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शहरवासियों को दर्द दे रहे हैं यह गड्ढे
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गुरुगोविंद सिंह तिराहे पर किया गया आधा-अधूरा पैच वर्क। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने के मामले में नगर पालिका प्रशासन निरंतर हीलाहवाली कर रहा है। इस कारण अब तक शहर की सड़कें गड्ढा मुक्त नहीं हो सकीं हैं।
गड्ढे पैदल चलने वालों के लिए मुसीबत बनने के साथ वाहनों चालकों के लिए बीमारियों का कारण बन रहे हैं। मंडलायुक्त और डीएम के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका प्रशासन नगर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में किस तरह हीलाहवाली कर रहा है इसकी हकीकत शहर का भ्रमण कर देखी जा सकती है। अधिकारियों के सख्त होने पर नगर पालिका ने कुछ गड्ढे तो भरवा दिए, लेकिन कुछ को ऐसे ही छोड़ दिया। इसका अंदाजा बीएसए ऑफिस के सामने से लेकर सौजन्या तिराहे तक की गड्ढायुक्त सड़क देखकर लगाया जा सकता है। रोजाना गड्ढेदार सड़क से निकलने के कारण लोगों में बैक पेन, स्लिप डिस्क, गर्दन, कलाई में दर्द के साथ हड्डियों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। नगर पालिका के जिम्मेदार शहरवासियों को बीमारी बांट रहे है। इससे लोगों में नाराजगी है।
सेहत के लिए हानिकारक हैं गड्ढ़े
जिला अस्पताल के आर्थों सर्जन डॉ. एके द्विवेदी बताते हैं कि बाइक चलाते समय शरीर का वजन कमर व गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर रहता है। गड्ढों वाली सड़कों से निकलने पर झटके लगने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। वाहनों की स्पीड अधिक होने पर कंधे वाली जोड़ की हड्डी तक खिसक सकती है। गड्ढ़ों का सबसे ज्यादा असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर पड़ता है, जिससे कमर, गर्दन में दर्द शुरू होने लगता है। बैक किक की बीमारी हो सकती है। रीढ़ की हड्डी प्रभावित होने से मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उनका कहना है कि इन सड़कों से गुजरने पर स्लिप डिस्क ही नहीं बल्कि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस की समस्या होने की आशंका बढ़ जाती हैं। कई बार स्लिप डिस्क की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि मरीज का ऑपरेशन तक करना पड़ जाता है। समय पर ऑपरेशन न होने से पैर खराब होने का डर रहता है। जबकि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस के इलाज में देरी करने से हाथ, पैर सुन्न होने के साथ चक्कर आने जैसी गंभीर समस्या हो जाती है।
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खस्ताहाल सड़क पर निकलते समय बरतें सावधानी
- वाहन चलाते समय सतर्क रहें, गति कम रखें और अचानक ब्रेक लेने से बचें।
- जर्जर सड़क पर पैदल चलते समय घुटनों और टखनों को चोट से बचाने के लिए बंद जूते पहनें।
- कार के सफर में पीठ के पीछे अतिरिक्त कुशन का प्रयोग करें।
- कार चलाते समय सीट बेल्ट का अवश्य लगाएं।
- दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें।
सड़कों के लगभग सभी गड्ढ़े भरवा दिए गए हैं। अब मोहल्लों में गड्ढ़े भरवाने का काम चल रहा है। यदि किसी सड़क पर कोई गड्ढ़ा भरने से छूट गया है तो उसे भी भरवाया जाएगा।
-अमनदीप, जेई सिविल नगर पालिका लखीमपुर
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गड्ढे पैदल चलने वालों के लिए मुसीबत बनने के साथ वाहनों चालकों के लिए बीमारियों का कारण बन रहे हैं। मंडलायुक्त और डीएम के निर्देशों के बावजूद नगर पालिका प्रशासन नगर की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने में किस तरह हीलाहवाली कर रहा है इसकी हकीकत शहर का भ्रमण कर देखी जा सकती है। अधिकारियों के सख्त होने पर नगर पालिका ने कुछ गड्ढे तो भरवा दिए, लेकिन कुछ को ऐसे ही छोड़ दिया। इसका अंदाजा बीएसए ऑफिस के सामने से लेकर सौजन्या तिराहे तक की गड्ढायुक्त सड़क देखकर लगाया जा सकता है। रोजाना गड्ढेदार सड़क से निकलने के कारण लोगों में बैक पेन, स्लिप डिस्क, गर्दन, कलाई में दर्द के साथ हड्डियों से जुड़ी बीमारियां हो रही हैं। नगर पालिका के जिम्मेदार शहरवासियों को बीमारी बांट रहे है। इससे लोगों में नाराजगी है।
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सेहत के लिए हानिकारक हैं गड्ढ़े
जिला अस्पताल के आर्थों सर्जन डॉ. एके द्विवेदी बताते हैं कि बाइक चलाते समय शरीर का वजन कमर व गर्दन से जुड़ी रीढ़ की हड्डी पर रहता है। गड्ढों वाली सड़कों से निकलने पर झटके लगने से रीढ़ की हड्डी पर दबाव पड़ता है। वाहनों की स्पीड अधिक होने पर कंधे वाली जोड़ की हड्डी तक खिसक सकती है। गड्ढ़ों का सबसे ज्यादा असर रीढ़ से जुड़े हिस्सों पर पड़ता है, जिससे कमर, गर्दन में दर्द शुरू होने लगता है। बैक किक की बीमारी हो सकती है। रीढ़ की हड्डी प्रभावित होने से मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। उनका कहना है कि इन सड़कों से गुजरने पर स्लिप डिस्क ही नहीं बल्कि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस की समस्या होने की आशंका बढ़ जाती हैं। कई बार स्लिप डिस्क की समस्या इतनी बढ़ जाती है कि मरीज का ऑपरेशन तक करना पड़ जाता है। समय पर ऑपरेशन न होने से पैर खराब होने का डर रहता है। जबकि सर्वाइकल स्पोंडलाइटिस के इलाज में देरी करने से हाथ, पैर सुन्न होने के साथ चक्कर आने जैसी गंभीर समस्या हो जाती है।
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खस्ताहाल सड़क पर निकलते समय बरतें सावधानी
- वाहन चलाते समय सतर्क रहें, गति कम रखें और अचानक ब्रेक लेने से बचें।
- जर्जर सड़क पर पैदल चलते समय घुटनों और टखनों को चोट से बचाने के लिए बंद जूते पहनें।
- कार के सफर में पीठ के पीछे अतिरिक्त कुशन का प्रयोग करें।
- कार चलाते समय सीट बेल्ट का अवश्य लगाएं।
- दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनें।
सड़कों के लगभग सभी गड्ढ़े भरवा दिए गए हैं। अब मोहल्लों में गड्ढ़े भरवाने का काम चल रहा है। यदि किसी सड़क पर कोई गड्ढ़ा भरने से छूट गया है तो उसे भी भरवाया जाएगा।
-अमनदीप, जेई सिविल नगर पालिका लखीमपुर