{"_id":"5df9061d8ebc3e8790406b29","slug":"civic-amenities-lakhimpur-news-bly388408256","type":"story","status":"publish","title_hn":"इसी माह राशन वितरण में डोर स्टेप डिलीवरी लागू करने की कवायद, रास्ते से कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इसी माह राशन वितरण में डोर स्टेप डिलीवरी लागू करने की कवायद, रास्ते से कालाबाजारी पर लगेगा अंकुश
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लखीमपुर खीरी। सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत गरीबों को बांटे जाने वाले सस्ते अनाज की व्यवस्था में सुधार के लिए डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था इसी दिसंबर से लागू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। आठवीं बार टेंडर प्रक्रिया में तीन फर्मों ने 14 ब्लॉकों में अनाज की सप्लाई करने के लिए टेंडर डाले हैं। जबकि गोला ब्लॉक के लिए किसी फर्म ने टेंडर नहीं डाला है। इस व्यवस्था से ब्लॉक स्तर पर स्थित एसएफएसी के गोदामों से अनाज की सप्लाई सीधे कोटेदारों की दुकान/गोदाम तक की जाएगी।
जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को इसी माह से लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी चालू व्यवस्था में कोटेदार को ही गोदाम से राशन उठाकर अपने साधन से दुकान तक ले जाना पड़ता है। इससे कई बार राशन की कालाबाजारी रास्ते से होने की शिकायतें मिलती हैं। कई बार कोटेदारों पर इसके लिए कार्रवाई भी हो चुकी है। डोर स्टेप डिलीवरी के तहत कोटेदार की गोदाम/दुकान तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी एसएफसी के अधिकारियों की होगी। तीन फर्मों अंबे ट्रांसपोर्ट बिसवां, आशा सिंह रायबरेली और मां गंगा एसोसिएट लखनऊ ने टेंडर डाला है। प्रक्रिया जल्द ही फाइनल होने की उम्मीद है। एसएफसी गोदाम से 10 किमी दूरी तक 18 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा तय किया गया है, जबकि 11 किमी से अधिक दूरी होने पर संबंधित फर्मों को 21 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा दिया जाएगा। राशन बोरियों के तौल (वजन) की जिम्मेदारी भी संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्मों की होगी। माह की अंतिम तिथि तक सभी कोटेदारों तक राशन पहुंचाने के निर्देश हैं। संवाद
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जिला पूर्ति अधिकारी विजय प्रताप सिंह ने बताया कि डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को इसी माह से लागू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी चालू व्यवस्था में कोटेदार को ही गोदाम से राशन उठाकर अपने साधन से दुकान तक ले जाना पड़ता है। इससे कई बार राशन की कालाबाजारी रास्ते से होने की शिकायतें मिलती हैं। कई बार कोटेदारों पर इसके लिए कार्रवाई भी हो चुकी है। डोर स्टेप डिलीवरी के तहत कोटेदार की गोदाम/दुकान तक राशन पहुंचाने की जिम्मेदारी एसएफसी के अधिकारियों की होगी। तीन फर्मों अंबे ट्रांसपोर्ट बिसवां, आशा सिंह रायबरेली और मां गंगा एसोसिएट लखनऊ ने टेंडर डाला है। प्रक्रिया जल्द ही फाइनल होने की उम्मीद है। एसएफसी गोदाम से 10 किमी दूरी तक 18 रुपये प्रति क्विंटल भाड़ा तय किया गया है, जबकि 11 किमी से अधिक दूरी होने पर संबंधित फर्मों को 21 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भाड़ा दिया जाएगा। राशन बोरियों के तौल (वजन) की जिम्मेदारी भी संबंधित आपूर्तिकर्ता फर्मों की होगी। माह की अंतिम तिथि तक सभी कोटेदारों तक राशन पहुंचाने के निर्देश हैं। संवाद
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