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चमोली त्रासदी: निघासन के दो मजदूरों के शव मिले, 34 लापता

Tue, 09 Feb 2021 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 09 Feb 2021 12:48 AM IST
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chamoli jal pralay
निघासन (लखीमपुर खीरी) के बाबुपुरवा गांव में चिंता में डूबा एक मजदूर का परिवार। संवाद - फोटो : LAKHIMPUR
लखीमपुर खीरी/निघासन/बेलरायां/तिकुनियां। उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार सुबह आई आपदा के बाद लापता लखीमपुर खीरी की निघासन तहसील के दो मजदूरों के शव मलबे से बरामद हो गए हैं। 34 मजदूर अब भी लापता हैं। 10 मजदूर किसी तरह हादसे वाली जगह से सुरक्षित बाहर निकल आए। ये सभी तपोवन डैम में मजदूरी करने गए थे। जिनसे मिलने के लिए उनके परिवार वाले उत्तराखंड रवाना हो गए हैं। इस बीच डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी विजय ढुल ने गांवों में पहुंचकर परिवार वालों को ढांढस बंधाया।
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चमोली के तपोवन में ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा में गिरने से धौलीगंगा पर बन रहा बांध बह गया था। जलप्रलय से निर्माणाधीन तपोवन जल विद्युत में काम करने वाले लखीमपुर खीरी जिले की कोतवाली तिकुनियां के गांव बाबूपुरवा, भूलनपुर, कड़िया, थाना सिंगाही के गांव भैरमपुर, इच्छानगर और तारनकोठी के 40 से अधिक मजदूरों का घर वालों से संपर्क टूट गया। अमर उजाला ने जमीनी पड़ताल कर 40 मजदूर लापता होने की खबर प्रकाशित की, जिसके बाद हरकत में आए प्रशासन ने सोमवार को प्रभावित मजदूरों के गांवों में जाकर परिवार वालों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया।
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अकेले सिंगाही क्षेत्र के गांव भैरमपुर से 8, इच्छानगर से 14, बाबूपुरवा, भूलनपुर, तारनकोठी, मिर्जागंज, सिंगाही, तिकुनियां आदि गांवों के 12 मजदूर अब भी लापता हैं। परिवार के लोग उनकी सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं। इधर, इच्छानगर निवासी लालता के 19 वर्षीय पुत्र अवधेश का शव मिल गया है। एक और मजदूर का शव मिला है, उसकी शिनाख्त नहीं हुई है, उसके इसी गांव के होने की आशंका जताई जा रही है।
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लापता मजदूरों की सूची
भैरमपुर
1. जितेंद्र (25) पुत्र जगदमोहन
2. पैकरमा गिरि (45) पुत्र पुत्तू गिरि
3. सतेंद्र कुमार (23) पुत्र रामकुमार
4. रंजीत (24) पुत्र बरखा गिरि
5. संतोष पाल (30) पुत्र राममूर्ति
6. मनोज कुमार (25) पुत्र राममूर्ति
7. अर्जुन लाल (24) पुत्र जीवन लाल
8. विनोद कुमार (24) पुत्र श्रीराम
इच्छानगर
9. जलाल हुसैन (20) पुत्र इश्तियाक
10. राजू (21) पुत्र श्रीकेशन
11. राशिद (20) पुत्र साहिद
12. मुकेश (20) पुत्र चेतराम
13. जगदीश (45) पुत्र रामप्रसाद
14. इस्लाम (30) पुत्र मखबूल
15. इरशाद (33) पुत्र मोहम्मद अली
16. शेर बहादुर (46) पुत्र खुशीराम
17. रामतीरथ ( 35) पुत्र मनोहर
18. रामबिलास (30) पुत्र कढिले
19. प्रमोद (20) पुत्र बिंद्रा
20. उरफान (22) पुत्र उस्मान
21. श्रीकृष्ण (30) पुत्र बदलू
22. उमेश (23) पुत्र जगदीश
बाबू पुरवा और अन्य गांव
23. भलभल (28) पुत्र जुम्मन खान, मिर्जागंज
24. हीरालाल (19)
25. सूरज (19)
26.अर्जुन (19)
27. विमलेश (25)
28. धर्मेंद्र (22) भूलनपुर
29.जावेद (24) पुत्र यूनुस सिंगाही
30. शेर सिंह पुत्र दीनदयाल तिकुनियां
31. रामू पुत्र सागर तिकुनियां
32. गौरी शंकर पुत्र जोगीराम तिकुनियां
33. शंकर पुत्र श्याम तिकुनियां
34. अरुण कुमार पुत्र रामबहादुर कडिया
सही सलामत मजदूरों की सूची
राजन, अमरनाथ, आशीष, रोहित, नरेंद्र तिवारी, अंगने, रवि, चुन्नी लाल, श्यामू, राजकिशोर निवासी भैरमपुर।
आंखों के सामने बह गए 15 फुट ऊपर डैम पर सरिया बांध रहे थे छह मजदूर
दूसरे दिन भी नहीं चला पता, मोबाइल पर हाल बताते कांप उठा किसी तरह बच निकला विमल
लखीमपुर खीरी। उत्तराखंड के चमोली हादसे में सुरक्षित बचे कोतवाली तिकुनियां के गांव बाबूपुरवा निवासी विमल उर्फ मंगरे आंखों से सामने से गुजरी मौत को याद कर कांप उठता है। उसका कहना है कि जिस वक्त सैलाब आया, उस समय उसके छह साथी निर्माणाधीन तपोवन डैम के 15 फुट ऊपर सरिया का जाल बांध रहे थे, जबकि वह अन्य साथियों के साथ नीचे काम कर रहा था। उसने भागकर चट्टान पर चढ़कर बमुश्किल जान बचाई।
मौत के मुंह से बचकर निकले गांव बाबूपुरवा निवासी विमल उर्फ मंगरे सकुशल है। हालांकि उसके हाथों में चोट आई है। विमल ने फोन पर बताया कि जिस समय ग्लेशियर टूटा, उस वक्त वह और उसके साथी निर्माणाधीन तपोवन जल विद्युत परियोजना पर काम कर रहे थे। इसमें गांव के सूरज, धर्मेंद्र, हीरालाल, अरुण, अर्जुन आदि अन्य लोगों के साथ 15 फुट की ऊंचाई पर सरिया बांध रहे थे, जबकि वह अन्य लोगों के साथ नीचे काम कर रहा था। अचानक भागो...भागो का शोर हुआ। जब तक कुछ समझ पाता, चारों ओर पानी ही पानी दिखा। ऐसा लग रहा था कि पानी में वह भी समा जाएगा। वह किसी तरह से भागते हुए सुरक्षित स्थान पर पहुंचा पर ऊंचाई पर काम कर रहे साथी नीचे नहीं उतर पाए। उसे आशंका है कि सैलाब उन्हें बहा ले गया या वे लोग दलबल में फंस गए। उसके परिवार के लोग रविवार की शाम उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं। संवाद
लापता मजदूरों के परिजन से मिलने गांव पहुंचे डीएम-एसपी
राहत आयुक्त और उत्तराखंड के अधिकारियों से जुटाई जा रही सूचीबद्ध लापता मजदूरों की जानकारी
लखीमपुर खीरी। निघासन तहसील के कई गांवों से उत्तराखंड के चमोली में आई जलप्रलय में लापता हुए मजदूरों से दूसरे दिन भी उनके परिजन का संपर्क नहीं हो पाया। ऐसे परिवारों से मिलने के लिए डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी विजय ढुल सोमवार को निघासन क्षेत्र के गांव बाबुपुरवा, भैरमपुर, इच्छानगर पहुंचे। डीएम ने लापता मजदूरों के परिजन से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। परिजन ने त्रासदी के बाद से लापता लोगों से कोई संपर्क नहीं होने की जानकारी दोहराई।
डीएम-एसपी ने एक-एक कर परिवारों से मुलाकात के दौरान ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि प्रशासन सभी ऐसे लोगों को चिन्हित कर सूचीबद्ध कर रहा है, जिनका अपने परिवारों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सूचीबद्ध लोगों के संबंध में राहत आयुक्त, उप्र के अलावा उत्तराखंड के अधिकारियों को सूचित करते हुए उनके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जानकारी मिलते ही सभी परिजन से जानकारी साझा की जाएगी। इस दौरान डीएम-एसपी ने उत्तराखंड के चमोली में खीरी के ऐसे मजदूर जिनसे संपर्क हो रहा है उनसे बात की और उनसे वहां के हालात के बारे में जानकारी ली। डीएम ने कहा कि लापता मजदूरों की सूची शासन को भेजी जा चुकी हैै और उत्तराखंड सरकार से जानकारी साझा करने के साथ ही अन्य कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने परिवारों को भी हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इस दौरान एसडीएम निघासन ओम प्रकाश गुप्ता, सीओ प्रदीप कुमार वर्मा व तहसीलदार निघासन धर्मेंद्र कुमार पांडे मौजूद रहे।

डीएम ने कहा- खीरी के 34 मजदूर लापता, 23 सकुशल
लखीमपुर खीरी। उत्तराखंड के चमोली में हुए जलप्रलय की चपेट में आए निघासन क्षेत्र के आठ गांवों के 34 मजदूरों के लापता होने की पुष्टि डीएम शैलेंद्र कुमार सिंह ने की है। उन्होंने बताया है कि आठ गांवों तिकुनियां, इच्छानगर, मिर्जागंज, कड़िया, भैरमपुर, भेड़ौरी, भेड़ौरा-सिंगाही कला, उमरा से कुल 57 लोग चमोली में मजदूरी के लिए गए थे। इनमें से 34 लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, जबकि 23 लोग सकुशल हैं और अपने परिवार के संपर्क में हैं। डीएम ने बताया कि उत्तराखंड सरकार से लगातार संपर्क बना हुआ है। जैसे ही कोई नई सूचना प्राप्त होगी, तो परिजन को सूचना दी जाएगी। संवाद

लखीमपुर में निघासन के गांव बाबूपुरवा में लापता मजदूरों के परिवार वालों को ढांढस बंधाते डीएम और ए?

लखीमपुर में निघासन के गांव बाबूपुरवा में लापता मजदूरों के परिवार वालों को ढांढस बंधाते डीएम और ए?- फोटो : LAKHIMPUR

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