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बाढ़ में नष्ट हुई फसलों का मुआवजा 22.22 लाख मिला
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लखीमपुर खीरी। पलिया और धौरहरा क्षेत्र में पिछले वर्ष आई बाढ़ और कटान से फसलों को हुए नुकसान का मुआवजा जल्द ही किसानों को दिया जाएगा। शासन ने किसानों को मुआवजा बांटने के लिए 22,22,217 रुपये जिला प्रशासन को दिए हैं, जिसे किसानों के खाते में भेजने के लिए धनराशि दोनों तहसीलों को दी गई है।
वर्ष 2019 में बाढ़ और कटान से पलिया और धौरहरा क्षेत्र में धान और गन्ने की फसलें तबाह हुईं थीं। तहसील प्रशासन ने नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी थी, जिसमें बताया था कि 25.918 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल नष्ट हुई थी। जबकि 104.018 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल बर्बाद हुई थी। इससे करीब 533 किसानों को नुकसान हुआ था। शासन ने धान की फसल का मुआवजा 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया है, जबकि गन्ने का मुआवजा 18000 रुपये की दर से भुगतान किया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पलिया तहसील को 13,26,807 रुपये और धौरहरा तहसील को 8,95,410 रुपये दिए गए हैं। संबंधित लाभार्थी किसानों को मुआवजा की धनराशि का शीघ्र वितरण करने के निर्देश एसडीएम को दिए हैं और 31 मार्च 2020 तक उपभोग प्रमाण पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं।
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वर्ष 2019 में बाढ़ और कटान से पलिया और धौरहरा क्षेत्र में धान और गन्ने की फसलें तबाह हुईं थीं। तहसील प्रशासन ने नुकसान की रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी थी, जिसमें बताया था कि 25.918 हेक्टेयर क्षेत्रफल में धान की फसल नष्ट हुई थी। जबकि 104.018 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल बर्बाद हुई थी। इससे करीब 533 किसानों को नुकसान हुआ था। शासन ने धान की फसल का मुआवजा 13500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से दिया है, जबकि गन्ने का मुआवजा 18000 रुपये की दर से भुगतान किया है। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पलिया तहसील को 13,26,807 रुपये और धौरहरा तहसील को 8,95,410 रुपये दिए गए हैं। संबंधित लाभार्थी किसानों को मुआवजा की धनराशि का शीघ्र वितरण करने के निर्देश एसडीएम को दिए हैं और 31 मार्च 2020 तक उपभोग प्रमाण पत्र जमा करने के निर्देश दिए हैं।
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