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गैंडों की मौतों से सकते में चितवन पार्क प्रशासन

Sun, 24 Jan 2021 11:26 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 24 Jan 2021 11:26 PM IST
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Chitwan Park administration in fear of rhinoceros deaths
धनगढ़ी-नेपाल। नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में आए दिन गैंडों की स्वाभाविक मौत होने से पार्क प्रशासन सकते में है। बीते छह माह में 22 गैंडों की मौत से पार्क प्रशासन में हड़कंप है।
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नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में सबसे अधिक गैंडे पाए जाते हैं। पिछली गणना के मुताबिक, नेपाल में कुल 645 गैंडे थे। 2015 में हुई गणना में 605 गैंडे चितवन, 28 गैंडे बर्दिया पार्क, नौ शुक्लाफांटा पार्क और तीन गैंडे परसा पार्क में थे। वर्षों से चितवन में गैंडों की स्वाभाविक मौत हो रही है, जिसको लेकर पार्क प्रशासन भी सकते में है।
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राष्ट्रीय निकुंज और वन्य जंतु संरक्षण विभाग के मुताबिक, बीते छह माह में 22 गैंडों की मौत हो चुकी है। इसमें 18 की स्वाभाविक व चार गैंडे शिकारियों ने मारे हैं।
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पार्क संरक्षण विभाग के उपसचिव विष्णु प्रसाद श्रेष्ठ ने बताया कि बड़ी संख्या में गैंडों की मौत का अध्ययन किया गया है। 60 स्थानों पर जल परीक्षण भी हुआ, लेकिन मौतों के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया। पार्क में लगभग दो सौ ताल और घास के मैदान भी हैं, लेकिन गैंडों की मौत कैसे हो रही है यह समझ से परे है।

बीते दस सालों में मर चुके हैं 203
चितवन राष्ट्रीय निकुंज पार्क में गत दस वर्षों में लगभग दो सौ गैंडों की मौत हुई है, जो कि अपने आप में एक खासी चिंता का विषय है। इसमें सबसे अधिक मौतें 2019 में हुई हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो 2010-2015 के बीच 80 गैंडों की मौत हुई थी। उसके बाद 2015-2020 तक 123 गैंडों की मौत हो चुकी है। संवाद
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