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कार्यबहिष्कार : दो घंटे भटकते रहे मरीज

Sun, 25 Jun 2023 01:33 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Updated Sun, 25 Jun 2023 01:33 AM IST
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Boycott: Patients wandering for two hours
इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट
लखीमपुर खीरी। फार्मासिस्ट सहित अन्य संवर्ग के कर्मचारियों ने अपने अस्पतालों में शनिवार को दो घंटे का कार्य बहिष्कार किया। जिला एवं महिला अस्पताल सहित सीएचसी-पीएचसी पर सुबह आठ बसे दस बजे तक दवा वितरण काउंटर बंद रहे। ऐसे में दवा लेने के लिए अस्पताल पहुंचे मरीज औषधि वितरण केंद्रों के खुलने की प्रतीक्षा करते रहे। इस दौरान उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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लंबित विभिन्न मांगों को लेकर डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन, प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ, राजकीय नर्सेज संघ सहित अन्य संवर्ग के लोग 20 जून से प्रदर्शन कर रहे हैं। पहले चरण में 20 से 23 जून तक स्वास्थ्यकर्मी काला फीता बांधकर काम करते रहे। मगर, शासन के संज्ञान न लेने पर उन्होंने शनिवार से दो घंटे का कार्यबहिष्कार शुरू कर दिया। डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के जिलामंत्री अनिल कुमार ने बताया कि रविवार को प्रांतीय नेतृत्व की बैठक है। इसमें लिए गए निर्णय के अनुसार सोमवार से आगामी रणनीति पर अमल होगा। फार्मासिस्ट एके कनौजिया, अमित सिंह, प्रसून श्रीवास्तव, अनिल कुमार, सहदेव सचान आदि मौजूद रहे।
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दस बजे तक बन गए थे 400 पर्चे
मरीज सुबह आठ बजे ही जिला अस्पताल पहुंचने लगे। सुबह 10 बजे तक 400 मरीजों ने पर्चे बनवा लिए। ओपीडी में डॉक्टरों ने मरीजों को देखकर दवाएं भी लिख दी थीं, लेकिन दवा वितरण काउंटर बंद रहने से मरीज व तीमारदार दस बजे परेशान रहे।
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गांव चंदपुरा निवासी सवल कुमार ने बताया कि पत्नी का ऑपरेशन कराया था। डॉक्टर ने दवाएं लिखकर घर भेज दिया था। शनिवार को फिर दवा लेने आए थे, लेकिन हड़ताल के चलते दवा नहीं मिली। दस बजे तक काउंटर खुलने का इंतजार करना पड़ा।
कुंभी ब्लॉक के गांव पथरा निवासी धीरज मिश्रा ने बताया कि त्वचा रोग की दवा लेने के लिए शनिवार सुबह जल्दी घर से निकले थे। सोचा था कि दवा लेकर जल्दी घर पहुंच जाएंगे। मगर, अस्पताल आकर हड़ताल के चलते दस बजे के बाद ही दवा मिल सकी।
सीतापुर के गांव बलरामपुर निवासी हरिशचंद्र ने बताया कि कुछ दिनों से सर्दी के साथ बुखार आ रहा है। डॉक्टर को दिखाया, उन्होंने दवा भी लिख दी। मगर, दवा वितरण काउंटर बंद होने के कारण दवा नहीं मिल रही है। काउंटर खुलने तक इंतजार करना पड़ा।
खीरी के मूसेपुर निवासी साबरून निशा ने बताया कि हाथ-पैरों में दर्द हो रहा था। दोपहर में गर्मी से बचने के लिए सुबह ही अस्पताल आ गए थे, लेकिन दवा वाले कमरे में कोई बांटने वाला ही नहीं है। अस्पताल कर्मी दस बजे खुलना बता रहा है।

गोला से आई संजना ने बताया कि बेटी रूबी पेट व सिरदर्द से परेशान थी, जिसका पांच दिन से अस्पताल में इलाज चल रहा है। आज पर्चा लेकर दवा लेने आए तो काउंटर पर कर्मचारी ही नहीं था। किसी ने बताया कि दस बजे के बाद आना तभी दवा मिल सकेंगी।

इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

इमरजेंसी के सामने प्रदर्शन करते फार्मासिस्ट

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