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‘अपने वादों से मुकर रही है सरकार’
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लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर लेखपालों का धरना प्रदर्शन शनिवार को भी जारी रहा, जिसमें जिलाध्यक्ष उदयभानु सिंह ने लेखपालों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि कानपुर देहात में लेखपालों को हटाने के लिए पुलिस बल ने पानी की बौछार का प्रयोग किया, लेकिन कोई भी साथी टस से मस नहीं हुआ। लगातार लेखपालों के उत्पीड़न की कार्रवाई की जा रही है। नो वर्क नो पे, निलंबन और सेवा समाप्ति की नोटिस के बावजूद लेखपाल डटे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वादों से मुकर रही है और विश्वनीयता खो रही है।
विलोबी मेमोरियल हाल परिसर में लेखपालों ने जिला प्रशासन और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। आठ सूत्री मांगों को लेकर पूर्व जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा कई बार लेखपालों की मांगों को जायज माना गया और कार्यवृत्तियां भी जारी की गई। सहमति बनने के बावजूद सरकार द्वारा क्रियान्वयन नहीं किया गया। दो माह पहले ही आंदोलन के बारे में संघ ने शासन को सूचना दे दी थी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने आठ सूत्री मांगों पर विचार तक नहीं किया। लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। निघासन के मंत्री अजय कुमार ने कहा कि लेखपाल लगातार प्रताड़ित हो रहा है। शासन जबरदस्ती आंदोलन समाप्त नहीं कर सकता है। प्रदर्शन में आदित्य मिश्रा, अतुल वाजपेयी, दीपक वर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, रामकुमार दीक्षित, उमाशंकर गुप्ता, अजय गुप्ता, अंकित मौजूद रहे।
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विलोबी मेमोरियल हाल परिसर में लेखपालों ने जिला प्रशासन और शासन के खिलाफ नारेबाजी की। आठ सूत्री मांगों को लेकर पूर्व जिलामंत्री कमल कुमार सिंह ने कहा कि सरकार द्वारा कई बार लेखपालों की मांगों को जायज माना गया और कार्यवृत्तियां भी जारी की गई। सहमति बनने के बावजूद सरकार द्वारा क्रियान्वयन नहीं किया गया। दो माह पहले ही आंदोलन के बारे में संघ ने शासन को सूचना दे दी थी। दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने आठ सूत्री मांगों पर विचार तक नहीं किया। लेखपाल अपनी जायज मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। निघासन के मंत्री अजय कुमार ने कहा कि लेखपाल लगातार प्रताड़ित हो रहा है। शासन जबरदस्ती आंदोलन समाप्त नहीं कर सकता है। प्रदर्शन में आदित्य मिश्रा, अतुल वाजपेयी, दीपक वर्मा, चंद्रप्रकाश सिंह, रामकुमार दीक्षित, उमाशंकर गुप्ता, अजय गुप्ता, अंकित मौजूद रहे।
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