फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Civic Amenities

विभागीय कार्यों में लापरवाही पड़ी भारी, डीपीआरओ निलंबित

Fri, 28 Aug 2020 01:59 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 28 Aug 2020 01:59 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
लखीमपुर खीरी। विभागीय कार्यों में लगातार लापरवाही और भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई न करने के चलते शासन ने खीरी के जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) अजय कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में डीपीआरओ निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे। डीपीआरओ के खिलाफ लगे आरोपों की फेहरिस्त लंबी होने के साथ ही दो प्रतिकूल प्रविष्टियां भी घातक सिद्ध हुई हैं।
विज्ञापन

गांवों में शौचालयों के निर्माण में धांधली करने वाले कर्मचारियों / प्रधानों पर शिकंजा कसने में डीपीआरओ नाकाम रहे, जिससे गांवों को ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) बनाने के अभियान को पलीता लग रहा था तो पसगवां ब्लॉक की ग्राम पंचायत खूंटी बुजुर्ग प्रकरण ने काफी तूल पकड़ा, जब पीडी की रिपोर्ट के मुताबिक आरोपी सफाई कर्मी और ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ डीपीआरओ ने एक सप्ताह तक कोई कार्रवाई ही नहीं की। इसके बाद सीडीओ अरविंद सिंह ने डीपीआरओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करने के कड़े निर्देश दिए, जिसके बाद भी डीपीआरओ कार्रवाई करने में टाल-मटोल करते रहेे। ग्राम पंचायत अधिकारी के खिलाफ उसी दिन शाम को कार्रवाई की, लेकिन सफाईकर्मी / प्रधानपति के खिलाफ दूसरे दिन कार्रवाई की गई। सीडीओ अरविंद सिंह द्वारा डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के बाद नोडल आधिकारी/कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम ने भी डीपीआरओ को प्रतिकूल प्रविष्टि दी थी।
विज्ञापन

आरोपों की जांच करेंगे अयोध्या के डीडी (पंचायत)
अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव पर लगे आरोपों को भी स्पष्ट किया है इसमें पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करना। लापरवाही, उदासीनता, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, नोडल अधिकारी के दौरे के दौरान बिना अवकाश स्वीकृत कराए मुख्यालय छोड़ना, शौचालय निर्माण में गड़बड़ी करने वालों पर कार्रवाई न करना, बीडीओ बेहजम की जांच में दोषी पाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी दिलीप गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई न करना शामिल है। इसी के चलते उन्हें निलंबित करते हुए निदेशक कार्यालय लखनऊ से संबद्ध किया गया है। साथ ही आरोपों की जांच अयोध्या के उपनिदेशक (पंचायत) को सौंपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीपीआरओ के खिलाफ विभागीय कार्यों में लगातार लापरवाही करने के अलावा कई गंभीर आरोप थे। नोटिस दिए जाने पर वह जवाब नहीं देते थे और न ही निर्देशों का पालन कर रहे थे। इसलिए शासन ने उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है।
-अरविंद सिंह, सीडीओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed