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सीबीएसई बोर्ड: 10 वीं के बाद 12 वीं की परीक्षा भी निरस्त
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लखीमपुर खीरी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने बारहवीं की परीक्षा निरस्त कर दी है। इसको लेकर कहीं खुशी तो कहीं गम है। मेधावियों में बेहद मायूसी है। इनका कहना है कि प्रोन्नति में नंबर औसतन मिलेंगे। जबकि परीक्षा देकर जो अंक मिलते, वह हमारी मेहनत के होते। परीक्षा हमारी बौद्धिक क्षमता का आंकलन कराती हैं। सरकार का निर्णय बेहद गलत है। संक्रमण काल में परीक्षा कराई जा सकती हैं।
सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसकी खबर से छात्रों खुशी और गम दोनो हैं। मेधावियों का कहना है कि सरकार का निर्णय सही नहीं। जब संक्रमण होने पर बाजार खुल सकता है तो स्कूल क्यों नहीं। भले ही परीक्षा बहुविक्लपीय प्रश्नों से कराते। मगर, पेपर कराने चाहिए थे। उधर, अधिकांशत छात्रों का कहना है कि सरकार ने सही निर्णय लिया है।
सरकार का यह निर्णय गलत है। पूरे साल की तैयारी पर पानी फिर गया। यदि परीक्षा होती तो हमें अपनी मेहनत के अनुसार अंक मिलते। मगर, अब तो औसतन अंक मिलेंगे।
शुभम शर्मा, छात्र कक्षा-12
वैसे तो परीक्षा निरस्त करने का निर्णय छात्र हित में नहीं है। मगर, कोरोना काल में परीक्षा कराना भी उचित नहीं है। परीक्षा होने से हमें अपनी कमियों का अहसास होता है। जो अब नहीं हो सकेगा
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आरिल्य प्रताप सिंह, कक्षा-12
परीक्षा रद होना छात्र हित में नहीं है। परीक्षा होनी चाहिए थी, भले ही दो माह बाद आयोजन होता। मगर, सरकार के निर्णय का सम्मान है। आगे सीबीएसई से जो भी निर्देश आएगा उसका पालन होगा। फिलहाल परीक्षा निरस्त संबंधी अभी कोई निर्देश नहीं मिला है।
शैलेंद्र कुमार गुप्ता, सिटी कोऑर्डीनेटर सीबीएसई बोर्ड
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सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं की परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया है। इसकी खबर से छात्रों खुशी और गम दोनो हैं। मेधावियों का कहना है कि सरकार का निर्णय सही नहीं। जब संक्रमण होने पर बाजार खुल सकता है तो स्कूल क्यों नहीं। भले ही परीक्षा बहुविक्लपीय प्रश्नों से कराते। मगर, पेपर कराने चाहिए थे। उधर, अधिकांशत छात्रों का कहना है कि सरकार ने सही निर्णय लिया है।
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सरकार का यह निर्णय गलत है। पूरे साल की तैयारी पर पानी फिर गया। यदि परीक्षा होती तो हमें अपनी मेहनत के अनुसार अंक मिलते। मगर, अब तो औसतन अंक मिलेंगे।
शुभम शर्मा, छात्र कक्षा-12
वैसे तो परीक्षा निरस्त करने का निर्णय छात्र हित में नहीं है। मगर, कोरोना काल में परीक्षा कराना भी उचित नहीं है। परीक्षा होने से हमें अपनी कमियों का अहसास होता है। जो अब नहीं हो सकेगा
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आरिल्य प्रताप सिंह, कक्षा-12
परीक्षा रद होना छात्र हित में नहीं है। परीक्षा होनी चाहिए थी, भले ही दो माह बाद आयोजन होता। मगर, सरकार के निर्णय का सम्मान है। आगे सीबीएसई से जो भी निर्देश आएगा उसका पालन होगा। फिलहाल परीक्षा निरस्त संबंधी अभी कोई निर्देश नहीं मिला है।
शैलेंद्र कुमार गुप्ता, सिटी कोऑर्डीनेटर सीबीएसई बोर्ड