गन्ना पर्चियों में गड़बड़ी को लेकर बैठक में हंगामा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ना किसानों को पर्चियां न मिलने सहित अन्य समस्याओं पर चर्चा के लिए सीआईसी (केन इंप्लीमेंटेंसन कमेटी) की बैठक हुई, जिसमें किसान प्रतिनिधियों ने अजबापुर मिल के खिलाफ इंडेंट में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए। इन आरोपों के बचाव में अजबापुर मिल के जीएम केन सुभाष खोखर ने फर्जी आंकड़े दिखाए, जिसे मैगलगंज गन्ना समिति के अध्यक्ष बृजेश सिंह ने चैलेंज कर दिया। इस पर डीसीओ ब्रजेश कुमार पटेल ने समिति और मिल अधिकारी के इंडेंट आंकड़ों में अंतर पकड़ा, तो मिल अधिकारी जवाब नहीं दे सके। डीसीओ ने मिल अधिकारी को फटकार लगाते हुए एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय के सभागार में शनिवार को माह की दूसरी बैठक हुई। मैगलगंज गन्ना समिति के अध्यक्ष बृजेश सिंह, उपाध्यक्ष जसपाल सिंह, गन्ना विकास परिषद के अध्यक्ष सर्वेश सिंह, जेबीगंज समिति के अध्यक्ष प्रतिनिधि हितेंद्र सिंह ने अजवापुर मिल के अधिकारियों पर इंडेंट में गड़बड़ी करने के आरोप लगाए। मैगलगंज समिति क्षेत्र में पिछले वर्ष के मुकाबले नौ से 10 हजार क्विंटल कम इंडेंट जारी किया जा रहा है। इसी तरह मोहम्मदी समिति क्षेत्र में 15 हजार क्विंटल के बजाय नौ हजार, जेबीगंज क्षेत्र में 40 के बजाय 20 हजार क्विंटल इंडेंट दिया जा रहा है। इससे किसानों को पर्चियां नहीं मिल पा रही हैं, वहीं मिल अधिकारी फर्जी आंकड़ों के आधार पर खरीद का आंकड़ा दुरुस्त करने का प्रयास कर रहे हैं। मसलन मैगलगंज समिति के पास मौजूद आंकड़ों के मुताबिक एक फरवरी 2018 को 14 हजार क्विंटल गन्ना खरीद की गई है, जबकि अजबापुर के जीएम केन ने उस दिन 18470 क्विंटल खरीद दिखाई है। इसी तरह अन्य दिनों में भी खरीद में भारी अंतर मिला है, जिससे अजबापुर मिल के अधिकारियों की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गई है। जो किसी बड़े घोटाले की ओर संकेत कर रहे हैं। जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने सभी मिल अधिकारियों को हिदायत देते हुए कहा है कि पिछले वर्ष के अनुसार ही इस वर्ष इंडेंट की मात्रा कम नहीं होनी चाहिए।
गन्ना किसानों की समस्याओं का होगा समाधान
जंगबहादुरगंज। डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि समस्याओं के समाधान होने पर ही हम विकास के विषय में सोच पाएंगें। सभी लोग मिल-जुल कर रहे। डीएम ने पसगवां कोतवाली परिसर में तालाबों, राष्ट्रीय राजपथ, सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण को गंभीरता से लिया है। उन्होंने एसडीएम स्वाति शुक्ला को अतिक्रमण हटवाने के निर्देश दिए। गन्ना किसानों की पर्ची न मिलने, समानुपातिक खरीद न होने की शिकायत की डीएससी एल शुगर अजवापुर के मिल प्रबंधन को निर्देशित करने का आश्वासन दिया। इसके बाद डीएम ने एसपी के साथ थाना कार्यालय का भी निरीक्षण किया।