरीजों की ओपीडी की। यहां पर खून जांच की सुविधा न होने पर मरीजों को बाहर से करानी पड़ी। गोटैयाबाग में 47 मरीजों की ओपीडी की गई। यहां पर आयुर्वेदिक की डॉक्टर प्रियंका ने मरीजों को देखा।
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डॉक्टर प्रियंका ने बताया इस बदले मौसम में बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। यहां पर भी खून की जांच की सुविधा नहीं है। निर्मलनगर में सीमित सुविधा है। यहां पर फार्मासिस्ट रवि कश्यप ने मरीजों को देखा। मोहम्मदी राजापुर बैनी में डॉ. धर्मेंद्र वर्मा ने मरीजों की ओपीडी की। यहां पर खून जांच व्यवस्था नहीं है।
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मौसम में हुए बदलाव से बीमारियां बढ़ गई है। अब लोग बुखार के साथ ही जुकाम, सिर दर्द, बदन दर्द, जोड़ों का दर्द, चर्म रोग, खांसी आदि प्रकार के मरीज पहुंच रहे हैं। खांसी को ठीक होने में 15 से 20 दिन लग रहे है। लगातार खांसी गले में सूजन की समस्या बढ़ रही है। वहीं बदले मौसम में बदली बीमारियों के बीच खून की जांच न हो पाना मरीजों के लिए सबसे बड़ी समस्या आ रही है।
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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नौरंगाबाद में डॉक्टर के आभाव में फार्मासिस्ट वीरपाल ने 43 मरीजों की ओपीडी की। यहां पर खून जांच की सुविधा न होने पर मरीजों को बाहर से करानी पड़ी। गोटैयाबाग में 47 मरीजों की ओपीडी की गई। यहां पर आयुर्वेदिक की डॉक्टर प्रियंका ने मरीजों को देखा।
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डॉक्टर प्रियंका ने बताया इस बदले मौसम में बहुत ही सावधानी बरतने की जरूरत है। यहां पर भी खून की जांच की सुविधा नहीं है। निर्मलनगर में सीमित सुविधा है। यहां पर फार्मासिस्ट रवि कश्यप ने मरीजों को देखा। मोहम्मदी राजापुर बैनी में डॉ. धर्मेंद्र वर्मा ने मरीजों की ओपीडी की। यहां पर खून जांच व्यवस्था नहीं है।