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फैलते संक्रामक रोगों के बीच चिकनपॉक्स का मरीज मिला
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मरीज का परीक्षण करते डॉक्टर।
जिला अस्पताल के मेडिकल वार्ड में पीड़ित का हो रहा इलाज तो चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित पांच बच्चे भर्ती
लखीमपुर खीरी। जिले में संक्रामक रोगों के बीच चिकन पॉक्स का एक मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पीड़ित का मेडिकल वार्ड में इलाज चल रहा है। उधर, चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित पांच बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है।
शहर निवासी मनीष कुमार में चिकन पॉक्स के लक्षण मिले हैं। इस पर पीड़ित को घरवाले अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मेडिकल पुरुष वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वार्ड स्टाफ का कहना है कि युवक की हालत में काफी सुधार है।
इसके अलावा जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और बुखार पीड़ितों से चिल्ड्रेन व मेडिकल महिला एवं पुरुष वार्ड के सब बेड भर गए हैं। बुखार आने पर निघासन निवासी महेश (नौ) पुत्र कुंदन, सैदापुर निवासी उमेश (दो) पुत्री धानी, ईसानगर निवासी तेज नरायन (आठ) पुत्री अनामिक, धौरहरा निवासी रोहित ढाई वर्षीय पुत्र कार्तिक एवं सीतापुर निवासी श्रीराम ने पुत्र आयुष (6) भर्ती कराया है, जबकि मेडिकल पुरुष वार्ड में बुखार पीड़ित सात एवं महिला वार्ड में आठ लोगों का इलाज हो रहा है।
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लक्षण
1. खांसी, जुकाम के एक-दो दिन बाद शरीर में लाल चकत्ते पड़ना।
2. चकत्ते छालों का रूप ले लेते हैं, जिनसे पानी निकलने लगता है।
3. छाले शरीर पर कहीं भी हो सकते हैं। विशेषकर चेहरे और हाथ पर।
4. पीड़ित को बुखार भी रहता है।
5. कुपोषित बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं।
क्या करें या क्या न करें
1. संक्रमित मरीज के संपर्क में जाने से बचें।
2. मरीज के बर्तन, कपड़े खासकर तौलिया अलग रखें।
3. छालों को छुएं नहीं, हाथ लगने पर डेटॉल से हाथ धोएं।
4. घर एवं मरीज के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।
5. अपने आप दवाएं न लेकर डॉक्टर को दिखाएं।
चिकन पॉक्स वेरीसेला जूसटर नामक वायरस से होता है। बच्चों में यह सबसे अधिक होता है, जिस भी मरीज को एक बार चिकन पॉक्स हो जाता है उसको यह बीमारी दोबारा होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। कमजोर शरीर पर यह वायरस जल्दी हमला करता है। बच्चों में हाथ धोने की आदत डालें। शौच जाने के बाद और भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से अवश्य धोएं।
- डॉ. आरएस मधौरिया, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल
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लखीमपुर खीरी। जिले में संक्रामक रोगों के बीच चिकन पॉक्स का एक मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पीड़ित का मेडिकल वार्ड में इलाज चल रहा है। उधर, चिल्ड्रेन वार्ड में बुखार पीड़ित पांच बच्चों को भर्ती कर उनका उपचार किया जा रहा है।
शहर निवासी मनीष कुमार में चिकन पॉक्स के लक्षण मिले हैं। इस पर पीड़ित को घरवाले अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मेडिकल पुरुष वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया है। वार्ड स्टाफ का कहना है कि युवक की हालत में काफी सुधार है।
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इसके अलावा जिला अस्पताल में उल्टी, दस्त और बुखार पीड़ितों से चिल्ड्रेन व मेडिकल महिला एवं पुरुष वार्ड के सब बेड भर गए हैं। बुखार आने पर निघासन निवासी महेश (नौ) पुत्र कुंदन, सैदापुर निवासी उमेश (दो) पुत्री धानी, ईसानगर निवासी तेज नरायन (आठ) पुत्री अनामिक, धौरहरा निवासी रोहित ढाई वर्षीय पुत्र कार्तिक एवं सीतापुर निवासी श्रीराम ने पुत्र आयुष (6) भर्ती कराया है, जबकि मेडिकल पुरुष वार्ड में बुखार पीड़ित सात एवं महिला वार्ड में आठ लोगों का इलाज हो रहा है।
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लक्षण
1. खांसी, जुकाम के एक-दो दिन बाद शरीर में लाल चकत्ते पड़ना।
2. चकत्ते छालों का रूप ले लेते हैं, जिनसे पानी निकलने लगता है।
3. छाले शरीर पर कहीं भी हो सकते हैं। विशेषकर चेहरे और हाथ पर।
4. पीड़ित को बुखार भी रहता है।
5. कुपोषित बच्चे इसकी चपेट में जल्दी आते हैं।
क्या करें या क्या न करें
1. संक्रमित मरीज के संपर्क में जाने से बचें।
2. मरीज के बर्तन, कपड़े खासकर तौलिया अलग रखें।
3. छालों को छुएं नहीं, हाथ लगने पर डेटॉल से हाथ धोएं।
4. घर एवं मरीज के आसपास सफाई का विशेष ध्यान रखें।
5. अपने आप दवाएं न लेकर डॉक्टर को दिखाएं।
चिकन पॉक्स वेरीसेला जूसटर नामक वायरस से होता है। बच्चों में यह सबसे अधिक होता है, जिस भी मरीज को एक बार चिकन पॉक्स हो जाता है उसको यह बीमारी दोबारा होने की संभावना बेहद कम हो जाती है। कमजोर शरीर पर यह वायरस जल्दी हमला करता है। बच्चों में हाथ धोने की आदत डालें। शौच जाने के बाद और भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह साबुन से अवश्य धोएं।
- डॉ. आरएस मधौरिया, वरिष्ठ फिजीशियन, जिला अस्पताल