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कैमरा टैपिंग से किशनपुर सेंक्चुरी और बफरजोन को सुरक्षित करने की तैयारी

Tue, 03 Dec 2019 12:47 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 03 Dec 2019 12:47 AM IST
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व में हर चौथे साल होने वाली बाघ गणना में बाघों की संख्या का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए चौथे फेज की गणना का काम शुरू हो गया है। इसके लिए साइन सर्वे लगभग पूरा हो चुका है। अब कैमरा ट्रैपिंग के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व के विभिन्न स्थानों के अलावा दक्षिण खीरी वन प्रभाग में कैमरे लगाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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हाल ही में हुई बाघ गणना में उप्र के अंदर मिले 174 बाघों में से करीब 100 बाघ दुधवा टाइगर रिजर्व में ही पाए गए थे। अब इस संख्या के पुर्न आंकलन करने के लिए पिछले कुछ दिनों से साइन सर्वे का काम चल रहा था जो लगभग पूरा होने को है। साइन सर्वे के आधार पर ही ग्रिड बनाकर कैमरे लगाने की प्रक्रिया एक-दो दिन में शुरू होगी।
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डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के कोऑर्डिनेटर डॉ. मुदित गुप्ता ने बताया कि पहले चरण में किशनपुर सेंक्चुरी और मैलानी रेंज (वन्यजीव विहार) के साथ-साथ बफरजोन की भीरा, मैलानी, पलिया, संपूर्णानगर रेंज के अलावा दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी रेंज में 225 जोड़ी कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे एक महीने तक एक ही स्थान पर लगे रहने के बाद इन्हें दूसरे स्थानों पर फिट किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इन कैमरों से ट्रैप हुई तस्वीरों को भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जाएगा, जहां विशेषज्ञ बाघों की धारियों के आधार पर उनका विश्लेषण कर पिछली गणना के दौरान ट्रैप हुई तस्वीरों से मिलान करेंगे। इससे यह भी पता चलेगा कि इस दौरान बाघों की संख्या कितनी बढ़ी और कितनी घटी है।
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क्या होता है साइन सर्वे
बाघों की गणना के दौरान कैमरा ट्रैपिंग के अलावा साइन सर्वे को भी महत्व दिया जाता है। इसके तहत बाघों के पगचिह्न उनके द्वारा पेड़ों पर बनाए गए खरोंच के निशान, मल-मूत्र और शिकार को देखकर बाघ की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। कई साल पहले तक बाघों की गणना पगचिह्न के जरिये ही की जाती थी लेकिन यह गणना इतनी सटीक नहीं होती, जितनी कि कैमरा ट्रैपिंग से होती है।
डेढ़ वर्ग किलोमीटर एरिया में लगेगा एक जोड़ी कैमरा
किशनपुर सेंक्चुरी और मैलानी (वन्यजीव विहार) रेंज के साथ-साथ बफरजोन की चार रेंजों के अलावा दक्षिण खीरी वन प्रभाग के गोला और मोहम्मदी रेंज में बाघों की मौजूदगी वाले स्थानों को चिह्नित कर उनके डेढ़ वर्ग किलोमीटर के दायरे में एक जोड़ी कैमरा लगाया जाएगा। 30 दिन बाद इन्हें हटाकर दुधवा नेशनल पार्क और कतर्निया घाट में भी यही कैमरे लगाए जाएंगे।

दुधवा टाइगर रिजर्व में हाल ही में हुई बाघ गणना में मिली बाघों की संख्या का पुर्न आंकलन का काम शुरू हो गया है। साइन सर्वे के बाद अब कैमरे लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ और वन विभाग के अफसरों के अलावा फील्ड कर्मी विभिन्न रेंजों में चिह्नित स्थलों पर कैमरे लगाने का कार्य शुरू करेंगे।
-संजय पाठक, फील्ड डाइरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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