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Lakhimpur Kheri News: शीतल जल सिर्फ बोर्ड पर, हलक में गर्म घूंट

Mon, 18 May 2026 01:13 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Mon, 18 May 2026 01:13 AM IST
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Cold water only on board, hot sips in the throat
सचिन कश्यप
लखीमपुर खीरी। भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत देने के लिए शहर में लगाए गए प्याऊ और वाटर कूलर अब खुद बदहाल हालत में नजर आ रहे हैं। शहर के कई स्थानों पर ‘शीतल जल’ के बोर्ड तो लगे हैं, लेकिन वहां पहुंचने वाले लोगों को ठंडे पानी की जगह सामान्य या गर्म पानी पीना पड़ रहा है।
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नगर पालिका और कुछ निजी संस्थाओं की ओर से शहर में आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर वाटर कूलर लगाए गए थे, ताकि गर्मी में राहगीरों, रिक्शा चालकों, दुकानदारों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को राहत मिल सके, लेकिन एक-दो स्थानों को छोड़ दें तो अधिकांश वाटर कूलर खराब पड़े हैं या उनके फ्रीजर काम नहीं कर रहे हैं।
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सुबह 10 बजे के बाद तापमान बढ़ते ही लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी होने लगती है। कई जगह हैंडपंप भी खराब पड़े हैं, जिससे लोगों के सामने पेयजल संकट और बढ़ गया है।
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राज्य वित्त योजना के तहत शाहपुरा कोठी चौराहा, हीरालाल धर्मशाला चौराहा, निरंकारी भवन के पास बेहजम रोड, सौजन्या चौराहा शास्त्री पार्क और जिला अस्पताल रोड समेत शहर के पांच प्रमुख स्थानों पर करीब 25 लाख रुपये की लागत से आधुनिक प्याऊ बनवाए गए थे। इन प्याऊ में ठंडे पानी के लिए फ्रीजर भी लगाए गए थे।
शुरुआती दिनों में इनसे लोगों को राहत मिली, लेकिन अब अधिकांश स्थानों पर फ्रीजर खराब पड़े हैं। कई जगह टोटियां टूट चुकी हैं और टंकियों व पाइपों में काई व गंदगी जम गई है। नियमित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में ये प्याऊ अब शोपीस बनकर रह गए हैं।
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धूप बढ़ते ही गर्म हो जाता है पानी
नगर पालिका की ओर से शहर के मोहल्लों और सड़क किनारे करीब 30 पानी टैंक रखे गए हैं। सुबह और शाम इनमें पानी भरा जाता है, लेकिन तेज धूप के कारण कुछ ही घंटों में पानी गर्म हो जाता है। लोगों का कहना है कि दोपहर तक पानी पीने लायक नहीं बचता। कई प्याऊ स्थलों पर पानी निकासी की व्यवस्था भी नहीं है। पानी बहने से आसपास कीचड़ और गंदगी फैल जाती है, जिससे लोगों को दिक्कत होती है।

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गर्मी में लोग ठंडे पानी की उम्मीद लेकर प्याऊ और वाटर कूलर तक पहुंचते हैं, लेकिन अधिकतर जगह सामान्य या गर्म पानी ही मिल रहा है।
-अनिल कश्यप, राहगीर


सुबह में पानी ठीक रहता है, लेकिन दोपहर होते-होते टैंकों का पानी पूरी तरह गर्म हो जाता है। प्याऊ स्थलों पर साफ-सफाई की भी कमी है।
- मोहम्मद रजा, दुकानदार
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नगर पालिका क्षेत्र में हैंडपंप की स्थिति

शहर में हैंडपंप 1382
रिबोर की जरूरत 100

एक नल रिबोर कराने में खर्च 55,000
प्रतिदिन सही कराए जाते हैं 04
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शहर में करीब 1,382 से अधिक हैंडपंप लगे हैं और प्रतिदिन करीब तीन-चार हैंडपंपों की मरम्मत कराई जाती है। जहां भी शिकायत मिलती है, वहां टीम भेजकर नलों को ठीक कराया जाता है।
- जितेंद्र सिंह, सहायक अभियंता, जलकल विभाग, नगर पालिका लखीमपुर

सचिन कश्यप

सचिन कश्यप

सचिन कश्यप

सचिन कश्यप

सचिन कश्यप

सचिन कश्यप

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