फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Chhath Puja: Today will start with bathing

छठ पूजा : नहाय खाय से आज होगा आगाज

Sun, 07 Nov 2021 11:48 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 07 Nov 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
Chhath Puja: Today will start with bathing
छठ पूजा को लेकर सेठघाट की सफाई करते आरएसएस स्वयंसेवक।
11 नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर होगा समापन
विज्ञापन

घरों में प्रसाद बनाने के अलावा अन्य तैयारियों में जुटीं महिलाएं
लखीमपुर खीरी। चार दिवसीय लोक पर्व छठ पूजन आज नहाय खाय से शुरू होगा। इसके लिए घरों में तैयारियां शुरू हो गई हैं। व्रत के लिए महिलाओं ने प्रसाद बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उधर, सेठ घाट स्थित पूजा स्थल की साफ सफाई भी शुरू हो गई है। रविवार सुबह सदर विधायक ने पूजा स्थल पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को छठ पूजा होती है। इसमें भगवान सूर्य देव की पूजा होती है। इसलिए इसे सूर्य षष्ठी भी कहा जाता है। इस पूजा का पूर्वांचल में विशेष महत्व है। महिलाएं घर परिवार की उन्नति, संतान की प्राप्ति एवं सुखी जीवन के लिए विधि विधान से छठ पूजा करती हैं। मुख्यत: तीन दिन के आयोजन में सूर्य देव की उपासना होती है। इसका आगाज नहाय खाय के साथ आज से होने जा रहा है।
विज्ञापन

महिलाओं ने प्रसाद सामग्री घर पर बनाने की तैयारियां शुरू कर दी है। दस नवंबर यानी बुधवार को अस्त होते सूर्य और बृहस्पतिवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारायण होगा। छठ पूजा आयोजन समिति के संयोजक मृगांग शेखर उपाध्याय ने बताया कि पूजन को लेकर घाट पर तैयारी चल रही है। पूजन कार्यक्रम आपन माटी संस्था की देखरेख में होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


छठ पूजा एक नजर में
1. खरना- नहाय खाय के दूसरे दिन खरना होता है। छठ पूजा का यह महत्वपूर्ण दिन है। इस दिन महिलाएं व्रत रखती हैं और खीर खाकर 36 घंटे का निर्जला व्रत रहती हैं। इसी दिन पूजा के लिए प्रसाद बनता है।
2. छठ पूजा- खरना के अगले दिन छठी मैया और सूर्य देव की पूजा होती है। इस दिन व्रत रहकर महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य देती हैं।
3. छठ पूजा समापन- इस दिन महिलाएं व्रत रखकर उगते सूर्य को अर्घ्य देकर 36 घंटे का कठिन व्रत पारण के बाद पूर्ण करती हैं।

आठ नवंबर- नहाय खाय से छठ पूजा प्रारंभ
नौ नवंबर- खरना।
10 नवंबर- छठ पूजा, डूबते सूर्य को अर्घ्य।
11 नवंबर- उगते सूर्य को अर्घ्य, छठ पूजा समापन।

आरएसएस स्वयंसेवकों ने की छठ पूजा घाट की सफाई
लखीमपुर खीरी। छठ पूजा को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नगर इकाई की सभी शाखाएं रविवार की सुबह छह बजे सेठघाट पर लगीं। जिला प्रचारक अभिषेक ने कहा कि सैकड़ों की संख्या में महिलाएं छठ पूजा के लिए सेठघाट पर आती हैं। उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न होने पाए यह हम सबका उत्तरदायित्व है। इस क्रम में स्वयंसेवकों ने छठ पूजा स्थल की साफ सफाई की। जिला प्रचारक ने कहा कि पूजन के दोनों दिन श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसके लिए आरएसएस स्वयंसेवकों की टोलियां मौजूद रहेंगी। उधर, सदर विधायक योगेश वर्मा ने भी कार्यक्रम स्थल पहुंचकर सेठ घाट की सफाई व्यवस्था का जायजा लेकर तहसील एवं पालिका प्रशासन के लोगों को व्यवस्था चाक चौबंद करने के निर्देश दिए। सहजिला संघचालक अवधेश, अमरेश, सतीश, अरुण, हेमंत, राहुल, आनंद, रमेश, दुर्गेश नंदन, विजय, प्रमोद, दीनानाथ, अमित, पुनीत, संजय राय सहित कई स्वयंसेवक मौजूद रहे। संवाद

सूखी पड़ी नहर, कैसे होगी छठ पूजा
बांकेगंज। यहां कस्बे में छठ पूजन को लेकर तैयारी शुरू हो गई है, लेकिन छोटी और बड़ी नहर में पानी न होने से पूर्वांचल समाज के लोग चिंतित हैं।
पूर्वांचल समाज के धर्मवीर गुप्ता, अंगद गुप्ता, विनोद, मनोज आदि का कहना है कि पिछले कई सालों से ऐन छठ पूजा पर्व पर बड़ी और छोटी दोनों नहरों में पानी बंद हो जाता है। बांकेगंज कस्बे के आसपास कोई दूसरी नदी या सरोवर न होने की वजह से महिलाओं और पुरुषों को जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देने में परेशानी उठानी पड़ती हैं। ऐसी स्थित में छट पर्व की परंपरा के चलते पूर्वांचल समाज के लोग घरों के सामने गहरा गड्ढा बनाकर उसमें बाल्टी से पानी भर देते हैं। इसके बाद गड्ढे में भरे जल में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य देते हैं। लोगों ने सिंचाईं विभाग के अफसरों से छठ पर्व से पहले सूखी नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है। उधर, नहर में पानी न होने से मैलानी, अलीगंज, ममरी आदि क्षेत्रों में बड़ी और छोटी नहरों के किनारे बसे पूर्वांचल समाज के लोगों को छठ पूजा के दौरान परेशानियां उठानी पड़ती हैं।

घाट पर सफाई और रंगरोगन का कार्य तेज
पलियाकलां। छट पर्व नजदीक आने पर घरों में साफ-सफाई के साथ रंगरोगन का कार्य शुरू कर दिया गया है। यहां हर साल छठ पर्व धूमधाम से मनाया जाता है। इसमें चीनी मिल के अलावा पलिया शहर के विभिन्न मोहल्लों से महिलाएं आकर पूजा अर्चना करती हैं। इनके अलावा कई गांवों की महिलाएं भी मिलकर छठ घाट पर शिरकत करती हैं। रविवार को पूरा दिन रंगरोगन का कार्य किया गया।
संपूर्णानगर। छठ पर्व को लेकर कस्बे के सिंगाही खुर्द स्थित घाट पर तैयारी लगभग अंतिम चरण में हैं। यहां छठ पूजा सेवा समिति के सेवादार साफ-सफाई, रंगरोगन कार्य पूरा कर चुके हैं। अब बचे कार्यों को निपटाया जा रहा है। समिति के लोगों ने बताया कि दस नवंबर की शाम और 11 नवंबर को सुबह भजन कीर्तन के साथ ही घाट से लेकर सड़क तक पथ प्रकाश की व्यवस्था कराई जा रही है। चाय, प्रसाद की व्यवस्था भी की गई है। संवाद

काई वाले पानी में खड़े होकर अर्घ्य देंगी महिलाएं
मैलानी। नगर में काली मंदिर के पास स्थित सरोवर में महिलाएं सूर्य को अर्घ्य देकर छठ पूजा करती हैं। इस बार सरोवर में पानी गंदा होने के साथ काई भरी है। वहीं सरोवर की एक साइड की दीवार भी टूटी हुई है।
मैलानी क्षेत्र में पूर्वांचल के लोगों की खासी आबादी है। रेलवे में भी पूर्वांचल के तमाम कर्मचारी हैं। छट पूजा का पर्व दस नवंबर को होगा। पिछले दिनों हुई बारिश में काली मंदिर सरोवर की एक तरफ की दीवार ध्वस्त हो गई थी। नगर पंचायत की ओर से सरोवर की बाउंड्री का निर्माण अभी तक नहीं कराया गया है। नगर पंचायत सदस्य भूपेंद्र गुप्ता ने बताया कि बाउंड्री बनवाने के लिए ईओ और चेयरमैन से कहा गया था, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। न ही छठ पूजा तक इसके बनने की कोई उम्मीद है। इस बार श्रद्धालुओं को टूटी बाउंड्री वाले काई वाले तालाब में खड़े होकर ही सूर्य को अर्घ्य देना पड़ेगा।

चेयरमैन सत्यवती ने बताया कि तालाब की साफ-सफाई करवाई गई थी, लेकिन रिसाव के कारण काई और गंदा पानी जमा हो गया है। उधर, लोग छठ पूजा की तैयारी में जुटे हैं। सरोवर के पास कारीगर वेदी बनाने में जुट गए हैं। ईओ राजेश चौधरी का कहना है कि त्योहार से पहले सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर ली जाएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed