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ओवरलोड से हांफते ट्रांसफार्मर.. अब होने लगे खराब
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लखीमपुर खीरी। कुछ दिनों से बारिश नहीं हुई है, जिससे गर्मी और उमस फिर से प्रचंड होने लगी है। इससे बिजली की खपत बढ़ गई है, जिससे ओवरलोड हुए ट्रांसफार्मर हांफने लगे हैं। क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर फुंककर खराब होने लगे हैं, तो कहीं ट्रांसफार्मर की घूटियां (टर्मिनल) स्पार्किंग से पिघलकर खराब हो गई हैं। शहर के मोहल्ला नौरंगाबाद में रखा ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड के चलते खराब हो गया, जिससे सैकड़ों घरों की बत्ती कई घंटे तक गुल रही। जेई ने मोबाइल ट्रांसफार्मर रखवाकर मोहल्ले में बिजली आपूर्ति चालू कराई है।
उधर, मितौली कस्बे के बाजार में रखा 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण गुरुवार की रात फुंक गया, जिसके बाद शुक्रवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर रात आठ बजे बिजली चालू की गई। बमुश्किल दो घंटे बाद ही यह ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड से हांफने लगा और उसमें इमरजेंसी लीकेज से तेल निकल गया। इससे कस्बे की सप्लाई बंद करनी पड़ी। रात करीब 12:30 बजे बिजली कर्मियों ने एक फेस पर बिजली सप्लाई चालू कर दी, लेकिन लो-वोल्टेज होने से घरों के पंखे-कूलर नहीं चले। लिहाजा जेई विजय शर्मा ने शनिवार को फिर दूसरा ट्रांसफार्मर मंगवाया, जिसे शाम तक बदलकर प्लेटफार्म पर रखा गया है। करीब 55 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है, जिससे गर्मी और उमस से बच्चे और आम उपभोक्ता बिलबिला उठे। जेई विजय शर्मा ने बताया कि ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर गुरुवार की रात को फुंक गया था, जिसे शुक्रवार को बदला गया लेकिन यह भी कुछ घंटे बाद तेल निकलने से खराब हो गया। इसलिए फिर से दूसरा ट्रांसफार्मर मंगाया गया है, जिसे लगा दिया गया है। शनिवार की रात को बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
शाम सात से रात 11 बजे तक ओवरलोड
गर्मी और उमस बढ़ने से लोग पंखा-कूलर के अलावा एसी (एयर कंडीशन) भी इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके अलावा पानी भरने के लिए मोटर पंप भी गर्मियों में ज्यादा चलाए जा रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड पड़ रहा है। जेई विजय शर्मा ने बताया कि शाम सात बजे से रात 11 बजे तक बिजली खपत काफी बढ़ जाती है।
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ओवरलोड की समस्या को दूर करने के लिए ट्रांसफार्मर की क्षमता 250 से 400 केवीए करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजा है। अभी स्वीकृति नहीं मिली है, लेकिन 400 केवीए ट्रांसफार्मर लगने के बाद ओवरलोड की समस्या दूर हो जाएगी।
-विजय शर्मा, जेई, मितौली उपकेंद्र
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उधर, मितौली कस्बे के बाजार में रखा 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर ओवरलोड के कारण गुरुवार की रात फुंक गया, जिसके बाद शुक्रवार को दूसरा ट्रांसफार्मर लगाकर रात आठ बजे बिजली चालू की गई। बमुश्किल दो घंटे बाद ही यह ट्रांसफार्मर भी ओवरलोड से हांफने लगा और उसमें इमरजेंसी लीकेज से तेल निकल गया। इससे कस्बे की सप्लाई बंद करनी पड़ी। रात करीब 12:30 बजे बिजली कर्मियों ने एक फेस पर बिजली सप्लाई चालू कर दी, लेकिन लो-वोल्टेज होने से घरों के पंखे-कूलर नहीं चले। लिहाजा जेई विजय शर्मा ने शनिवार को फिर दूसरा ट्रांसफार्मर मंगवाया, जिसे शाम तक बदलकर प्लेटफार्म पर रखा गया है। करीब 55 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद भी बिजली सप्लाई बहाल नहीं हो सकी है, जिससे गर्मी और उमस से बच्चे और आम उपभोक्ता बिलबिला उठे। जेई विजय शर्मा ने बताया कि ओवरलोड की वजह से ट्रांसफार्मर गुरुवार की रात को फुंक गया था, जिसे शुक्रवार को बदला गया लेकिन यह भी कुछ घंटे बाद तेल निकलने से खराब हो गया। इसलिए फिर से दूसरा ट्रांसफार्मर मंगाया गया है, जिसे लगा दिया गया है। शनिवार की रात को बिजली सप्लाई बहाल कर दी जाएगी।
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शाम सात से रात 11 बजे तक ओवरलोड
गर्मी और उमस बढ़ने से लोग पंखा-कूलर के अलावा एसी (एयर कंडीशन) भी इस्तेमाल करने लगे हैं। इसके अलावा पानी भरने के लिए मोटर पंप भी गर्मियों में ज्यादा चलाए जा रहे हैं। इससे ट्रांसफार्मर पर ओवरलोड पड़ रहा है। जेई विजय शर्मा ने बताया कि शाम सात बजे से रात 11 बजे तक बिजली खपत काफी बढ़ जाती है।
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ओवरलोड की समस्या को दूर करने के लिए ट्रांसफार्मर की क्षमता 250 से 400 केवीए करने का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों के पास भेजा है। अभी स्वीकृति नहीं मिली है, लेकिन 400 केवीए ट्रांसफार्मर लगने के बाद ओवरलोड की समस्या दूर हो जाएगी।
-विजय शर्मा, जेई, मितौली उपकेंद्र