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सीडीओ ने दिया लिखित आश्वासन तो किसानों ने खत्म किया धरना-प्रदर्शन
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पलिया में सभी किसानों को मिल का लेटर पैड दिखाते सीडीओ, मिल अधिकारी व किसान नेता।
आज 25 करोड़ रुपये का भुगतान मिल ने भेजने का किया दावा
पलियाकलां। 18 दिन के धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन के बाद आखिरकार मिल प्रशासन ने किसानों की सभी मांगों को मानते हुए लिखित आश्वासन दिया है। सीडीओ ने किसानों को अपनी गारंटी दी, जिसके बाद किसान सहमत हुए। मिल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को बकाये में 25 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजने की बात कही है।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर 28 नवंबर से किसानों द्वारा गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो बाद में क्रमिक अनशन में बदल गया। किसानों ने मंगलवार को मिल प्रबंधन के सामने अपनी दस सूत्री मांगें रखी थीं। जिस पर चीनी मिल ने लैटर पैड पर किसानों की सभी मांगों को मान लिया था। इसके बाद भी किसान स्टांप पर लिखकर देने की बात कहते हुए बुधवार को 18वें दिन भी धरने पर डटे रहे। किसानों ने मंच से एलान किया कि मिल प्रबंधन अगर उनको स्टांप पर लिखकर मांगों को देता है तभी किसान सहमत होंगे। 12 बजे के बाद धरनास्थल पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह, चीनी मिल के दिल्ली से आए कार्यकारी डायरेक्टर डॉ. एवी सिंह, शशि राय, केडी सिंह, अवधेश गुप्ता आदि अधिकारी स्थानीय एचआर हेड हरीश ज्याला, आरएस कुशवाहा, आरके यादव आदि के साथ पहुंचे और किसानों से बात की।
किसानों को संबोधित करते हुए सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की सभी मांगें मान ली गई हैं। मिल किस तरीके से किसानों का बकाया भुगतान करेगी और कब करेगी, इसके लिए भी मिल द्वारा पूरी लिस्ट तैयार करके किसानों को जल्द दे दी जाएगी। मिल प्रबंधन ने फिलहाल 25 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में 16 दिसंबर को भेजने की बात कही है। इसके अलावा 60 करोड़ का भुगतान दिसंबर में और बाकी का भुगतान 31 जनवरी 2022 तक करने की बात कही है।
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नए सत्र का भुगतान 14 दिन में देने की सहमति भी मिल ने दी है। किसानों ने स्टांप की बात कही तो सीडीओ ने कहा कि वह खुद मजिस्ट्रेट हैं और मजिस्ट्रेट के सामने ही यह फैसला हुआ है। इसके बाद सीडीओ ने मिल द्वारा दिए गए लैटर पैड पर खुद के वहां उपलब्ध रहना लिखा और उस पर हस्ताक्षर किए।
सीडीओ ने कहा कि किसानों ने अपने हक की लड़ाई लड़ी है। बावजूद इसके अगर मिल अपने किए वादों से मुकरता है तो उनके स्तर से मामले में मिल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर किसानों ने तालियां बजाकर अपनी सहमति जताई। जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त करने की किसान नेताओं ने घोषणा की। इसके बाद सीडीओ ने खुद किसानों के साथ गन्ना समिति पहुंचकर गन्ना समिति में किसानों द्वारा डाले गए तालों को खुलवाया।
मिल में पहुंचने लगा 29 नवंबर की पर्चियों का गन्ना
सीडीओ व मिल अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों ने छीले हुए गन्ने की बावत भी पूछा, जिसपर चीनी मिल सब तरीके का गन्ना स्वीकार्य किए जाने की बात कही। मिल द्वारा 29 नवंबर की पर्चियों का गन्ना बुधवार से ही मिल में लाने की बात किसानों से कही है। जिसके बाद गन्ना मिल को किसान ले जाने लगे हैं।
समिति विशेष सचिव के तबादले की मांग ली वापस
किसानों ने गन्ना समिति के विशेष सचिव के तबादले की मांग की थी, जो अब किसानों ने वापस ले ली है। किसान नेताओं का कहना है कि सचिव अपने व्यवहार पर काफी क्षुब्ध हैं और उन्होंने किसानों से माफी भी मांगी है। जिसको देखते हुए किसान अपना दिल बड़ा करता है और सचिव को माफ करता है। साथ ही चेतावनी देता है कि भविष्य में वह किसानों के साथ अच्छे से पेश आएं।
क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों को फूलमाला पहनाकर उठाया
बुधवार को क्रमिक अनशन पर बैठे किसान अवतार सिंह, हसीबुद्दीन, रमजान अली, मोहम्मद मुमताज रजा, संतोष सिंह आदि को सीडीओ अनिल कुमार सिंह के साथ ही मिल अधिकारियों ने फूल मालाओं से लादकर उनका क्रमिक अनशन तोड़वाया।
किसानों ने समर्थन देने वालों को दिया धन्यवाद
किसानों के धरना प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए किसानों ने पलिया बार एसोसिएशन, पलिया नगर व्यापार मंडल समेत अन्य संगठनों के प्रति आभार जताया है। किसानों ने कहा कि उनको समर्थन देकर समाज के लोगों ने यह दिखाया है कि किसानों के बिना कोई पूरक नहीं है। किसान खुशहाल होंगे तो वह भी खुशहाल होंगें।
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पलियाकलां। 18 दिन के धरना-प्रदर्शन और क्रमिक अनशन के बाद आखिरकार मिल प्रशासन ने किसानों की सभी मांगों को मानते हुए लिखित आश्वासन दिया है। सीडीओ ने किसानों को अपनी गारंटी दी, जिसके बाद किसान सहमत हुए। मिल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को बकाये में 25 करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजने की बात कही है।
बकाया भुगतान की मांग को लेकर 28 नवंबर से किसानों द्वारा गन्ना समिति में ताला जड़ने के बाद चीनी मिल में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था, जो बाद में क्रमिक अनशन में बदल गया। किसानों ने मंगलवार को मिल प्रबंधन के सामने अपनी दस सूत्री मांगें रखी थीं। जिस पर चीनी मिल ने लैटर पैड पर किसानों की सभी मांगों को मान लिया था। इसके बाद भी किसान स्टांप पर लिखकर देने की बात कहते हुए बुधवार को 18वें दिन भी धरने पर डटे रहे। किसानों ने मंच से एलान किया कि मिल प्रबंधन अगर उनको स्टांप पर लिखकर मांगों को देता है तभी किसान सहमत होंगे। 12 बजे के बाद धरनास्थल पर सीडीओ अनिल कुमार सिंह, चीनी मिल के दिल्ली से आए कार्यकारी डायरेक्टर डॉ. एवी सिंह, शशि राय, केडी सिंह, अवधेश गुप्ता आदि अधिकारी स्थानीय एचआर हेड हरीश ज्याला, आरएस कुशवाहा, आरके यादव आदि के साथ पहुंचे और किसानों से बात की।
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किसानों को संबोधित करते हुए सीडीओ अनिल कुमार सिंह ने कहा कि किसानों की सभी मांगें मान ली गई हैं। मिल किस तरीके से किसानों का बकाया भुगतान करेगी और कब करेगी, इसके लिए भी मिल द्वारा पूरी लिस्ट तैयार करके किसानों को जल्द दे दी जाएगी। मिल प्रबंधन ने फिलहाल 25 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों के खातों में 16 दिसंबर को भेजने की बात कही है। इसके अलावा 60 करोड़ का भुगतान दिसंबर में और बाकी का भुगतान 31 जनवरी 2022 तक करने की बात कही है।
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नए सत्र का भुगतान 14 दिन में देने की सहमति भी मिल ने दी है। किसानों ने स्टांप की बात कही तो सीडीओ ने कहा कि वह खुद मजिस्ट्रेट हैं और मजिस्ट्रेट के सामने ही यह फैसला हुआ है। इसके बाद सीडीओ ने मिल द्वारा दिए गए लैटर पैड पर खुद के वहां उपलब्ध रहना लिखा और उस पर हस्ताक्षर किए।
सीडीओ ने कहा कि किसानों ने अपने हक की लड़ाई लड़ी है। बावजूद इसके अगर मिल अपने किए वादों से मुकरता है तो उनके स्तर से मामले में मिल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस पर किसानों ने तालियां बजाकर अपनी सहमति जताई। जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त करने की किसान नेताओं ने घोषणा की। इसके बाद सीडीओ ने खुद किसानों के साथ गन्ना समिति पहुंचकर गन्ना समिति में किसानों द्वारा डाले गए तालों को खुलवाया।
मिल में पहुंचने लगा 29 नवंबर की पर्चियों का गन्ना
सीडीओ व मिल अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों ने छीले हुए गन्ने की बावत भी पूछा, जिसपर चीनी मिल सब तरीके का गन्ना स्वीकार्य किए जाने की बात कही। मिल द्वारा 29 नवंबर की पर्चियों का गन्ना बुधवार से ही मिल में लाने की बात किसानों से कही है। जिसके बाद गन्ना मिल को किसान ले जाने लगे हैं।
समिति विशेष सचिव के तबादले की मांग ली वापस
किसानों ने गन्ना समिति के विशेष सचिव के तबादले की मांग की थी, जो अब किसानों ने वापस ले ली है। किसान नेताओं का कहना है कि सचिव अपने व्यवहार पर काफी क्षुब्ध हैं और उन्होंने किसानों से माफी भी मांगी है। जिसको देखते हुए किसान अपना दिल बड़ा करता है और सचिव को माफ करता है। साथ ही चेतावनी देता है कि भविष्य में वह किसानों के साथ अच्छे से पेश आएं।
क्रमिक अनशन पर बैठे किसानों को फूलमाला पहनाकर उठाया
बुधवार को क्रमिक अनशन पर बैठे किसान अवतार सिंह, हसीबुद्दीन, रमजान अली, मोहम्मद मुमताज रजा, संतोष सिंह आदि को सीडीओ अनिल कुमार सिंह के साथ ही मिल अधिकारियों ने फूल मालाओं से लादकर उनका क्रमिक अनशन तोड़वाया।
किसानों ने समर्थन देने वालों को दिया धन्यवाद
किसानों के धरना प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए किसानों ने पलिया बार एसोसिएशन, पलिया नगर व्यापार मंडल समेत अन्य संगठनों के प्रति आभार जताया है। किसानों ने कहा कि उनको समर्थन देकर समाज के लोगों ने यह दिखाया है कि किसानों के बिना कोई पूरक नहीं है। किसान खुशहाल होंगे तो वह भी खुशहाल होंगें।