फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Complaints were buried, the innocent's life was lost

Lakhimpur Kheri News: शिकायतें दफन रहीं, मासूम की जिंदगी चली गई

Mon, 03 Aug 2026 11:38 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 03 Aug 2026 11:38 PM IST
विज्ञापन
Complaints were buried, the innocent's life was lost
घर के बाहर बने इसी कच्ची नाली में डूबकर शुभ बहकर सड़क के दूसरी तरफ बांस की झाड़ में फंस गया। सं
निघासन। भिड़ौरी गांव में दो वर्षीय शुभ की मौत ने बेलरायां-कड़िया पीडब्ल्यूडी मार्ग किनारे बने खुले नाले और बिना सुरक्षा रेलिंग वाली पुलिया की खामियां उजागर कर दी हैं। संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि ग्रामीण लंबे समय से नाले को पक्का करने, ढक्कन लगाने और सुरक्षा इंतजाम की मांग करते रहे, लेकिन शिकायतें फाइलों में दबी रहीं। नतीजा, खुले नाले और तेज बहाव ने मासूम की जान ले ली।
विज्ञापन

पड़ताल में पाया गया कि सड़क किनारे बना करीब पांच फुट गहरा नाला अधिकांश हिस्सों में खुला है। कुछ स्थानों पर केवल पत्थर रखे गए हैं, जबकि अधिकांश हिस्सों में न ढक्कन है और न कोई सुरक्षा व्यवस्था। बरसात में तेज बहाव के कारण यह नाला बच्चों, बुजुर्गों और पशुओं के लिए लगातार खतरा बना रहता है।
विज्ञापन

जिस पुलिया में बहकर शुभ का शव फंसा मिला, वह लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की है, जबकि पानी निकासी के लिए बनाया गया कच्चा नाला ग्राम पंचायत की ओर से खुदवाया गया था। ग्रामीणों के अनुसार, करीब डेढ़ वर्ष पहले नाले का निर्माण शुरू हुआ, लेकिन अधिकांश हिस्से अधूरे छोड़ दिए गए। आज तक उस पर ढक्कन या स्लैब नहीं लगाए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

ग्रामीणों का कहना है कि खतरे के संकेत पहले भी मिल चुके थे। गांव निवासी रामअचल यादव ने बताया कि चार-पांच दिन पहले उनकी भैंस इसी नाले में गिर गई थी। काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई। इसके बावजूद किसी जिम्मेदार ने सुरक्षा के उपाय नहीं किए।
मृतक शुभ के मामा रवि ने बताया कि ग्राम पंचायत, सचिव और अन्य अधिकारियों से कई बार नाले को पक्का कराने, ढक्कन लगाने और ह्यूम पाइप डालने की मांग की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। शुभ के बाबा सुरेश ने कहा कि यदि घर के सामने पक्का और ढका नाला होता तो यह हादसा नहीं होता। नाना ओमप्रकाश ने भी खुली नाली और बिना सुरक्षा वाली पुलिया को घटना का मुख्य कारण बताया। रिश्तेदार रामकिशोर ने ग्राम पंचायत की लापरवाही पर सवाल उठाए।
---------बरसात में घर के सामने बन जाता है तालाब------
गांव निवासी गीता देवी ने बताया कि बरसात में उनके घर के सामने तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। बच्चों को जान जोखिम में डालकर निकलना पड़ता है। सांप और मगरमच्छ का भी डर बना रहता है। लक्ष्मीनारायण ने बताया कि बरसात में घर के बाहर तीन फुट तक पानी भर जाता है। भूलनपुर और भिड़ौरी का पानी इसी नाले से होकर गुजरता है, लेकिन वर्षों से समस्या जस की तस बनी हुई है। सत्यकिशोर ने बताया कि उनके घर के सामने डेढ़ साल पहले नाला बनाया गया था, लेकिन आज तक उस पर ढक्कन नहीं लगाया गया। करीब पांच फुट गहरे नाले के कारण छोटे बच्चों पर हर समय खतरा बना रहता है।
-----हादसे के बाद भी नहीं चेते-----
हादसे के बाद भी मौके पर नाला और पुलिया खुले मिले। न रेलिंग लगाई गई, न बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए। ग्रामीणों का कहना है कि हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभागों की उदासीनता बनी हुई है।

-----------
जिम्मेदार बोले
बीडीओ जयेश कुमार सिंह ने बताया कि खुले नाले और ढक्कन न लगाए जाने की शिकायतें मिली हैं। ग्राम पंचायत को कार्ययोजना तैयार कर निर्माण कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि पुलिया विभाग की है, जबकि खुला नाला ग्राम पंचायत एवं विकास विभाग के अधीन है। पुलिया पर शीघ्र सुरक्षा रेलिंग लगाई जाएगी। सीओ शिवम कुमार ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में शुभ की मौत पानी में डूबने से होना पाया गया है। पोस्टमाॅर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया, जिसका रविवार रात मोतीपुर में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed