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सीएम को किसानों के साथ बैठक की एक साल बाद भी नहीं मिली फुर्सत

Tue, 04 Oct 2022 01:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 04 Oct 2022 01:47 AM IST
सार

03 एलकेएच 24,25,26लीडसीएम को किसानों के साथ बैठक की एक साल बाद भी नहीं मिली फुर्सतकौड़ियाला गुरुद्वारे में जुटे किसानों के निशाने पर रही केंद्र और प्रदेश सरकाररोष - अंतिम संस्कार के वक्त हुए समझौतों पर सरकारें गंभीर नहींपीड़ित परिवारों के सदस्यों को नहीं दी नौकरी, घायलों को नहीं मिला मुआवजा संवाद न्यूज एजेंसीलखीमपुर खीरी। उस वक्त यह कहा गया था कि पुलिस प्रशासन इस घटना को गंभीर व उकसावे से पैदा हुई कार्रवाई समझकर किसानों को गिरफ्तार नहीं करेगी और जिन किसानों का नाम हमलावरों ने हत्या करने में लिखवाया है, उन्हें धारा 304 ए के तहत आरोपी बनाकर उन्हें तुरंत जमानत दे देगी। उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को प्रदेश की सभी राजधानियों में होने वाले धरना प्रदर्शन में किसानों की स्थानीय समस्याओं के साथ साथ तिकुनिया हिंसा का मुद्दा भी उठाया जाएगा।

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CM did not get time even after a year of meeting with farmers
पीएम मोदी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपते राकेश टिकैत।

विस्तार

कौड़ियाला गुरुद्वारे में जुटे किसानों के निशाने पर रही केंद्र और प्रदेश सरकार
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रोष - अंतिम संस्कार के वक्त हुए समझौतों पर सरकारें गंभीर नहीं
पीड़ित परिवारों के सदस्यों को नहीं दी नौकरी, घायलों को नहीं मिला मुआवजा
लखीमपुर खीरी। तिकुनिया हिंसा में मारे गए किसानों की पहली बरसी पर तिकुनिया के कौड़ियाला गुरुद्वारे में जुटे किसानों के निशाने पर केंद्र और प्रदेश सरकार रही। किसानों का नेतृत्व कर रहे भाकियू प्रवक्त राकेश टिकैत ने कहा कि घटना को एक साल हो गए। मुख्यमंत्री योगी को किसानों के साथ बैठक करने की फुर्सत तक नहीं मिली।
राकेश टिकैत ने कहा कि पिछले साल तीन अक्तूबर के ही दिन तिकुनिया में शांतिपूर्ण आंदोलन कर लौट रहे किसानों पर थार गाड़ी चढ़ा दी गई थी। हिंसा में चार किसान और एक पत्रकार मारे गए थे, जबकि 13 से अधिक किसान घायल हुए थे। यह एक सुनियोजित षडयंत्र था, जो केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी ने अपने बेटे आशीष मिश्र के साथ मिलकर रचा था। टेनी ने 25 सितंबर 2021 को संपूर्णानगर में किसानों को देख लेने व सुधार देने के साथ जिले से खदेड़ने की मंच से धमकी दी थी। इसी के विरोध में तिकुनिया में प्रदर्शन कर किसानों ने अपनी आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा कि टेनी 120 बी के मुजरिम हैं, लेकिन सरकार उन्हें बचा रही है।
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राकेश टिकैत ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले साल 4 अक्तूबर 2021 को कमिश्नर रंजन कुमार, आईजी लक्ष्मी सिंह व तत्कालीन डीएम एसपी के साथ किसान नेताओं का जो समझौता हुआ था, उसका भी पालन नहीं हुआ। किसानों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन देने के बावजूद चार किसानों को 302 में जेल में डाल दिया है। उस वक्त यह कहा गया था कि पुलिस प्रशासन इस घटना को गंभीर व उकसावे से पैदा हुई कार्रवाई समझकर किसानों को गिरफ्तार नहीं करेगी और जिन किसानों का नाम हमलावरों ने हत्या करने में लिखवाया है, उन्हें धारा 304 ए के तहत आरोपी बनाकर उन्हें तुरंत जमानत दे देगी। इसके अलावा सरकार के प्रतिनिधियों ने मारे गए किसानों के परिजनों को 45 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व सभी घायलों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का एलान किया था, लेकिन अब तक न तो पीड़ित परिवार को सरकारी नौकरी मिली और न ही घायलों को 10 लाख का मुआवजा मिला है।
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राकेश टिकैत ने सरकार को बेईमान बताते हुए कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने पर लखीमपुर में मंडी राजापुर में महापड़ाव में भी इन मांगों को दोहराया गया, तब जिला प्रशासन ने अगस्त के अंत तक राज्य सरकार से बैठक कराने का वादा भी किया, लेकिन आज तक सूबे की सरकार व पिछले साल हुए समझौते में शामिल अधिकारियों को किसानों के साथ बातचीत व बैठक करने की फुर्सत नहीं मिली है।
इनसेट
26 नवंबर को उठाएंगे एमएसपी लागू करने, बिजली की समस्या का मुद्दा
लखीमपुर खीरी। बरसी कार्यक्रम के दौरान संयुक्त किसान मोर्चा ने आगे की रणनीति भी तय की है। मीडिया से बातचीत करते हुए भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों का आंदोलन अभी थमा नहीं है। किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर 26 नवंबर को देश भर में प्रदेश की राजधानियों में भी किसान प्रदर्शन करेंगे। राकेश टिकैत ने बताया कि तिकुनिया हिंसा में न्याय को लेकर पिछले एक साल से वह लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की अन्य समस्याओं मसलन, एमएसपी लागू करने, बिजली की समस्या और स्थानीय समस्याओं को भी उठाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 26 नवंबर को प्रदेश की सभी राजधानियों में होने वाले धरना प्रदर्शन में किसानों की स्थानीय समस्याओं के साथ साथ तिकुनिया हिंसा का मुद्दा भी उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को विकास के कार्यों को लेकर भी घेरा जाएगा। संवाद
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