फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Ceasefire brings hope, 22 families in Kasta await the return of their loved ones

Lakhimpur Kheri News: सीजफायर से जगी उम्मीद, कस्ता के 22 परिवार अपनों की वापसी के इंतजार में

Thu, 09 Apr 2026 11:28 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Thu, 09 Apr 2026 11:28 PM IST
विज्ञापन
Ceasefire brings hope, 22 families in Kasta await the return of their loved ones
घर के बाहर मौजूद बृजभान और राजकिशोर के परिवारीजन-संवाद
मितौली। इस्राइल-ईरान के बीच सीजफायर के बाद उड़ानें शुरू होने की खबर से कस्ता क्षेत्र के उन 22 परिवारों में हलचल तेज हो गई है, जिनके अपने इस्राइल में फंसे हैं। शादियों के सीजन में अपनों के घर लौटने की उम्मीद ने जहां खुशी बढ़ाई है, वहीं वीजा प्रक्रिया की अड़चन अब भी चिंता का कारण बनी हुई है। मितौली थाना क्षेत्र के गांव गनेशपुर निवासी राणा प्रताप दो वर्ष पहले रोजगार के सिलसिले में इस्राइल गए थे। उन्होंने फोन पर परिजनों को बताया कि 11 अप्रैल से उड़ानें शुरू होने की संभावना है। यह खबर मिलते ही परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। उनके बेटे अंकित सिंह की 27 अप्रैल को शादी है, जिसमें उनके शामिल होने की उम्मीद अब और मजबूत हो गई है।
विज्ञापन

गांव में शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन एक ही सवाल सबके मन में है कि क्या राणा प्रताप समय पर घर पहुंच पाएंगे? उनकी 90 वर्षीय मां फुलिया देवी हर आने-जाने वाले से यही पूछ रही हैं कि अब बेटा आ जाएगा न? परिजन उन्हें भरोसा दिला रहे हैं कि हालात तेजी से सुधर रहे हैं।
विज्ञापन

पत्नी सावित्री देवी ने बताया कि सीजफायर के बाद उम्मीद जगी है, लेकिन एंट्री वीजा सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। उनका कहना है कि अगर कागजी प्रक्रिया समय पर पूरी हो गई, तो वह जरूर घर पहुंचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सिर्फ राणा प्रताप का परिवार ही नहीं, बल्कि क्षेत्र के कई अन्य परिवार भी इसी इंतजार में हैं। धर्मेंद्र सिंह अपने छोटे भाई की शादी में शामिल होने की कोशिश कर रहे हैं। कस्ता कॉलोनी निवासी राजकिशोर की पत्नी सुनीता ने बताया कि उनसे रोज बात होती है और वह सुरक्षित हैं। ब्रजभान की पत्नी भगीरथी ने भी कहा कि उनके पति सुरक्षित हैं और सीजफायर के बाद घर लौटने की उम्मीद बढ़ गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सरकार स्तर पर मदद मिले और वीजा प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, तो कई परिवारों की खुशियां पूरी हो सकती हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed