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Lakhimpur Kheri News: बच्चे हाईग्रेड बुखार से पीड़ित, अस्पतालों मेें लग रहीं कतारें
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लखीमपुर खीरी। अब बच्चों पर भी बुखार, वायरल और मलेरिया का खतरा मंडराने लगा है। नवजात और एक-दो वर्ष के बच्चे अब मलेरिया और वायरल की चपेट में आ रहे हैं। बच्चोें में हाईग्रेड बुखार के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वायरल और मलेरिया की वजह से बच्चों में प्लेटलेट्स घटकर मात्र 20 से 30 हजार तक ही रह जा रही हैं। वायरल के बाद बच्चे त्वचा संबंधी समस्याओं से ग्रसित हो रहे हैं।
इस समय जिला महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बच्चों को गोद में लिए माताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह से ही भीड़ जुटने के साथ ओपीडी समाप्त होने तक लाइनें लगी रहती हैं। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 बच्चे देखे जा रहे हैं। इनमें 30 से 35 बुखार से ग्रसित हैं। कई बच्चों हाईग्रेड फीवर से पीड़ित हैं। हाईग्रेड बुखार में शरीर का तापमान 102 से 103 डिग्री तक रहता है।
शनिवार को चिकित्सक कक्ष के बाहर लंबी लाइन थी। हम्माद के परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों से उसे बुखार आ रहा है। वहीं सैफ भी दो दिन से बुखार की चपेट में है। उधर अरमान को निमोनिया की शिकायत थी। परिजन ने छह दिन तक जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया। इसके बावजूद घर आते ही अरमान फिर बीमार हो गया। महिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि बुखार, वायरल से पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं। बच्चों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का करें प्रयोग
डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि इस समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। घर और आसपास पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर परिवार का कोई सदस्य बुखार या मलेरिया से पीड़ित है, तो बच्चों को उससे दूर रखने का प्रयास करें। मरीज को मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहे। बच्चे को समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।
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इस समय जिला महिला अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बच्चों को गोद में लिए माताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। सुबह से ही भीड़ जुटने के साथ ओपीडी समाप्त होने तक लाइनें लगी रहती हैं। अस्पताल में रोजाना 50 से 60 बच्चे देखे जा रहे हैं। इनमें 30 से 35 बुखार से ग्रसित हैं। कई बच्चों हाईग्रेड फीवर से पीड़ित हैं। हाईग्रेड बुखार में शरीर का तापमान 102 से 103 डिग्री तक रहता है।
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शनिवार को चिकित्सक कक्ष के बाहर लंबी लाइन थी। हम्माद के परिजनों ने बताया कि कुछ दिनों से उसे बुखार आ रहा है। वहीं सैफ भी दो दिन से बुखार की चपेट में है। उधर अरमान को निमोनिया की शिकायत थी। परिजन ने छह दिन तक जिला अस्पताल में भर्ती कर इलाज कराया। इसके बावजूद घर आते ही अरमान फिर बीमार हो गया। महिला अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि बुखार, वायरल से पीड़ित बच्चे अधिक आ रहे हैं। बच्चों की देखभाल में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का करें प्रयोग
डॉ. नेहा गुप्ता ने बताया कि इस समय खास सावधानी बरतनी चाहिए। घर और आसपास पानी जमा न होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर परिवार का कोई सदस्य बुखार या मलेरिया से पीड़ित है, तो बच्चों को उससे दूर रखने का प्रयास करें। मरीज को मच्छरदानी का प्रयोग करने को कहे। बच्चे को समस्या होने पर चिकित्सक से सलाह लें।