फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Civic Amenities

524 ग्राम पंचायतों में चार महीने बाद भी शुरू नहीं हो पाया विकास कार्य

Thu, 12 Dec 2019 02:36 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:36 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
लखीमपुर खीरी। ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस (पब्लिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम) व्यवस्था लागू हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक 524 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से भुगतान की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है। जिससे इन ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप होने से प्रधान और सचिवों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा खराब हालत निघासन और गोला ब्लॉक की हैं। निघासन की 66 में से 62 ग्राम पंचायतों और गोला ब्लॉक की 74 में 31 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस सुविधा अब तक शुरू नहीं हो पाई है।
विज्ञापन

तीन अगस्त से जनपद की कुल 1167 ग्राम पंचायतों में चैक से भुगतान प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई थी और पीएफएमएस से भुगतान की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। चार माह बीतने के बाद 643 ग्राम पंचायतों में पीएफएमएस से 14वें वित्त आयोग से भुगतान शुरू हो सका है। जबकि 524 ग्राम पंचायतों में तकनीकी खामियों के चलते पीएफएमएस एक्टिव नहीं हो पाया हैै। प्रधान और सचिवों की हालत खराब हो रही है, क्योंकि अगले वर्ष पंचायत चुनाव होने हैं। ऐसे में जनता के सामने प्रधानों को वोट मांगने जाना है और अपने द्वारा कराए गए विकास कार्य कोच गिनाने का दबाव भी है। चालू वित्त वर्ष में पीएफएमएस के चक्कर में ग्राम पंचायतों में कामकाज पिछड़ गया है। पीएफएमएस की तकनीकी कमियों को दूर कर ग्राम पंचायतों में भुगतान व्यवस्था लागू कराने के लिए रविवार को भी काम कराया जा रहा हैै, लेकिन लक्ष्य आगे खिसकता जाता है। डीपीआरओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को सदर ब्लाक में बीडीओ संतोष कुमार के साथ बैठक करके पीएफएमएस की समीक्षा की है। इस ब्लॉक की 109 ग्राम पंचायतों में से 42 ग्राम पंचायतों में भुगतान व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। डीपीआरओ ने डीएससी (डिजीटल हस्ताक्षर) को एक्टिव करने में आ रही दिक्कतों को शीघ्र दूर कराने की बात कही है।
विज्ञापन

चतुर्थ राज्य वित्त से भुगतान का खाता भी न खुला
जिन ग्राम पंचायतों में भुगतान शुरू हुआ है, उनमें भी सिर्फ 14वें वित्त आयोग की धनराशि से भुगतान किया जा रहा है। जबकि चतुर्थ राज्य वित्त आयोग की धनराशि का भुगतान किसी भी ग्राम पंचायत में शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसी हैं तकनीकी कमियां
पीएफएमएस से भुगतान में जो तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं, उनमें ओपनिंग बैलेंस मैच नहीं हो रहा है। प्रिया साफ्ट पर नॉट ऑफ इरर डालने पर बेसिक ग्रांट शो नहीं हो रही। कहीं मेकर आईडी पर दो बैंक खाते मैप हो गए हैं। तो कहीं मेकर का यूजर आईडी पासवर्ड नहीं मिल रहा है। तो कहीं 14वां वित्त शो नहीं हो रहा है।


पीएफएमएस से भुगतान की व्यवस्था जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में सुचारू हो जाएगी। निघासन और गोला ब्लॉक में तकनीकी गड़बड़ियां अधिक होने से इनमें देरी हुई है। अन्य ब्लॉकों में स्थिति प्रतिदिन बेहतर हो रही है।
-अजय श्रीवास्तव, डीपीआरओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed