{"_id":"5e18a19f8ebc3e882254cf6e","slug":"civic-amenities-lakhimpur-news-bly3914842144","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूख के साथ सर्दी पड़ रही भारी, गोशाला में दम तोड़ रहीं गायें बेचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूख के साथ सर्दी पड़ रही भारी, गोशाला में दम तोड़ रहीं गायें बेचारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। पिछले कुछ दिनों से बढ़ी गलन और ठंड से आम जनमानस ही नहीं बल्कि जानवर भी प्रभावित हुए हैं। जिसमें सबसे ज्यादा बुरा हाल गोशाला में रहने वाले गोवंश का है। उनके लिए न तो वहां पर खाने की पर्याप्त व्यवस्था है और न ही ठंड से बचने की। खाने के नाम पर सिर्फ सूखा भूसा दिया जाता है और सर्दी से बचाव की व्यवस्था तक नहीं है। ऐसे में बेचारी गोवंश खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। साथ ही खाली पेट और भीषण सर्दी की चपेट में आने से असमय मौत का शिकार हो रही है। शुक्रवार को भी नगर पालिका की अस्थाई गोशाला में दो गोवंश की मौत हो गई और वहीं एक मरने की कगार पर है। आए दिन हो रही गोवंश की मौत पर पर्दा डालने के लिए पालिका प्रशासन इनका पोस्टमार्टम तक नहीं करवा रहा है।
गोशाला पर खर्च धनराशि की जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन
नगर पालिका की स्थायी और अस्थायी गोशाला में आए दिन गोवंश की हो रही मौतों पर विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने प्रांत सहमंत्री ब्रजेश पांडे के नेतृत्व में डीएम शैंलेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन देकर गोवंश की देखरेख पर खर्च की गई धनराशि की जांच कराने की मांग की है।
उन्होंने डीएम को बताया कि नसीरूद्दीन मौजी मैदान के सामने पानी की टंकी के नीचे बनी अस्थायी गोशाला में न तो चारे की व्यवस्था है और न ही सर्दी से बचाव की। भूख और सर्दी की चपेट में आकर गोवंश की मौत हो रही है। इसके अलावा पालिका प्रशासन बिना पोस्टमार्टम कराए ही गोवंश के शवों को ठिकाने लगवा दे रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर गोशालाओं में टीन शेड और पैरा डलवाने के साथ कंबल ओढ़ाने, रोजाना हरा चारा एवं दाना देने, नियमित इलाज के लिए पशु चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित करने के साथ गोशाला पर खर्च धनराशि की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान सुनील कुमार, सुनील जायसवाल, पंकज जायसवाल, सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गोवंश को सर्दी से बचाने के नाम पर हो रही खानापूरी
कस्बे के गांव मढ़िया में बनी गोशाला में गोवंश को सर्दी से बचाने के लिए सिर्फ खानापूरी हो रही है। यहां 69 गोवंश के रहने के लिए सिर्फ एक टीन शेड है। जिसके नीचे सभी गोवंश सर्दी के दिन और रात गुजारने के लिए मजबूर हैं। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है बजट के अनुसार रोजाना एक बोरी दाना आता है। वहीं टीन शेड के आसपास जलभराव भी है। ऐसे में बेचारे गोवंश सर्दी के मौसम में जलभराव के बीच रहने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी बीडी शुक्ला ने बताया कि सर्दी से बचने के लिए टीन शेड के नीचे गन्ने की पाती डलवाई गई है। सर्दी से बचाने के लिए टीन शेड के चारों तरफ तिरपाल भी लगवाया गया है।
गोवंश की देखरेख में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है। सड़क पर घायल गोवंश को दो दिन पहले गोशाला लाया गया था। इलाज भी कराया गया। मगर, उसके बावजूद उनकी मौत हो गई।
-आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी
विज्ञापन
गोशाला पर खर्च धनराशि की जांच की मांग, सौंपा ज्ञापन
नगर पालिका की स्थायी और अस्थायी गोशाला में आए दिन गोवंश की हो रही मौतों पर विश्व हिंदू परिषद के लोगों ने प्रांत सहमंत्री ब्रजेश पांडे के नेतृत्व में डीएम शैंलेंद्र कुमार सिंह को ज्ञापन देकर गोवंश की देखरेख पर खर्च की गई धनराशि की जांच कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उन्होंने डीएम को बताया कि नसीरूद्दीन मौजी मैदान के सामने पानी की टंकी के नीचे बनी अस्थायी गोशाला में न तो चारे की व्यवस्था है और न ही सर्दी से बचाव की। भूख और सर्दी की चपेट में आकर गोवंश की मौत हो रही है। इसके अलावा पालिका प्रशासन बिना पोस्टमार्टम कराए ही गोवंश के शवों को ठिकाने लगवा दे रहा है। विहिप पदाधिकारियों ने डीएम को ज्ञापन देकर गोशालाओं में टीन शेड और पैरा डलवाने के साथ कंबल ओढ़ाने, रोजाना हरा चारा एवं दाना देने, नियमित इलाज के लिए पशु चिकित्सक की ड्यूटी निर्धारित करने के साथ गोशाला पर खर्च धनराशि की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है। इस दौरान सुनील कुमार, सुनील जायसवाल, पंकज जायसवाल, सुमित कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
गोवंश को सर्दी से बचाने के नाम पर हो रही खानापूरी
कस्बे के गांव मढ़िया में बनी गोशाला में गोवंश को सर्दी से बचाने के लिए सिर्फ खानापूरी हो रही है। यहां 69 गोवंश के रहने के लिए सिर्फ एक टीन शेड है। जिसके नीचे सभी गोवंश सर्दी के दिन और रात गुजारने के लिए मजबूर हैं। हालांकि जिम्मेदारों का दावा है बजट के अनुसार रोजाना एक बोरी दाना आता है। वहीं टीन शेड के आसपास जलभराव भी है। ऐसे में बेचारे गोवंश सर्दी के मौसम में जलभराव के बीच रहने को मजबूर हैं। ग्राम पंचायत अधिकारी बीडी शुक्ला ने बताया कि सर्दी से बचने के लिए टीन शेड के नीचे गन्ने की पाती डलवाई गई है। सर्दी से बचाने के लिए टीन शेड के चारों तरफ तिरपाल भी लगवाया गया है।
गोवंश की देखरेख में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है। सड़क पर घायल गोवंश को दो दिन पहले गोशाला लाया गया था। इलाज भी कराया गया। मगर, उसके बावजूद उनकी मौत हो गई।
-आरआर अंबेश, अधिशासी अधिकारी