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लखीमपुर खीरी: बिना पीसीवी वैक्सीन के चल रहा अभियान
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निमोनिया से बचाव के लिए लगाया जाता है टीका
कोरोना काल में छूटे बच्चों का होना है वैक्सीनेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। बच्चों को निमोनिया से सुरक्षित रखने के लिए लगाई जाने वाली पीसीवी वैक्सीन खत्म हो चुकी है। इससे अभियान की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं। जिम्मेदार बताते हैं कि वैक्सीन की सप्लाई लखनऊ से होती है। इसके लिए मांग पत्र भेजा जा चुका है। बुधवार को मिलने की उम्मीद है।
कोरोना काल के दौरान तमाम दुकानदार नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। ऐसे बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जिले में तीन चरणों में अभियान शुरू किया गया, जिसका दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया। इन बच्चों को तीन चरण में मार्च तक टीके लगाए जाने हैं। मगर, दूसरे चरण की सफलता पर ही सवाल उठने लगे हैं। इसका कारण जिले में निमोनिया से बचाव के लिए लगाई जाने वाली पीसीवी वैक्सीन का खत्म होना है। महिला अस्पताल में जहां दोपहर तक मात्र तीन डोज बची थी तो वहीं तमाम सीएचसी पीएचसी आदि पर पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रमोद कुुमार वर्मा ने पीसीवी वैक्सीन के लिए शासन से मांग की गई है। इसके लिए कई दिन पहले ही पत्र भेज दिया था।
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कोरोना काल में छूटे बच्चों का होना है वैक्सीनेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
लखीमपुर खीरी। बच्चों को निमोनिया से सुरक्षित रखने के लिए लगाई जाने वाली पीसीवी वैक्सीन खत्म हो चुकी है। इससे अभियान की सफलता पर सवाल उठने लगे हैं। जिम्मेदार बताते हैं कि वैक्सीन की सप्लाई लखनऊ से होती है। इसके लिए मांग पत्र भेजा जा चुका है। बुधवार को मिलने की उम्मीद है।
कोरोना काल के दौरान तमाम दुकानदार नियमित टीकाकरण से वंचित रह गए थे। ऐसे बच्चों को विभिन्न जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए जिले में तीन चरणों में अभियान शुरू किया गया, जिसका दूसरा चरण सोमवार से शुरू हो गया। इन बच्चों को तीन चरण में मार्च तक टीके लगाए जाने हैं। मगर, दूसरे चरण की सफलता पर ही सवाल उठने लगे हैं। इसका कारण जिले में निमोनिया से बचाव के लिए लगाई जाने वाली पीसीवी वैक्सीन का खत्म होना है। महिला अस्पताल में जहां दोपहर तक मात्र तीन डोज बची थी तो वहीं तमाम सीएचसी पीएचसी आदि पर पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. प्रमोद कुुमार वर्मा ने पीसीवी वैक्सीन के लिए शासन से मांग की गई है। इसके लिए कई दिन पहले ही पत्र भेज दिया था।
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