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जमाखोरी रोकने के लिए 450 बीज विक्रेताओं को नोटिस
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लखीमपुर खीरी। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने 450 बीज विक्रेताओं को नोटिस जारी कर बीजों की जमाखोरी/कालाबाजारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई करने की चेतावनी दी हैै।
रबी 2019-20 में पूरे जनपद में 1,99,144 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई का लक्ष्य है। इसके अलावा 604 हेक्टेयर में जौ, 291 हेक्टेयर में मक्का, 251 हेक्टेयर में चना, 1395 हेक्टेयर में मटर, 18464 हेक्टेयर में मसूर की बुआई की जानी हैै। इसी तरह 35274 हेक्टेयर में तोरिया, 28465 हेक्टेअर में राई सरसों और 17 हेक्टेयर में अलसी की बुआई करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य के अनुसार बीजों का आवंटन किया गया है। कृषि विभाग के पास 5873 क्विंटल गेहूं बीज उपलब्ध है, जिसका वितरण राजकीय कृृषि बीज भंडार से कराया जा रहा है। इन बीजों पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अलावा प्राइवेट दुकानों के माध्यम से बीजों की आपूर्ति किसानों तक होती है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बॉर्डर एरिया में किराना दुकानों पर भी बीज बिक्री किए जाने की सूचना मिली है, जहां से बीजों की तस्करी पड़ोसी देश नेपाल को होती है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो बिना लाइसेंस के बीज बिक्री में शामिल हैं। इसके साथ ही लाइसेंसी दुकानदारों को नोटिस जारी कर प्रत्येक माह की दो तारीख तक बीज बिक्री की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। सात दिनों में निश्चित प्रारूप पर सूचना न मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की बात कही है।
इसी क्रम में कुछ कंपनियों ने गेहूं का रिसर्च बीज बाजार में उतारा है, जो बिक्री के लिए प्रतिबंधित है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसे बीज बेचते हुए जो भी दुकानदार पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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रबी 2019-20 में पूरे जनपद में 1,99,144 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की बुआई का लक्ष्य है। इसके अलावा 604 हेक्टेयर में जौ, 291 हेक्टेयर में मक्का, 251 हेक्टेयर में चना, 1395 हेक्टेयर में मटर, 18464 हेक्टेयर में मसूर की बुआई की जानी हैै। इसी तरह 35274 हेक्टेयर में तोरिया, 28465 हेक्टेअर में राई सरसों और 17 हेक्टेयर में अलसी की बुआई करने का लक्ष्य है। इसी लक्ष्य के अनुसार बीजों का आवंटन किया गया है। कृषि विभाग के पास 5873 क्विंटल गेहूं बीज उपलब्ध है, जिसका वितरण राजकीय कृृषि बीज भंडार से कराया जा रहा है। इन बीजों पर किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। इसके अलावा प्राइवेट दुकानों के माध्यम से बीजों की आपूर्ति किसानों तक होती है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि बॉर्डर एरिया में किराना दुकानों पर भी बीज बिक्री किए जाने की सूचना मिली है, जहां से बीजों की तस्करी पड़ोसी देश नेपाल को होती है। ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जो बिना लाइसेंस के बीज बिक्री में शामिल हैं। इसके साथ ही लाइसेंसी दुकानदारों को नोटिस जारी कर प्रत्येक माह की दो तारीख तक बीज बिक्री की सूचना देने के निर्देश दिए हैं। सात दिनों में निश्चित प्रारूप पर सूचना न मिलने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई करने की बात कही है।
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इसी क्रम में कुछ कंपनियों ने गेहूं का रिसर्च बीज बाजार में उतारा है, जो बिक्री के लिए प्रतिबंधित है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि ऐसे बीज बेचते हुए जो भी दुकानदार पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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